23 अक्टूबर 2026 को सोने-चांदी ((gold ) में गिरावट आई। जानिए दिल्ली-मुंबई में 24, 22 और 18 कैरेट का भाव, अलग-अलग वेबसाइटों के आंकड़ों में फ़र्क़ क्यों है, गिरावट की वजह और धनतेरस से पहले खरीदारी की सावधानियाँ।

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आज का सोना-चांदी भाव
त्योहारों का मौसम आते ही हर घर में एक ही सवाल पूछा जाता है: “सोना सस्ता हुआ या महँगा?” इस बार धनतेरस से दो हफ़्ते पहले सोने-चांदी के भाव में गिरावट की खबरें आई हैं, और 23 अक्टूबर 2026 की सुबह कई शहरों में भाव नीचे दिखे। लेकिन इन खबरों को पढ़ते समय एक दिक्कत भी सामने आती है: अलग-अलग वेबसाइटें दिल्ली और मुंबई के लिए अलग-अलग आंकड़े दे रही हैं।
कहीं 24 कैरेट सोना(gold) ₹1,44,520 प्रति 10 ग्राम बताया गया है, तो कहीं ₹1,46,000 से ऊपर। चांदी के भाव में तो करीब ₹27,000 प्रति किलो का फ़र्क़ दिखता है। इस लेख में हम इन सारे आंकड़ों को एक जगह रखेंगे, समझेंगे कि फ़र्क़ क्यों है, गिरावट की वजह क्या है, और खरीदारी करने वाले आम परिवार को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। लेख अपने शब्दों में, उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है।
1. 23 अक्टूबर को दिल्ली-मुंबई में सोने का भाव: 24, 22 और 18 कैरेट
सबसे पहले मुख्य आंकड़े। 23 अक्टूबर की सुबह जारी दरों में सबसे ज़्यादा जगह जो आंकड़ा दोहराया गया, वह यह है। दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,44,520 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,32,490 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। मुंबई में 24 कैरेट का भाव ₹1,44,370 प्रति 10 ग्राम रहा। प्रति ग्राम के हिसाब से देखें तो 24 कैरेट ₹14,437, 22 कैरेट ₹13,234 और 18 कैरेट ₹10,828 प्रति ग्राम बताया गया है, और दिल्ली में 24 कैरेट के लिए ₹14,452 प्रति ग्राम, जो देश में सबसे ऊँचा भाव है।
इन्हें 10 ग्राम में बदलें तो मोटा हिसाब यह बनता है:
| शहर | 24 कैरेट (₹/10 ग्राम) | 22 कैरेट (₹/10 ग्राम) | 18 कैरेट (₹/10 ग्राम) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 1,44,520 | 1,32,490 | लगभग 1,08,430 |
| मुंबई | 1,44,370 | लगभग 1,32,340 | लगभग 1,08,280 |
यहाँ मुंबई के 22 कैरेट और दोनों शहरों के 18 कैरेट के आंकड़े मैंने प्रति ग्राम वाले भाव को दस से गुणा करके निकाले हैं, इसलिए इन्हें मोटा अनुमान समझें। शहरों के बीच अंतर बहुत छोटा रहा। मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे में 24 कैरेट का भाव एक जैसा ₹14,437 प्रति ग्राम बताया गया, जबकि वडोदरा और अहमदाबाद में ₹14,442। दिल्ली का थोड़ा ऊँचा रहना स्थानीय कर और परिवहन खर्च जैसे कारकों से जुड़ा माना जाता है।
पिछले कुछ दिनों की चाल भी देखनी चाहिए। एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दिन दिल्ली के सराफा बाज़ार में सोना ₹1,000 सस्ता हुआ था और अब यह तीन महीने के निचले स्तर पर बना हुआ है। एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया कि 20 अक्टूबर को भी सोने में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। यानी यह एक दिन की हलचल नहीं, कुछ दिनों का सिलसिला है।
इसी वजह से एक रिपोर्ट के शीर्षक में कहा गया कि त्योहारों के बीच सोना अक्टूबर के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है। यह हेडलाइन में लिखे “भारी गिरावट” के दावे को आंशिक रूप से सही ठहराती है, पर “भारी” शब्द सापेक्ष है। प्रतिशत के हिसाब से एक दिन में कुछ हज़ार रुपये की गिरावट मध्यम मानी जाएगी, हालाँकि चार-पाँच दिनों में कुल मिलाकर यह ध्यान खींचने लायक है।
2. अलग-अलग वेबसाइटों के भाव में फ़र्क़ क्यों है
अगर आपने एक से ज़्यादा वेबसाइट देखीं, तो आपको अलग-अलग आंकड़े मिले होंगे। यह भ्रम पैदा करता है, इसलिए इसे समझना ज़रूरी है।
कुछ स्रोतों के आंकड़े। गुडरिटर्न्स के अनुसार सुबह 8 बजे दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,512 की गिरावट के साथ ₹1,46,504 पर था, जबकि 22 कैरेट ₹1,34,295 पर। उसी वेबसाइट के मुताबिक मुंबई में 24 कैरेट ₹1,44,480 और 22 कैरेट ₹1,32,440 बताया गया। वहीं न्यूज़ ट्रैक की रिपोर्ट में दिल्ली और लखनऊ में 24 कैरेट ₹1,46,220 और मुंबई-कोलकाता में ₹1,46,070 दर्ज किया गया। दूसरी ओर एक रिपोर्ट में बुलियन के हवाले से 24 कैरेट का भाव ₹1,43,630 प्रति 10 ग्राम बताया गया।
यानी सिर्फ़ दिल्ली के 24 कैरेट के लिए अलग-अलग जगह ₹1,43,630 से लेकर ₹1,46,504 तक के आंकड़े हैं। यह करीब ₹3,000 का फ़र्क़ है। तो ऐसा क्यों?
पहली वजह, समय। सोने का भाव दिन में कई बार बदलता है। कोई वेबसाइट सुबह 8 बजे का भाव दिखाती है, कोई बाज़ार खुलने के बाद का, और कोई पिछले दिन की बंद दर को ही अपडेट किए बिना चला देती है। जब भाव तेज़ी से गिर रहा हो, तो दो घंटे का अंतर भी हज़ारों रुपये का फ़र्क़ ला सकता है।
दूसरी वजह, स्रोत। भारत में सोने के कई तरह के “भाव” चलते हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की दरें एक संदर्भ मानी जाती हैं। MCX पर वायदा भाव अलग होता है। स्थानीय सराफा बाज़ार का भाव इनसे थोड़ा ऊपर-नीचे रहता है, और हर वेबसाइट अलग स्रोत से आंकड़े लेती है। एक रिपोर्ट ने तो खुद साफ़ किया है कि ये केवल सांकेतिक भाव हैं और ज्वेलरी की असली कीमत में अंतर आ सकता है।
तीसरी वजह, कर और शुल्क। कुछ जगह भाव में जीएसटी शामिल नहीं होता, कुछ जगह होता है। ज्वेलरी की असल कीमत में मेकिंग चार्ज और जीएसटी भी जुड़ते हैं, इसलिए दुकान पर जो रकम आपसे ली जाएगी, वह इन “सांकेतिक” भावों से अलग होगी।
चौथी वजह, गुणवत्ता और रिपोर्टिंग की गलतियाँ। कुछ रिपोर्टों में प्रति ग्राम का भाव प्रति 10 ग्राम की जगह लिख दिया जाता है। एक रिपोर्ट में दिल्ली का 24 कैरेट “14,452 रुपये” लिखा मिला, जो असल में प्रति ग्राम का भाव है। ऐसी गलतियाँ पाठकों को चौंका सकती हैं, इसलिए हमेशा देख लें कि भाव प्रति ग्राम है या प्रति 10 ग्राम।
चांदी का मामला और भी उलझा है। गुडरिटर्न्स ने दिल्ली और मुंबई दोनों के लिए चांदी का भाव ₹2,02,142 प्रति किलो बताया। जबकि न्यूज़ ट्रैक ने बड़े शहरों में चांदी ₹2,29,900 प्रति किलो दर्ज की। दोनों में करीब ₹27,000 का अंतर है, जो सिर्फ़ समय या स्रोत से समझाना कठिन है। इसलिए चांदी के लिए मैं कोई एक पक्का आंकड़ा नहीं दे रहा। अगर आपको चांदी खरीदनी है, तो अपने स्थानीय सराफ़ा या आधिकारिक बुलियन संघ से उसी समय का भाव पूछकर ही निर्णय लें।
इसलिए क्या करें? एक वेबसाइट पर भरोसा करने की जगह दो-तीन स्रोतों का औसत देखें, और असल सौदे से पहले ज्वेलर से उसी समय का भाव लिखित में लें। भाव और बिल का मिलान ज़रूर करें।
3. गिरावट की वजह: अंतरराष्ट्रीय बाज़ार और रुपये की भूमिका
भारत में सोने की कीमत दो बड़ी चीज़ों से तय होती है: अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोने का भाव (डॉलर प्रति औंस) और डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत। भारत अपना ज़्यादातर सोना आयात करता है, इसलिए वैश्विक भाव घटे तो घरेलू भाव भी नीचे आते हैं।
इस बार का मुख्य कारण यही है। रिपोर्ट के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोना करीब 2.4% गिरकर 4,041.39 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जो 3 अगस्त के बाद का सबसे निचला स्तर है। एक अन्य रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय भाव ₹4,035.70 डॉलर प्रति औंस के आसपास बताया गया। दोनों आंकड़े एक ही दायरे में हैं और मौजूदा गिरावट की दिशा की पुष्टि करते हैं।
एक दिन में ढाई प्रतिशत की गिरावट सोने जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्ति के लिए काफ़ी बड़ी होती है। आमतौर पर सोने के भाव में ऐसी गिरावट के पीछे कुछ सामान्य कारण गिनाए जाते हैं। इनमें डॉलर का मज़बूत होना, अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों में बदलाव, निवेशकों का मुनाफ़ा वसूली करना और जोखिम वाली संपत्तियों की ओर रुझान शामिल हैं।
मेरे सामने मौजूद रिपोर्टों में से किसी ने भी इस ख़ास गिरावट की एक पक्की वजह साफ़ तौर पर नहीं बताई। इसलिए यहाँ दी गई कारणों की सूची सामान्य बाज़ार-समझ पर आधारित है, इस विशेष दिन की पुष्ट वजह नहीं।
एक और बात ध्यान देने की है। हाल के महीनों में सोने ने बहुत ऊँचे स्तर छुए थे। पिछली एक खबर में दशहरे के आसपास दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,48,200 प्रति 10 ग्राम तक पहुँचने का ज़िक्र मिलता है। इस हिसाब से ताज़ा गिरावट उस ऊँचाई से कुछ हज़ार रुपये नीचे की है।
यानी भाव अब भी ऐतिहासिक रूप से काफ़ी ऊँचे हैं, बस थोड़ा ठंडे हुए हैं। जो लोग कुछ साल पहले के भाव याद करते हैं, उनके लिए यह अब भी बहुत महँगा लगेगा। उदाहरण के लिए, 2022 के आसपास 24 कैरेट सोना करीब ₹50,000 प्रति 10 ग्राम के क़रीब बिक रहा था, जैसा पुराने आर्थिक लेखों में दर्ज है। इन चार वर्षों में भाव लगभग तीन गुना हो गया है।
त्योहार और शादी का मौसम घरेलू माँग बढ़ाता है, जो गिरावट को कुछ हद तक थाम भी सकता है। अगर धनतेरस के आसपास खरीदारी बढ़ी, तो स्थानीय स्तर पर भाव में उछाल भी आ सकता है, भले अंतरराष्ट्रीय बाज़ार कमज़ोर रहे। इसलिए यह भविष्यवाणी करना मुश्किल है कि अगले दो हफ़्तों में भाव ऊपर जाएँगे या नीचे। कोई भी जानकार इसे पक्के तौर पर नहीं बता सकता।
4. खरीदने से पहले क्या देखें: धनतेरस के लिए व्यावहारिक सलाह
धनतेरस 6 नवंबर 2026 को है, यानी अभी करीब दो हफ़्ते बाकी हैं। गिरते भाव में खरीदारी का फ़ैसला लेना हर किसी के लिए अलग होता है। नीचे कुछ व्यावहारिक बातें हैं, जो किसी भी भाव पर काम आएँगी। यह निवेश की सलाह नहीं है, मैं वित्तीय सलाहकार नहीं हूँ।
हॉलमार्क देखें। भारत में सोने के गहनों पर BIS हॉलमार्क ज़रूरी है, और इसमें शुद्धता (कैरेट), HUID नंबर और ज्वेलर की पहचान दर्ज होती है। रिपोर्ट में भी खरीदारों को हॉलमार्क, शुद्धता, मेकिंग चार्ज और बिल जाँचने की सलाह दी गई है। HUID नंबर BIS के ऐप या वेबसाइट पर डालकर जाँचा जा सकता है।
कैरेट का फ़र्क़ समझें। 24 कैरेट सबसे शुद्ध (लगभग 99.9%) होता है, पर बहुत नरम होने के कारण गहनों के लिए आमतौर पर 22 कैरेट (लगभग 91.6%) इस्तेमाल होता है। 18 कैरेट में सोने की मात्रा 75% होती है और उसमें दूसरी धातुएँ ज़्यादा मिली होती हैं। सिक्के और बार आमतौर पर 24 कैरेट में मिलते हैं, जबकि हार, चूड़ियाँ और अंगूठियाँ 22 या 18 कैरेट में। इसी वजह से तीनों कैरेट के भाव अलग हैं।
मेकिंग चार्ज की तुलना करें। गहनों की असल कीमत में सोने के भाव के अलावा मेकिंग चार्ज (कारीगरी का खर्च) जुड़ता है, जो अलग-अलग ज्वेलर पर अलग हो सकता है और डिज़ाइन पर निर्भर करता है। कुछ दुकानें मेकिंग चार्ज में छूट देकर त्योहारी ऑफ़र चलाती हैं, पर अक्सर इसकी भरपाई ऊँचे भाव या दूसरे शुल्कों से हो जाती है। दो-तीन जगह से कुल बिल की तुलना करें, केवल “मेकिंग चार्ज में छूट” पर न टिकें।
जीएसटी और बिल। सोने पर जीएसटी लगता है, और मेकिंग चार्ज पर अलग दर से। हमेशा पक्का बिल लें, जिसमें वज़न, शुद्धता, भाव, मेकिंग चार्ज और कर अलग-अलग दर्ज हों। बाद में बेचने या बदलने के समय यही बिल काम आता है।
वज़न और पत्थर। जिन गहनों में नग या मोती जड़े हों, उनका वज़न सोने के वज़न से अलग गिना जाता है। बिल में “शुद्ध सोने का वज़न” देखें, पूरे गहने का नहीं।
बाद में बेचने पर क्या मिलेगा। गहने बेचते समय आमतौर पर मेकिंग चार्ज वापस नहीं मिलता, और ज्वेलर कुछ कटौती भी करता है। इसलिए अगर निवेश का इरादा है, तो सिक्के या बार में खरीद गहनों के मुकाबले आमतौर पर कम “घाटे” वाली मानी जाती है।
विकल्प भी देखें। जो लोग भौतिक सोना नहीं रखना चाहते, वे गोल्ड ETF या गोल्ड म्यूचुअल फंड जैसे विकल्प देख सकते हैं, जिनमें चोरी का डर और मेकिंग चार्ज नहीं होता। सरकार की सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना की उपलब्धता और शर्तें समय के साथ बदली हैं, इसलिए इसकी ताज़ा स्थिति आधिकारिक स्रोत से जाँच लें। इन सबके अपने टैक्स नियम और जोखिम हैं, और कीमत बढ़-घट सकती है।
किश्तों में खरीदें। जो लोग भाव के उतार-चढ़ाव से घबराते हैं, वे अपनी ज़रूरत की रकम को दो-तीन हिस्सों में बाँटकर अलग-अलग दिनों में खरीदने पर विचार कर सकते हैं, ताकि औसत भाव मिल जाए। यह कोई पक्की रणनीति नहीं, एक सामान्य तरीका भर है।
उधार लेकर या क्षमता से ज़्यादा न खरीदें। त्योहार के नाम पर क्रेडिट कार्ड या ईएमआई पर सोना खरीदना अक्सर ब्याज के कारण महँगा पड़ता है। परंपरा निभाने के लिए छोटा सिक्का या चांदी का सिक्का भी पर्याप्त हो सकता है।
ठगी से बचें। त्योहारों में नकली ऑफ़र और “डिजिटल गोल्ड” के नाम पर अनजान ऐप्स के जाल बढ़ जाते हैं। सिर्फ़ भरोसेमंद ज्वेलर या मान्य प्लेटफ़ॉर्म से खरीदें, और किसी को OTP या UPI पिन न बताएँ।
23 अक्टूबर को सोने-चांदी में गिरावट की खबर सही है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोना करीब 2.4% टूटकर 4,000 डॉलर प्रति औंस के आसपास आया है, और भारत में 24 कैरेट सोना दिल्ली में ज़्यादातर रिपोर्टों के अनुसार ₹1.44 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास है, हालाँकि कुछ स्रोतों में यह ₹1.46 लाख से ऊपर भी दिखा। चांदी के आंकड़ों में बड़ा विरोधाभास है, इसलिए उसके लिए लाइव भाव ही देखें।
गिरावट के बावजूद भाव ऐतिहासिक रूप से ऊँचे हैं, और अगले कुछ दिनों में उनकी दिशा तय करना किसी के लिए आसान नहीं। खरीदारी करते समय भाव से ज़्यादा ज़रूरी है हॉलमार्क, पक्का बिल, मेकिंग चार्ज की तुलना और अपनी जेब की क्षमता। परंपरा निभाइए, पर समझदारी के साथ।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए भाव सांकेतिक हैं और अलग-अलग समाचार स्रोतों पर आधारित हैं, जो समय के साथ बदलते रहते हैं। असल खरीद-बिक्री से पहले अपने ज्वेलर या आधिकारिक बुलियन संघ से ताज़ा भाव की पुष्टि करें। मैं वित्तीय या कर सलाहकार नहीं हूँ, इसलिए इसे निवेश की सलाह न समझें। बड़ी खरीद या निवेश से पहले किसी योग्य सलाहकार से परामर्श लें।
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