Elon musk partner half indian,Elon Musk ने The Economist को दिए इंटरव्यू में नस्लवाद के आरोपों को सिरे से नकारा। जानिए उनकी पार्टनर Shivon Zilis, बेटे Strider Sekhar का नाम और पूरा विवाद।

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एलन मस्क का नस्लवाद के आरोपों पर जवाब: “मेरी पार्टनर आधी भारतीय हैं”
टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई नई कंपनी लॉन्च या रॉकेट लॉन्च नहीं, बल्कि उन पर लगे नस्लवाद (रेसिज्म) के आरोप हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में मस्क ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपनी निजी जिंदगी का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टनर शिवोन ज़िलिस आधी भारतीय मूल की हैं, और उनके एक बेटे का नाम मशहूर भारतीय वैज्ञानिक सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर के सम्मान में रखा गया है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है, जहां कुछ लोग मस्क के तर्क का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ इसे “बचकाना” या “अपर्याप्त” तर्क बता रहे हैं।
मामला क्या है?
एलन मस्क लंबे समय से अपने सोशल मीडिया पोस्ट्स और सार्वजनिक बयानों की वजह से विवादों में घिरे रहे हैं। आलोचकों का आरोप है कि उन्होंने इमिग्रेशन (आप्रवासन) और नस्ल जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बंटवारा पैदा करने वाली बातें फैलाई हैं। साथ ही उन्होंने यूरोप की कुछ दक्षिणपंथी (राइट-विंग) राजनीतिक पार्टियों का समर्थन भी किया है, जिसकी वजह से उन पर नस्लीय पूर्वाग्रह (रेशियल बायस) रखने के आरोप लगते रहे हैं।
इसी कड़ी में द इकोनॉमिस्ट पत्रिका के साथ हुए एक इंटरव्यू में, जब संपादक जैनी मिंटन बेड्डोस ने मस्क से पूछा कि क्या उनकी बयानबाजी धुर-दक्षिणपंथी विचारधारा से मेल खाती है, तो मस्क ने सीधा जवाब देने के बजाय अपनी निजी जिंदगी की तरफ इशारा किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टनर शिवोन ज़िलिस आधी भारतीय हैं और उनके साथ उनके चार बच्चे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इनमें से एक बेटे का नाम मशहूर भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर के सम्मान में रखा गया है। मस्क ने आगे यह भी कहा कि उनकी कंपनियों में हर नस्ल के वरिष्ठ अधिकारी काम करते हैं, इसलिए वहां किसी तरह के नस्लवाद की गुंजाइश नहीं है।
बेटे का नाम “स्ट्राइडर सेखर सिरियस” क्यों?
मस्क और शिवोन ज़िलिस के जुड़वां बच्चों में से एक बेटे का पूरा नाम है “स्ट्राइडर सेखर सिरियस” (Strider Sekhar Sirius)। इस नाम के पीछे की कहानी दिलचस्प है:
- स्ट्राइडर (Strider): यह नाम जे.आर.आर. टॉल्किन की मशहूर किताब “द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स” के किरदार अरागोर्न के उपनाम से लिया गया है।
- सेखर (Sekhar): यह नाम भारतीय मूल के खगोल भौतिक विज्ञानी (एस्ट्रोफिजिसिस्ट) सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर को श्रद्धांजलि देने के लिए रखा गया है। चंद्रशेखर को साल 1983 में तारों की संरचना और उनके विकास से जुड़े सैद्धांतिक अध्ययन के लिए भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला था।
मस्क ने इस नाम की कहानी सबसे पहले भारतीय निवेशक और ज़ेरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामथ के साथ हुए एक पॉडकास्ट “पीपल बाय WTF” में साझा की थी। उस बातचीत में मस्क ने बताया था कि उनके एक बेटे का बीच का नाम “सेखर” है, जो चंद्रशेखर के नाम पर रखा गया है। इसी पॉडकास्ट में उन्होंने यह भी बताया कि शिवोन को बचपन में गोद दे दिया गया था और उनका पालन-पोषण कनाडा में हुआ, हालांकि उनके पिता एक भारतीय एक्सचेंज स्टूडेंट रहे थे।
शिवोन ज़िलिस कौन हैं?
शिवोन ज़िलिस एलन मस्क की न्यूरालिंक कंपनी में डायरेक्टर ऑफ ऑपरेशंस एंड स्पेशल प्रोजेक्ट्स के पद पर कार्यरत हैं। मस्क और ज़िलिस के अब तक चार बच्चे हैं:
- स्ट्राइडर और एज़्योर – जुड़वां बच्चे, जिनमें से स्ट्राइडर का नाम चंद्रशेखर के नाम पर है। एज़्योर का नाम लोकप्रिय वीडियो गेम “एल्डन रिंग” के एक जादू (स्पेल) से प्रेरित है।
- आर्केडिया – बेटी, जिसका जन्म फरवरी 2024 में हुआ।
- सेल्डन लाइकर्गस – बेटा, जिसका जन्म फरवरी 2025 में हुआ।
यह पहली बार नहीं है
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब मस्क ने अपनी पार्टनर और बेटे के नाम का हवाला देकर खुद को नस्लवाद के आरोपों से अलग किया हो। इससे पहले जनवरी 2026 में भी उनका वेंचर कैपिटलिस्ट विनोद खोसला के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखी बहस हुई थी। खोसला ने मस्क पर नस्लवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था और मस्क की कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों से खोसला वेंचर्स के पोर्टफोलियो में शामिल होने की अपील की थी। यह विवाद मस्क की एक पुरानी पोस्ट से जुड़ा था, जिसमें उन्होंने दुनिया में श्वेत आबादी (व्हाइट पॉपुलेशन) के घटते प्रतिशत का जिक्र किया था।
इस बहस के जवाब में मस्क ने तीखी भाषा में खोसला पर पलटवार करते हुए फिर से यही तर्क दिया कि उनकी पार्टनर शिवोन आधी भारतीय हैं और उनके सबसे बड़े बेटे का नाम महान भारतीय वैज्ञानिक चंद्रशेखर के सम्मान में रखा गया है।
आलोचकों की प्रतिक्रिया
मस्क के इस जवाब पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। कई यूजर्स ने उनके तर्क को अपर्याप्त बताया। एक यूजर ने कहा कि सिर्फ पार्टनर या बच्चे के नाम का हवाला देना असल मुद्दे को संबोधित नहीं करता। आलोचकों का मानना है कि किसी व्यक्ति के निजी संबंधों से यह साबित नहीं होता कि उसकी सार्वजनिक बयानबाजी या नीतियां नस्लीय रूप से पक्षपाती नहीं हैं।
यह भी उल्लेखनीय है कि मस्क ने अतीत में नस्ल से जुड़े कई बयान दिए हैं जो विवादों में रहे। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर एक बार लिखा था कि श्वेत लोग तेजी से घटती हुई अल्पसंख्यक आबादी हैं। इसके अलावा उन्होंने एक पोस्ट पर सहमति भी जताई थी जिसमें कहा गया था कि “श्वेत एकजुटता ही जीवित रहने का एकमात्र रास्ता है।” इन बयानों की वजह से आलोचकों को उन पर सवाल उठाने का मौका मिलता रहा है।
मस्क की मां भी विवादों में
इस पूरे प्रकरण के बीच मस्क की मां मे मस्क भी चर्चा में आईं, जब उन्होंने अपने बेटे का बचाव करते हुए एक टिप्पणी की, जिसे कुछ लोगों ने नस्लीय रूप से आपत्तिजनक बताया। इससे यह बहस और गहरी हो गई कि क्या मस्क परिवार में नस्ल को लेकर पूर्वाग्रह की जड़ें हैं। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह एक अलग विवाद है और इसका सीधा संबंध द इकोनॉमिस्ट इंटरव्यू से नहीं है।
तर्क पर बहस: क्या पार्टनर की जाति से नस्लवाद तय होता है?
Elon musk partner half indian इस पूरे विवाद के केंद्र में एक बड़ा सवाल है – क्या किसी व्यक्ति के निजी रिश्तों (जैसे पार्टनर की जाति या बच्चे के नाम) के आधार पर यह तय किया जा सकता है कि वह नस्लवादी है या नहीं? यह एक ऐसा विषय है जिस पर समाजशास्त्री और टिप्पणीकार लंबे समय से बहस करते आए हैं।
एक तरफ के लोगों का मानना है कि निजी जीवन में विविधता (diversity) होना यह दिखाता है कि व्यक्ति के मन में किसी खास समुदाय के प्रति नफरत नहीं है। दूसरी तरफ के आलोचकों का तर्क है कि यह एक पुराना और सरलीकृत बचाव है, जिसे अक्सर “कुछ मेरे दोस्त उस समुदाय से हैं” वाली दलील की तरह देखा जाता है। उनका कहना है कि किसी की सार्वजनिक नीतियों, बयानों या कंपनियों के फैसलों का आकलन उसके निजी रिश्तों से नहीं, बल्कि उसके शब्दों और कार्यों से किया जाना चाहिए।
यह बहस सिर्फ मस्क तक सीमित नहीं है – यह एक व्यापक सामाजिक चर्चा का हिस्सा है कि नस्लवाद के आरोपों का जवाब देने का सही तरीका क्या होना चाहिए।

मस्क की कंपनियों में विविधता का दावा
मस्क ने इंटरव्यू में यह भी दावा किया कि उनकी कंपनियों – टेस्ला, स्पेसएक्स और xAI – में हर नस्ल के वरिष्ठ अधिकारी काम करते हैं, इसलिए वहां किसी तरह के भेदभाव की गुंजाइश नहीं है। हालांकि आलोचकों ने इस दावे पर भी सवाल उठाए हैं, और कहा है कि सिर्फ विविध कार्यबल (diverse workforce) होना संस्थागत भेदभाव (institutional discrimination) या पूर्वाग्रह की अनुपस्थिति साबित नहीं करता।
एलन मस्क का यह ताजा बयान एक बार फिर उस बड़ी बहस को हवा देता है जो उनके सार्वजनिक बयानों और नस्ल से जुड़े मुद्दों पर पिछले कई महीनों से चल रही है। एक तरफ मस्क अपनी निजी जिंदगी – अपनी आधी भारतीय पार्टनर और भारतीय वैज्ञानिक के नाम पर रखे गए बेटे के नाम – का हवाला देकर खुद को नस्लवाद के आरोपों से अलग करने की कोशिश कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ आलोचक इसे एक अधूरा और असंतोषजनक जवाब मान रहे हैं।
यह विवाद आने वाले समय में भी सुर्खियों में बना रह सकता है, खासकर तब जब मस्क अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सक्रिय रहते हुए विवादास्पद विषयों पर अपनी राय जाहिर करते रहते हैं। फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि सार्वजनिक हस्तियों को नस्लवाद जैसे गंभीर आरोपों का जवाब किस तरह देना चाहिए – सिर्फ निजी उदाहरणों के जरिए, या फिर अपनी नीतियों और बयानों में बदलाव लाकर।
आपके इस मुद्दे पर क्या राय है? क्या आपको लगता है कि किसी की निजी जिंदगी उस पर लगे आरोपों का जवाब हो सकती है? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं, और ऐसी ही ताज़ा और दिलचस्प खबरों के लिए हमारी वेबसाइट को सब्सक्राइब करना न भूलें!