वेलिंगटन में अभिषेक शर्मा ने 38 गेंदों में 113 और वैभव सूर्यवंशी ने 19 गेंदों में 45 रन बनाए। भारत ने 6 विकेट से जीतकर T20I सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त ली। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

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क्रिकेट में कुछ मैच ऐसे होते हैं जिनका नतीजा पारी के बीच में ही साफ हो जाता है, और कुछ ऐसे जिन्हें लोग सालों बाद भी याद करते हैं। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को वेलिंगटन में खेला गया भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीसरा T20 इंटरनेशनल दूसरी श्रेणी का मैच था। भारत ने 199 रनों का लक्ष्य सिर्फ 13.2 ओवर में हासिल कर लिया, छह विकेट से जीत दर्ज की और पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली। सीरीज के दो मैच अभी बाकी हैं।
इस जीत के हीरो रहे सलामी जोड़ी अभिषेक शर्मा और 15 साल के वैभव सूर्यवंशी। अभिषेक ने 38 गेंदों में 113 रन बनाए और सूर्यवंशी ने 19 गेंदों में 45 रन जोड़े। दोनों ने पावरप्ले में भारत का वह स्कोर खड़ा किया जो पुरुषों के T20I इतिहास में पहले कभी नहीं बना था।
वेलिंगटन में क्या हुआ, मैच का पूरा ब्योरा और स्कोरकार्ड
सबसे पहले मैच की बुनियादी तस्वीर समझ लें। यह भारत के न्यूजीलैंड दौरे 2026-27 का तीसरा T20I था। भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर ने लगातार तीसरे मैच में टॉस जीता और लगातार तीसरी बार पहले गेंदबाजी चुनी। भारत ने अपनी गेंदबाजी इकाई में कोई बदलाव नहीं किया, जबकि न्यूजीलैंड ने तीन बदलाव किए।
न्यूजीलैंड की पारी: मेजबान टीम ने 20 ओवर में तीन विकेट पर 198 रन बनाए। यह एक मजबूत स्कोर था, जिसके पीछे डेरिल मिशेल की अपराजित 89 रनों की पारी रही। फिन एलन ने भी 40 रनों का योगदान दिया। इस स्कोर के हिसाब से न्यूजीलैंड ने अपनी पारी में अच्छी बल्लेबाजी की और भारत को चुनौतीपूर्ण लक्ष्य दिया। आम तौर पर 198 रन का स्कोर T20 में सुरक्षित माना जाता है, खासकर तब जब आपके पास अपने घरेलू मैदान का सहारा हो।
भारत की पारी: लेकिन उसके बाद जो हुआ, उसने इस स्कोर को बेमानी बना दिया। अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने पारी की शुरुआत की और पहले सात ओवरों में ही 133 रन जोड़ दिए। यह साझेदारी सिर्फ 44 गेंदों में बनी, यानी 7.1 ओवर में। भारत ने पावरप्ले के छह ओवरों में बिना कोई विकेट खोए 118 रन बना लिए।
जैकब डफी का पहला ओवर 26 रन पर गया और उसके बाद न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को कोई राहत नहीं मिली। स्काई स्पोर्ट्स के अनुसार दोनों ने सिर्फ 2.2 ओवर में टीम का अर्धशतक पूरा कर लिया, जिसे व्हाइट-बॉल क्रिकेट का सबसे तेज टीम फिफ्टी बताया गया है।
सूर्यवंशी 19 गेंदों पर 45 रन बनाकर आउट हुए। उनकी पारी में चार चौके और चार छक्के थे। मिशेल ने मैथ्यू फिशर की गेंद पर लॉन्ग-ऑन पर उनका कैच पकड़ा। इसके बाद अभिषेक ने अपनी आतिशी पारी जारी रखी। उन्होंने सिर्फ 35 गेंदों में शतक पूरा किया और आखिर में 38 गेंदों पर 113 रन बनाकर काइल जैमीसन की गेंद पर आउट हुए। उनकी पारी में नौ चौके और 11 छक्के थे। वे जब पवेलियन लौटे तो वेलिंगटन के दर्शकों ने खड़े होकर उनका अभिनंदन किया।
जीत के बेहद करीब पहुंचने के बाद भारत ने दो विकेट गंवाए, यानी जीत से एक हिट पहले थोड़ी लड़खड़ाहट आई। रिपोर्टों में इसे “स्टटर” कहा गया। फिर भी भारत ने 13.2 ओवर में चार विकेट पर 199 रन बनाकर मैच जीत लिया। जैमीसन ने दो विकेट लिए और 45 रन दिए। जीत 40 गेंद शेष रहते मिली, जो इस लक्ष्य के लिहाज से असाधारण है।
स्कोर का सार:
- न्यूजीलैंड: 198/3 (20 ओवर), मिशेल 89*, एलन 40
- भारत: 199/4 (13.2 ओवर), अभिषेक 113, सूर्यवंशी 45, जैमीसन 2-45
- नतीजा: भारत 6 विकेट से जीता (40 गेंद शेष)
- सीरीज: भारत 3-0 से आगे (5 मैचों की सीरीज)
रिकॉर्ड्स की बारिश, अभिषेक और सूर्यवंशी की जोड़ी ने क्या-क्या तोड़ा
इस मैच की सबसे बड़ी बात सिर्फ जीत नहीं, बल्कि जिस तरह से भारत ने जीत हासिल की, वह है। आइए रिकॉर्ड्स देखें।
पावरप्ले का रिकॉर्ड: पुरुषों के T20 इंटरनेशनल में पहले छह ओवरों में बिना विकेट गंवाए 118 रन, यह एक नया रिकॉर्ड है। ईटीवी भारत की रिपोर्ट में दी गई तालिका के अनुसार इससे पहले पावरप्ले का सबसे बड़ा स्कोर रोमानिया का सर्बिया के खिलाफ 2021 में सोफिया में बना 116 रन था, जो 5.4 ओवर में बना था। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया का स्कॉटलैंड के खिलाफ 2024 में 113/1 का स्कोर आता है। यानी भारत ने रिकॉर्ड सिर्फ तोड़ा नहीं, बल्कि उसे काफी पीछे छोड़ दिया।
सबसे तेज टीम फिफ्टी: स्काई स्पोर्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक अभिषेक और सूर्यवंशी की जोड़ी ने सिर्फ 2.2 ओवर में टीम के 50 रन पूरे कर दिए। इसे व्हाइट-बॉल क्रिकेट में सबसे तेज टीम अर्धशतक बताया गया है। गेंदों के हिसाब से देखें तो 50 रन बनाने में 14 गेंदें लगीं, यानी हर गेंद पर औसतन 3.5 रन से ज्यादा।
अभिषेक का शतक: अभिषेक शर्मा ने 35 गेंदों में शतक पूरा किया। यह उनका T20 इंटरनेशनल में चौथा शतक है और T20 क्रिकेट में कुल 14वां। उनकी पारी में नौ चौके और 11 छक्के थे, यानी 128 रन सिर्फ बाउंड्री से आए। इस बारे में ध्यान देने वाली बात यह है कि 113 रनों में से बाउंड्री के बिना सिर्फ पांच रन दौड़कर बने होंगे, यह गणित से साफ है कि 9 चौके (36 रन) और 11 छक्के (66 रन) मिलाकर 102 रन बाउंड्री से आए।
बाकी 11 रन दौड़कर या अन्य तरीके से बने। (कुछ रिपोर्टों में यह भी लिखा है कि अभिषेक ने अपने पसंदीदा क्षेत्र में खूब छक्के लगाए, जिसे क्रिकइन्फो के लाइव ब्लॉग में भी दर्ज किया गया है।)
कप्तान की प्रतिक्रिया: श्रेयस अय्यर ने मैच के बाद इस बात पर हैरानी जताई कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पांच ओवर में सौ रन बनते उन्होंने पहले नहीं देखे थे। यह एक ऐसे कप्तान का बयान है जिसने कई बड़े मैच देखे हैं।
एक और दिलचस्प तथ्य क्रिकइन्फो की रिपोर्ट से मिलता है कि अभिषेक ने अपनी इस पारी को लेकर कहा बताया जाता है कि उन्होंने इस 35 गेंद के शतक को लगभग “मैनिफेस्ट” किया था, यानी पहले से इसकी कल्पना की थी। यह बात क्रिकइन्फो के लाइव ब्लॉग के शीर्षक में दिखती है, लेकिन पूरी बातचीत हमने खुद नहीं पढ़ी है, इसलिए इसे अभिषेक की सटीक बात की तरह उद्धृत करना उचित नहीं है।
इन रिकॉर्ड्स के बीच एक बात और याद रखने लायक है। T20 में एक बल्लेबाज की शानदार पारी टीम को जिताने में तभी मदद करती है जब दूसरा छोर भी मजबूत रहे। 133 रन की ओपनिंग साझेदारी में दोनों बल्लेबाजों ने बराबर का दबाव बनाया। न्यूजीलैंड के गेंदबाज किसी एक पर ध्यान लगाते तो दूसरा उन्हें दंडित करता। यही इस साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत थी।
अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी, दो पीढ़ियों की आक्रामकता की कहानी
अब बात उन दो बल्लेबाजों की जिन्होंने यह मैच यादगार बनाया।
अभिषेक शर्मा: पंजाब के बाएं हाथ के इस सलामी बल्लेबाज को दुनिया का नंबर एक T20 बल्लेबाज माना जाता रहा है। इसी साल जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में भी उन्होंने धमाल मचाया था। नागपुर में पहले मैच में उन्होंने 35 गेंदों पर 84 रन बनाए, जिसमें आठ छक्के थे।
गुवाहाटी में एक मैच में उन्होंने सिर्फ 14 गेंदों में अर्धशतक जड़ा और 20 गेंदों पर नाबाद 68 रन बनाए, जो भारत की दूसरी सबसे तेज T20I फिफ्टी थी। वे अपने गुरु युवराज सिंह के भारत की तरफ से सबसे तेज T20 फिफ्टी के रिकॉर्ड से सिर्फ दो गेंद दूर रह गए थे। उस सीरीज में भारत ने 4-1 से जीत दर्ज की थी। अब वही अभिषेक न्यूजीलैंड की जमीन पर 38 गेंदों में 113 रन बना चुके हैं।
अभिषेक की बल्लेबाजी की खासियत उनकी निडरता और गेंदबाज की लाइन-लेंथ की परवाह किए बिना हिट करने की क्षमता है। क्रिकइन्फो की रिपोर्ट इसी बात को पकड़ती है कि न्यूजीलैंड ने जो भी योजना आजमाई, उसका कोई असर नहीं पड़ा।
वैभव सूर्यवंशी: इस मैच की दूसरी बड़ी कहानी बिहार के इस 15 साल के बाएं हाथ के बल्लेबाज की है। विकिपीडिया के अनुसार उनका जन्म 27 मार्च 2011 को बिहार के ताजपुर में हुआ। उनके पिता संजीव सूर्यवंशी खुद क्रिकेटर बनना चाहते थे, और उन्होंने बेटे को क्रिकेट के लिए प्रोत्साहित किया। बताया जाता है कि पिता-पुत्र प्रशिक्षण के लिए एक दिन छोड़कर समस्तीपुर से पटना, करीब 100 किलोमीटर, का सफर करते थे। उनके जन्म की आधिकारिक तारीख को लेकर कुछ भ्रम की बात भी स्रोत में दर्ज है।
सूर्यवंशी ने 2026 के अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों पर 175 रन बनाकर भारत को खिताब जिताया था। इसके बाद उन्होंने मई 2026 में भारत ए के श्रीलंका दौरे में हिस्सा लिया और 4 जुलाई 2026 को इंग्लैंड के खिलाफ अपना T20I डेब्यू किया। उनकी जर्सी संख्या 3 है और उन्हें “बॉस बेबी” उपनाम से भी जाना जाता है।
इस सीरीज के दूसरे T20I में सूर्यवंशी नंबर तीन पर खेले थे। तीसरे मैच में उन्हें अभिषेक के साथ ओपनिंग का मौका मिला, और उन्होंने इसे दोनों हाथों से भुनाया। 19 गेंदों पर 45 रन, चार चौके और चार छक्के, स्ट्राइक रेट करीब 237। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह की बेखौफ बल्लेबाजी असाधारण है।
एक संतुलित नजरिए से देखें तो एक पारी के आधार पर किसी बहुत युवा खिलाड़ी के बारे में बड़े दावे करना जल्दबाजी होगी। T20 में एक-दो पारियां अच्छी होना और लंबे समय तक लगातार प्रदर्शन करना दो अलग चीजें हैं। विरोधी टीमें समय के साथ कमजोरियां खोजती हैं और खिलाड़ी को खुद को ढालना पड़ता है। फिर भी, शुरुआत बेहद उम्मीद भरी है, और टीम प्रबंधन का उन्हें ओपनिंग में प्रमोट करना यह संकेत देता है कि उनके आक्रामक अंदाज पर भरोसा किया जा रहा है।
ओपनिंग जोड़ी का तालमेल: दो बाएं हाथ के आक्रामक सलामी बल्लेबाज होने का एक फायदा यह भी है कि गेंदबाज के पास लाइन और एंगल बदलने के सीमित विकल्प रहते हैं। लेकिन बाएं-बाएं की जोड़ी अक्सर विपक्षी गेंदबाजों को बार-बार एक ही दिशा में गेंद डालने पर मजबूर कर देती है, जहां दोनों खुलकर शॉट खेल सकते हैं। यह इस मैच में दिखा।
न्यूजीलैंड की रणनीति, आगे की चुनौतियां और भारत की तैयारी पर इसके मायने
हार से न्यूजीलैंड को भी कुछ सबक मिलते हैं, और भारत के लिए भी कुछ सवाल बचे हैं।
न्यूजीलैंड के सामने सवाल: 198 रन बनाकर भी मैच हारना किसी भी टीम के लिए कठिन है। डेरिल मिशेल की नाबाद 89 रनों की पारी और फिन एलन की 40 रनों की उपयोगी पारी के बावजूद गेंदबाजों के पास कोई जवाब नहीं था। न्यूजीलैंड की गेंदबाजी में खासतौर पर पावरप्ले की योजना कारगर नहीं रही। जैकब डफी का 26 रन वाला पहला ओवर ही दबाव बनाने के लिए काफी था।
जैमीसन ने दो विकेट लिए, लेकिन ज्यादातर नुकसान तब तक हो चुका था। अब न्यूजीलैंड के लिए सवाल है कि सीरीज के आखिरी दो मैचों में उसे अपनी गेंदबाजी इकाई में बदलाव करने होंगे या फिर नई रणनीति के साथ उतरना होगा, ताकि कम से कम सम्मान बचा सके। टीम ने इस मैच में तीन बदलाव किए थे, और आगे और बदलाव हो सकते हैं।
भारत की स्थिति: भारत के पास अब सीरीज का फैसला हो चुका है, इसलिए बाकी दो मैच प्रयोग करने का मौका बन सकते हैं। ऐसा अक्सर होता है कि जब सीरीज जीत जाती है तो टीम प्रबंधन बेंच के खिलाड़ियों को मौका देता है, गेंदबाजी या बल्लेबाजी क्रम के विकल्प आजमाता है। हालांकि यह टीम प्रबंधन का फैसला होगा, और हम इसके बारे में सिर्फ अनुमान ही लगा सकते हैं।
एक बात जो भारत के लिए चिंता का विषय बन सकती है, वह है मैच के आखिरी हिस्से में हल्की सी लड़खड़ाहट। जीत के बहुत करीब पहुंचने के बाद भारत ने दो विकेट गंवाए। यह मामूली बात है क्योंकि 13.2 ओवर में लक्ष्य हासिल हो चुका था, लेकिन अगर कभी मुकाबला कड़ा हो तो मध्यक्रम की बल्लेबाजी की परीक्षा होगी। इस मैच में तेज शुरुआत ने मध्यक्रम को दबाव से बचा लिया था।
गेंदबाजी का पहलू: इस सीरीज में भारत ने टॉस जीतकर लगातार तीन बार पहले गेंदबाजी चुनी है। यह रणनीति बताती है कि भारत लक्ष्य का पीछा करने में अपनी क्षमता पर भरोसा करता है। इस मैच में 198 रन का स्कोर देने के बाद भी भारत की जीत इस रणनीति को सही ठहराती है, लेकिन इसके साथ गेंदबाजों के लिए यह चेतावनी भी है कि 198 रन खाना अच्छी बात नहीं है। भविष्य में जब बल्लेबाजी इतनी विस्फोटक न चले, तो गेंदबाजों को ज्यादा अनुशासित होना पड़ेगा।
बड़ी तस्वीर: क्रिकइन्फो और स्काई स्पोर्ट्स की रिपोर्टों में यह भी दर्ज है कि यह भारत की न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार दूसरी T20I सीरीज जीत है। जनवरी में भारत ने घरेलू मैदान पर 4-1 से जीत हासिल की थी, और अब न्यूजीलैंड की जमीन पर भी 3-0 की अजेय बढ़त ले ली है। दिलचस्प यह भी है कि जनवरी की उस सीरीज से पहले भारत वनडे सीरीज न्यूजीलैंड से हार गया था, और T20 में उसने उसका जोरदार जवाब दिया था। इस बार भी टीम ने वही दम दिखाया।
प्रशंसकों के लिए क्या देखने लायक है: सीरीज के अगले दो मैच वैसे तो औपचारिकता लग सकते हैं, लेकिन इनमें देखने के लिए कई बातें हैं। क्या सूर्यवंशी अपनी लय बनाए रखेंगे? क्या अभिषेक अपनी फॉर्म जारी रखेंगे? क्या भारत नए खिलाड़ियों को मौका देगा? क्या न्यूजीलैंड की गेंदबाजी में सुधार दिखेगा? इन सवालों के जवाब सीरीज को रोचक बनाए रखेंगे। मैच के समय और प्रसारण की जानकारी के लिए आधिकारिक BCCI और न्यूजीलैंड क्रिकेट की वेबसाइट देखें।
एक संतुलित निष्कर्ष, वेलिंगटन की यह रात एक ऐसी पारी के नाम रही जिसमें बल्लेबाजी की आक्रामकता अपनी चरम सीमा पर दिखी। रिकॉर्ड्स बनते हैं और टूटते हैं, लेकिन 118 रन का पावरप्ले और 35 गेंदों का शतक जैसी बातें लंबे समय तक चर्चा में रहेंगी। साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि T20 एक अनिश्चित खेल है। जो टीम आज इतनी तेजी से जीतती है, वह कल कठिन परिस्थितियों में भी जूझ सकती है। इसलिए भारत की असली परीक्षा उस दिन होगी जब पावरप्ले में विकेट गिरेंगे और टीम को धैर्य से खेलना पड़ेगा। फिलहाल, भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के पास जश्न मनाने की पूरी वजह है।
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