Asian Games 2026 : Breaking भारत ने जीता पहला गोल्ड, बैडमिंटन और वुशु में मेडल पक्के एक्शन से भरपूर मंगलवार

Asian Games 2026 के तीसरे दिन भारत की महिला क्रिकेट टीम ने देश को पहला गोल्ड मेडल दिलाया, वहीं पुरुष बैडमिंटन और वुशु में भी मेडल पक्के हुए। जानें पूरे दिन का हाल।

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भारत ने जीता पहला गोल्ड,

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 के तीसरे दिन भारतीय दल के लिए यह टूर्नामेंट का अब तक का सबसे शानदार दिन साबित हुआ। मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को भारत ने न केवल अपने खाते में पहला स्वर्ण पदक जोड़ा, बल्कि बैडमिंटन और वुशु में भी पदक पक्के कर लिए। इसके अलावा हॉकी, टेबल टेनिस, बॉक्सिंग और जिमनास्टिक्स में भी भारतीय एथलीटों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। दिन के अंत तक भारत का कुल पदक तालिका सात पदकों (एक स्वर्ण, चार रजत और दो कांस्य) तक पहुंच गई।

महिला क्रिकेट टीम ने दिलाया पहला स्वर्ण पदक

Asian games cricket match,दिन की सबसे बड़ी खबर रही हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम का प्रदर्शन। महाद्वीपीय स्तर पर अपने दबदबे को बरकरार रखते हुए भारतीय महिला टीम ने फाइनल में श्रीलंका को करारी शिकस्त देकर अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। यह जीत भारत के लिए इन खेलों का पहला स्वर्ण पदक साबित हुई और टीम ने अपनी बादशाहत को एक बार फिर साबित कर दिखाया।

फाइनल मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा। स्मृति मंधाना और शैफाली वर्मा ने पावरप्ले में शानदार शुरुआत दिलाई, जिसमें दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर पहले छह ओवरों में ही टीम को 67 रन तक पहुंचा दिया। मंधाना ने 38 रन बनाए जबकि शैफाली वर्मा का योगदान 29 रन का रहा। इसके बाद मंधाना ने अपनी पारी को आगे बढ़ाते हुए दसवें ओवर में अर्धशतक पूरा किया, जिसकी बदौलत भारत 14 ओवर के बाद 136 रन तक पहुंच चुका था और सिर्फ एक विकेट खोया था।

पारी की गति को आगे बढ़ाने में शैफाली वर्मा की भी अहम भूमिका रही, जिन्होंने 29 गेंदों में 48 रनों का योगदान दिया। पारी के अंतिम चरण में ऋचा घोष ने भी तूफानी बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 22 गेंदों में नाबाद 49 रन बनाकर टीम के स्कोर को और मजबूत बनाया। एक बल्लेबाज ने तो 45 गेंदों में 79 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम की जीत की नींव रखी। इन सभी योगदानों के दम पर भारतीय महिला टीम ने एक विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके सामने श्रीलंकाई टीम पूरी तरह बिखर गई।

गेंदबाजी में भी भारतीय टीम का दबदबा साफ नजर आया और अंततः भारत ने यह मुकाबला 147 रनों के विशाल अंतर से अपने नाम किया। यह जीत सिर्फ एक स्वर्ण पदक भर नहीं थी, बल्कि पिछले संस्करण की चैंपियन टीम के रूप में अपनी बादशाहत को दोहराने का भी प्रमाण थी। इस जीत के साथ भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने साबित कर दिया कि एशियाई महाद्वीप में उनका कोई सानी नहीं है।

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पुरुष बैडमिंटन टीम ने जापान को हराकर पक्का किया मेडल

क्रिकेट के अलावा दिन की दूसरी बड़ी उपलब्धि रही पुरुष बैडमिंटन टीम का प्रदर्शन। पिछले संस्करण में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम ने इस बार मेजबान देश जापान के खिलाफ एक यादगार जीत दर्ज करते हुए 3-0 से मुकाबला अपने नाम किया। इस जीत के साथ टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई और कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया।

इस मुकाबले में सबसे अहम भूमिका निभाई लक्ष्य सेन ने, जिन्होंने विश्व के सातवें नंबर के खिलाड़ी कोदाई नाराओका के खिलाफ मुश्किल शुरुआत के बावजूद वापसी करते हुए भारत को बढ़त दिलाई। इसके बाद भारतीय जोड़ी ने युगो कोबायाशी के खिलाफ भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 21-18, 24-22 से जीत दर्ज कर टीम को 2-0 की बढ़त दिला दी। इस तरह भारतीय टीम ने मेजबान जापान के खिलाफ दबदबे वाला प्रदर्शन करते हुए क्लीन स्वीप किया और सेमीफाइनल में जगह पक्की की।

हालांकि महिला बैडमिंटन टीम के लिए दिन उतना अच्छा नहीं रहा। क्वार्टरफाइनल मुकाबले में जापान ने भारतीय महिला टीम को 3-1 से हराकर बाहर का रास्ता दिखा दिया। इसके बावजूद पुरुष टीम के प्रदर्शन ने भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी और अब सबकी नजरें सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहां से भारत के पास स्वर्ण पदक तक पहुंचने का भी मौका होगा।

वुशु में रोशिबिना देवी की लगातार तीसरी पदक की गारंटी

Asian games 2026 के तीसरे दिन एक और शानदार खबर वुशु खेल से आई, जहां मणिपुर की रोशिबिना देवी नाओरेम ने अपना असाधारण प्रदर्शन जारी रखते हुए लगातार तीसरी बार एशियन गेम्स पदक पक्का किया। महिलाओं की सांडा 60 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टरफाइनल मुकाबले में रोशिबिना ने मकाऊ, चीन की चू मान सिन को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।

यह मुकाबला आइची प्रीफेक्चुरल मार्शल आर्ट्स हॉल में खेला गया, जहां रोशिबिना ने अपने अनुभव और तकनीक का शानदार प्रदर्शन करते हुए यह जीत दर्ज की। गौरतलब है कि रोशिबिना देवी पहले भी एशियन गेम्स में पदक जीत चुकी हैं और इस बार भी उनसे पदक की पूरी उम्मीद की जा रही थी, जिसे उन्होंने क्वार्टरफाइनल में जीत दर्ज करके पूरा भी कर दिया। अब उनकी नजरें फाइनल में पहुंचकर स्वर्ण पदक जीतने पर टिकी होंगी।

हॉकी में भारत का दबदबा जारी, श्रीलंका को रौंदा

पुरुष हॉकी टीम ने भी दिन को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ग्रुप ए के एक मुकाबले में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 16-1 के विशाल अंतर से हराकर अपने गोल करने के सिलसिले को जारी रखा। यह जीत इस बात का प्रमाण है कि भारतीय हॉकी टीम इस बार पदक की प्रबल दावेदार के रूप में उतरी है और शुरुआती मुकाबलों में टीम का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है। लगातार बड़े अंतर से मिल रही जीत ने टीम के आत्मविश्वास को और मजबूत किया है, जिसका फायदा आगे के नॉकआउट मुकाबलों में मिल सकता है।

टेबल टेनिस में रोमांचक जीत

टेबल टेनिस में भी भारत के लिए दिन अच्छा रहा। महिला टीम ने राउंड ऑफ 16 के एक रोमांचक मुकाबले में थाईलैंड को 3-2 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। यह मुकाबला बेहद करीबी रहा, जिसमें भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव की स्थिति में संयम बनाए रखते हुए जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारतीय महिला टेबल टेनिस टीम के आगे बढ़ने की उम्मीदें बरकरार हैं।

शूटिंग में मिला-जुला प्रदर्शन

निशानेबाजी में भारत का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। पुरुष स्कीट वर्ग में अनंतजीत सिंह नारुका, मैराज खान और भवतेघ सिंह गिल की टीम ने 273 अंकों के साथ दूसरे दिन के बाद पांचवां स्थान हासिल किया। व्यक्तिगत वर्ग में अनंत दूसरे स्थान पर रहे, जबकि मैराज 23वें और भवतेघ 35वें स्थान पर रहे।

महिला स्कीट वर्ग में रायजा ढिल्लों, परिनाज़ ढालीवाल और महेश्वरी चौहान की टीम ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 266 अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। व्यक्तिगत वर्ग में रायजा पांचवें, परिनाज़ नौवें और महेश्वरी 16वें स्थान पर रहीं। यह प्रदर्शन बताता है कि भारतीय निशानेबाज पदक की दौड़ में बने हुए हैं, हालांकि अंतिम दिन के प्रदर्शन पर काफी कुछ निर्भर करेगा।

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बॉक्सिंग और जिमनास्टिक्स में भी उम्मीद जगी

बॉक्सिंग रिंग में भी भारतीय मुक्केबाजों ने अपना अजेय क्रम जारी रखा। साक्षी चौधरी ने महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग के राउंड में फिलीपींस की आइरा विलेगास को मात देकर अगले दौर में प्रवेश किया। यह जीत भारतीय बॉक्सिंग टीम के लिए एक और सकारात्मक संकेत है, क्योंकि टीम अब तक टूर्नामेंट में अपराजित बनी हुई है।

जिमनास्टिक्स में भी भारत के लिए अच्छी खबर आई, जहां जिमनास्ट प्रणति नायक ने वॉल्ट स्पर्धा के फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया। यह भारतीय जिमनास्टिक्स के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इस खेल में भारत का प्रदर्शन ऐतिहासिक रूप से बहुत मजबूत नहीं रहा है। प्रणति नायक के फाइनल में पहुंचने से अब पदक की उम्मीदें भी जगी हैं।

सेपकटकरॉ और घुड़सवारी में निराशा

हर दिन की तरह इस दिन भी कुछ खेलों में भारत को निराशा हाथ लगी। सेपकटकरॉ के पुरुष टीम रेगू वर्ग में भारतीय टीम को ग्रुप बी के मुकाबले में मलेशिया के हाथों 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। यह खेल भारत में अपेक्षाकृत कम लोकप्रिय है, लेकिन टीम की हार से यह साफ है कि इस खेल में भारत को अभी लंबा सफर तय करना है।

घुड़सवारी यानी इक्वेस्ट्रियन में भी भारतीय सवारों का प्रदर्शन खास प्रभावी नहीं रहा। ड्रेसाज स्पर्धा में फुआद मिर्जा अपने घोड़े कैमोफ्लाज 38 के साथ 26वें स्थान पर रहे। अर्जन नागरा अपने घोड़े कूली गुडवुड के साथ 23वें स्थान पर, जबकि आशीष लिमये अपने घोड़े विली बी डन के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 13वें स्थान पर रहे। हालांकि ये नतीजे पदक की दौड़ से बाहर रहे, लेकिन आशीष लिमये का प्रदर्शन भारतीय घुड़सवारी के लिए एक उम्मीद की किरण जरूर है।

ई-स्पोर्ट्स में बराबरी का मुकाबला

पहली बार एशियन गेम्स में शामिल किए गए ई-फुटबॉल इवेंट में भी भारत ने हिस्सा लिया। ग्रुप एफ के मुकाबले में भारत का सामना उज्बेकिस्तान से हुआ, जो 0-0 की बराबरी पर समाप्त हुआ। यह नया खेल भारत के लिए अभी उतना अनुभव समृद्ध नहीं है, लेकिन बराबरी का नतीजा एक सकारात्मक शुरुआत मानी जा सकती है।

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तीसरे दिन के अंत में भारत की पदक तालिका

दिन भर के इस शानदार प्रदर्शन के बाद भारत की कुल पदक संख्या सात तक पहुंच गई, जिसमें एक स्वर्ण, चार रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। हालांकि खेलों की शुरुआत में भारत का पदक तालिका में स्थान दसवां था, लेकिन तीसरे दिन के प्रदर्शन के बाद निश्चित रूप से भारत की रैंकिंग में सुधार होने की उम्मीद है। बैडमिंटन और वुशु में पक्के हुए मेडल आने वाले दिनों में भारत की झोली में और पदक डाल सकते हैं, क्योंकि दोनों ही खेलों में भारतीय खिलाड़ी अब सेमीफाइनल स्तर पर पहुंच चुके हैं और वहां से स्वर्ण या रजत पदक की संभावना भी बनी हुई है।

आगे क्या उम्मीद की जा सकती है

एशियन गेम्स 2026 में भारत का यह प्रदर्शन दिखाता है कि टीम कई खेलों में एक साथ मजबूत दावेदारी पेश कर रही है। महिला क्रिकेट टीम का स्वर्ण पदक जीतना यह साबित करता है कि टीम इंडिया का महिला क्रिकेट में दबदबा बरकरार है। वहीं बैडमिंटन में लक्ष्य सेन की अगुवाई वाली टीम का प्रदर्शन आने वाले सेमीफाइनल मुकाबले में भी उतना ही प्रभावशाली रहने की उम्मीद जगाता है।

वुशु में रोशिबिना देवी का लगातार तीसरा पदक पक्का करना उनके अनुभव और निरंतरता का प्रमाण है, और अब उनसे फाइनल में और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जाएगी। हॉकी टीम का बड़े अंतर से मिल रही जीतों का सिलसिला भी इस बात का संकेत है कि टीम इस बार पदक की मजबूत दावेदार है।

कुल मिलाकर, आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 का तीसरा दिन भारतीय खेल प्रेमियों के लिए यादगार रहा। एक तरफ जहां क्रिकेट में स्वर्ण पदक जीतकर टीम इंडिया ने अपना दबदबा कायम रखा, वहीं दूसरी ओर बैडमिंटन, वुशु, हॉकी और टेबल टेनिस जैसे खेलों में भी भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया। आने वाले दिनों में भारत से और भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है, क्योंकि टूर्नामेंट अभी 4 अक्टूबर तक चलना है और भारतीय दल के कई एथलीट अलग-अलग खेलों में पदक की दौड़ में बने हुए हैं।

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