साउथ एक्ट्रेस अनुपमा परमेश्वरन(Anupama Parameswaran) ने खुलासा किया कि उन्हें 2 साल तक नार्सिसिस्टिक एब्यूज़ झेलना पड़ा। जानें क्यों नहीं किया ‘ड्रैगन’ का प्रमोशन और ध्रुव विक्रम से जुड़ी अटकलें।

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साउथ इंडियन सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री अनुपमा परमेश्वरन इन दिनों एक बेहद निजी और भावुक खुलासे को लेकर सुर्खियों में हैं। अपनी बेहतरीन एक्टिंग और स्क्रीन प्रेज़ेंस के लिए जानी जाने वाली अनुपमा ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अपनी ज़िंदगी के सबसे मुश्किल दौर के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उन्हें एक रिश्ते में दो साल तक “नार्सिसिस्टिक एब्यूज़” यानी मानसिक और भावनात्मक शोषण का सामना करना पड़ा। यह खुलासा न सिर्फ उनके फैंस बल्कि पूरे सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इसी बातचीत में उन्होंने यह भी बताया कि आखिर उन्होंने अपनी सबसे बड़ी हिट फिल्म ‘ड्रैगन’ का प्रमोशन क्यों नहीं किया था।
अनुपमा परमेश्वरन कौन हैं?
अनुपमा परमेश्वरन Anupama Parameswaran साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री की एक जानी-मानी अभिनेत्री हैं, जिन्होंने मलयालम, तेलुगु और तमिल—तीनों भाषाओं की फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मलयालम फिल्म ‘प्रेमम’ (2015) से की थी, जो उस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक साबित हुई। इस फिल्म ने न सिर्फ अनुपमा को रातों-रात स्टार बना दिया, बल्कि साउथ सिनेमा में उन्हें एक भरोसेमंद और टैलेंटेड एक्ट्रेस के तौर पर स्थापित भी कर दिया।
इसके बाद अनुपमा ने कई बड़ी और सफल फिल्मों में काम किया, जिनमें उनकी अदाकारी को खूब सराहा गया। हाल के वर्षों में उनकी फिल्म ‘ड्रैगन’ (2025) उनके करियर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में गिनी जाती है। इसके अलावा उन्होंने ‘किष्किंधापुरी’ जैसी फिल्मों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। अपनी सहज अदाकारी और बेबाक अंदाज़ के लिए वे हमेशा से चर्चा में रहती हैं।
पर्दे पर एक सफल और आत्मविश्वास से भरी अभिनेत्री की छवि रखने वाली अनुपमा ने अब पहली बार अपनी निजी ज़िंदगी के एक बेहद दर्दनाक अध्याय के बारे में खुलकर बात की है, जिसने उनके फैंस को हैरान कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
पिछले महीने यानी जुलाई 2026 में अनुपमा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक रहस्यमयी पोस्ट शेयर की थी, जिसमें उन्होंने लिखा था कि शांति पाने के लिए मृत रिश्तों को छोड़ना ज़रूरी होता है। उस समय यह पोस्ट किसी ब्रेकअप के संकेत के तौर पर देखी गई थी, लेकिन अनुपमा ने तब इस पर कोई खुलकर बात नहीं की थी।
अब, यूट्यूबर धन्या वर्मा के साथ एक हालिया इंटरव्यू में अनुपमा ने आखिरकार इस पोस्ट के पीछे की पूरी कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि उस एक पोस्ट के पीछे दो साल का दर्द, शारीरिक और भावनात्मक टूटन छिपी हुई थी। उन्होंने यह भी साफ किया कि यह पोस्ट किसी अचानक आए गुस्से में नहीं, बल्कि लंबे समय तक खुद को ठीक करने और हीलिंग की प्रक्रिया से गुज़रने के बाद शेयर की गई थी।
नार्सिसिस्टिक एब्यूज़ के बारे में अनुपमा ने क्या बताया?
इंटरव्यू के दौरान अनुपमा ने बेहद संवेदनशील और गहराई से इस विषय पर बात की। उन्होंने बताया कि उन्हें एक रिश्ते में दो साल तक नार्सिसिस्टिक एब्यूज़ का सामना करना पड़ा। उन्होंने इस दौरान यह भी समझाया कि किस तरह ऐसे रिश्ते शुरुआत में बेहद प्यार भरे और आकर्षक लगते हैं—जिसे मनोविज्ञान की भाषा में “लव बॉम्बिंग” कहा जाता है—लेकिन धीरे-धीरे यही रिश्ता कंट्रोल और दबाव में बदल जाता है।
अनुपमा के मुताबिक, जैसे-जैसे व्यक्ति यह मान लेता है कि यही वह इंसान है जिसके साथ उसे पूरी ज़िंदगी बितानी है, वैसे-वैसे सामने वाले का असली स्वभाव सामने आने लगता है। उन्होंने कहा कि इसके बाद रिश्ते में कंट्रोल और सख्ती और भी बढ़ जाती है।
उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति के साथ वे इस रिश्ते में थीं, उसने धीरे-धीरे उनकी ज़िंदगी के हर पहलू पर नियंत्रण करना शुरू कर दिया था। इसमें उनकी ड्रेसिंग स्टाइल, सोशल मीडिया पर वे क्या पोस्ट करती हैं, यहां तक कि वे कौन-सी फिल्में देखती हैं—यह सब भी शामिल था। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें एक्टिंग छोड़ने के लिए भी दबाव डाला गया था।
अनुपमा ने आगे बताया कि मुलाकात के कुछ ही महीनों के भीतर उन पर सगाई और शादी के लिए दबाव बनाया जाने लगा था। हालांकि उन्होंने इसे लगातार टालने की कोशिश की, क्योंकि उन्हें यह प्यार से ज़्यादा उन्हें नियंत्रित करने की एक कोशिश महसूस होती थी।
मानसिक और शारीरिक असर
इस रिश्ते का असर सिर्फ भावनात्मक स्तर पर ही नहीं, बल्कि अनुपमा की सेहत पर भी गहराई से पड़ा। उन्होंने बताया कि इस दौर में वे गंभीर डिप्रेशन, एंग्ज़ायटी और शारीरिक कमज़ोरी से गुज़रीं, जिसके चलते उनका वज़न भी काफी कम हो गया था। उन्होंने बताया कि वे अक्सर फिल्म सेट पर अपने ट्रेलर में अकेले जाकर रोया करती थीं और उन्हें बार-बार पैनिक अटैक भी आते थे।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उन्होंने बताया कि इस मानसिक तनाव के चलते वे अपने ही भाई को छूने से भी डरने लगी थीं। यह सुनकर साफ अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि यह दौर उनके लिए कितना कठिन और तकलीफदेह रहा होगा।

‘ड्रैगन’ का प्रमोशन क्यों नहीं किया?
इस पूरे इंटरव्यू का सबसे चर्चित हिस्सा वह रहा जब अनुपमा ने बताया कि इस टॉक्सिक रिश्ते ने उनके करियर को किस हद तक प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि ‘ड्रैगन’ उनके करियर की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने इसके प्रमोशन में हिस्सा नहीं लिया।
उन्होंने साफ किया कि इसकी वजह कोई प्रोफेशनल कारण नहीं था, बल्कि उनकी निजी ज़िंदगी में चल रही उथल-पुथल थी। उन्होंने बताया कि उनके पार्टनर ने सिर्फ उनकी निजी ज़िंदगी ही नहीं, बल्कि उनके करियर से जुड़े फैसलों पर भी नियंत्रण करना शुरू कर दिया था। इसी दबाव में उन्होंने कई अच्छे प्रोजेक्ट्स को भी ठुकरा दिया, जो सामान्य परिस्थितियों में शायद उन्होंने स्वीकार किए होते।
उन्होंने यह भी कहा कि जहां उन्हें करियर में आगे बढ़ना और खिलना चाहिए था, वहीं वे खुद को सिकुड़ता हुआ महसूस कर रही थीं।
किस चीज़ ने उन्हें खुलकर बोलने के लिए प्रेरित किया?
अनुपमा ने बताया कि उन्हें यह सब सार्वजनिक रूप से साझा करने की प्रेरणा एक इंस्टाग्राम रील से मिली, जिसमें अभिनेत्री मैडोना सेबेस्टियन नार्सिसिस्टिक एब्यूज़ के विषय पर बात कर रही थीं। अनुपमा ने बताया कि उस रील को देखकर उनकी शारीरिक प्रतिक्रिया इतनी तीव्र थी कि वे कांपने लगी थीं।
इसी अनुभव ने उन्हें एहसास कराया कि वे अकेली नहीं हैं और शायद उनकी कहानी सुनकर कई और लोग भी इसे पहचान पाएंगे। उन्होंने अपने इंटरव्यू में यह भी बताया कि इस विषय पर लोगों की चार अलग-अलग श्रेणियां होती हैं—पहली वे जो खुद इससे गुज़र चुके हैं या जिन्होंने अपने करीबियों को इससे गुज़रते देखा है, दूसरी वे जिन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं, तीसरी वे जो इसे सिर्फ एक जेंडर से जोड़कर नकारात्मक टिप्पणियां करते हैं, और चौथी और सबसे अहम श्रेणी वे लोग हैं जो इस दौर से गुज़र तो रहे हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक इसे पहचाना नहीं है। अनुपमा ने कहा कि उनका असली संदेश इसी आखिरी वर्ग के लोगों के लिए है।
उन्होंने यह भी बताया कि अगर वे उस वक्त सगाई की प्रक्रिया को न रोकतीं, तो शायद वे उसी व्यक्ति से शादी कर लेतीं और बाद में तलाक जैसी स्थिति से गुज़रना पड़ता। उन्होंने उन लोगों को भी जवाब दिया जिन्होंने अतीत में उन्हें “गोल्ड डिगर” जैसे शब्दों से नवाज़ा था।
धृव विक्रम से जुड़ी अटकलें
अनुपमा ने अपने इस पूरे इंटरव्यू में कहीं भी उस व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया, जिसके साथ उन्हें यह मुश्किल दौर झेलना पड़ा। हालांकि, उनके इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर तमाम अटकलें शुरू हो गई हैं कि क्या यह इशारा अभिनेता विक्रम के बेटे धृव विक्रम की ओर है।
बता दें कि पिछले कुछ समय से अनुपमा और धृव विक्रम के डेटिंग की अफवाहें चलती रही हैं। कहा जाता है कि दोनों की मुलाकात और नज़दीकियां फिल्म ‘बाइसन कालामादान’ की शूटिंग के दौरान बढ़ीं। इस साल की शुरुआत में चेन्नई के एक अवॉर्ड शो में जब धृव ने स्टेज से अनुपमा को जन्मदिन की बधाई दी, तो अनुपमा शरमाती हुई नज़र आई थीं, जिसने इन अटकलों को और हवा दी। इसके अलावा, दोनों के एक शेयर्ड स्पॉटिफाई प्लेलिस्ट को लेकर भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई थी।
हालांकि यह ध्यान देने वाली बात है कि न तो अनुपमा और न ही धृव विक्रम ने आधिकारिक तौर पर कभी इन डेटिंग अफवाहों की पुष्टि की है, और न ही अनुपमा ने अपने इंटरव्यू में किसी का नाम लिया है। ऐसे में यह सिर्फ सोशल मीडिया यूज़र्स की अटकलें हैं, कोई पुष्ट जानकारी नहीं।
सोशल मीडिया पर मची हलचल
अनुपमा के इस साहसिक खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर उनके सपोर्ट में कई पोस्ट्स देखने को मिल रही हैं। फैंस उनकी हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं और कह रहे हैं कि इतने बड़े प्लेटफॉर्म पर अपनी निजी तकलीफ के बारे में खुलकर बोलना आसान नहीं होता। वहीं दूसरी ओर, कई यूज़र्स इस पूरे मामले को धृव विक्रम से जोड़कर कयास लगा रहे हैं, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
यह पूरा वाकया एक बार फिर इस बात को रेखांकित करता है कि किस तरह सेलिब्रिटीज़ की निजी ज़िंदगी सार्वजनिक चर्चा का विषय बन जाती है, भले ही वे खुद किसी का नाम न लें।
पहले भी सुर्खियों में रही हैं अनुपमा
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब अनुपमा परमेश्वरन को ऑनलाइन किसी मुश्किल स्थिति का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले भी उन्होंने ऑनलाइन उत्पीड़न को लेकर कानूनी कार्रवाई की थी। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम के ज़रिए बताया था कि तमिलनाडु की एक 20 वर्षीय महिला के खिलाफ उन्होंने कानूनी शिकायत दर्ज कराई थी, जो उनके और उनके परिवार के बारे में भ्रामक और अनुचित सामग्री सोशल मीडिया पर शेयर कर रही थी।
अनुपमा ने बताया था कि उस अकाउंट से मॉर्फ की गई तस्वीरें और झूठे आरोप शेयर किए जा रहे थे, और यह उनके करीबी दोस्तों तथा को-एक्टर्स को भी टैग किया जा रहा था। उन्होंने केरल साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद आरोपी की पहचान हो सकी। हालांकि, आरोपी की कम उम्र को देखते हुए अनुपमा ने उसकी पहचान उजागर न करने का फैसला किया था।
इस घटनाक्रम से भी यह स्पष्ट होता है कि अनुपमा हमेशा से अपनी और अपने परिवार की गरिमा को लेकर सजग रही हैं, और गलत जानकारी या उत्पीड़न के खिलाफ खुलकर आवाज़ उठाती रही हैं।
नार्सिसिस्टिक एब्यूज़ को समझना क्यों ज़रूरी है?
अनुपमा के इस खुलासे ने एक बार फिर इस बेहद अहम लेकिन अक्सर नज़रअंदाज़ किए जाने वाले विषय पर बात करने का मौका दिया है। नार्सिसिस्टिक एब्यूज़ एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें रिश्ते में एक व्यक्ति दूसरे पर धीरे-धीरे भावनात्मक नियंत्रण स्थापित कर लेता है। यह अक्सर बेहद प्यार और आकर्षण के साथ शुरू होता है, लेकिन धीरे-धीरे इसमें कंट्रोल, मैनिपुलेशन और इमोशनल दबाव शामिल होने लगता है।
पीड़ित व्यक्ति को अक्सर यह समझने में लंबा वक्त लग जाता है कि वह किसी अस्वस्थ रिश्ते में है, क्योंकि शुरुआती दौर में सब कुछ सामान्य और प्यार भरा लगता है। यही वजह है कि अनुपमा ने अपने इंटरव्यू में खासतौर पर उन लोगों की बात की, जो अभी इस स्थिति से गुज़र तो रहे हैं, लेकिन इसे पहचान नहीं पाए हैं।
अपनी आवाज़ के ज़रिए अनुपमा ने न सिर्फ अपनी तकलीफ साझा की, बल्कि एक बड़े सामाजिक मुद्दे पर भी रोशनी डाली है, जो अक्सर खुलकर बात करने से कतराया जाता है, खासकर तब जब बात किसी मशहूर हस्ती से जुड़ी हो।
अनुपमा परमेश्वरन का यह खुलासा सिर्फ एक सेलिब्रिटी गॉसिप नहीं, बल्कि एक बेहद संवेदनशील और ज़रूरी बातचीत की शुरुआत है। उन्होंने बड़ी हिम्मत के साथ अपनी निजी तकलीफ को सार्वजनिक मंच पर साझा किया, ताकि उनकी कहानी से कोई और भी अपनी स्थिति को पहचान सके और सही समय पर सही कदम उठा सके।
हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयानों ने धृव विक्रम को लेकर चल रही अटकलों को और हवा दे दी है। फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और यह सिर्फ कयास ही हैं।
अनुपमा का यह कदम निश्चित रूप से कई लोगों के लिए प्रेरणादायक साबित होगा, खासकर उन लोगों के लिए जो शायद अभी खुद किसी टॉक्सिक रिश्ते से जूझ रहे हों, लेकिन उसे पहचान नहीं पा रहे हों।
अगर आप भी किसी ऐसे रिश्ते से गुज़र रहे हैं जो आपको खुद को खोता हुआ महसूस कराता है, तो अकेले मत रहिए — किसी भरोसेमंद दोस्त, परिवार या काउंसलर से बात करें। इस विषय पर हमारी और स्टोरीज़ पढ़ने के लिए साथ बने रहें।