Israel iran war: होर्मुज स्ट्रेट के पास 10 सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक, CENTCOM ने जारी किया वीडियो full report

Israel iran war, US ने ईरान की 10 सैन्य साइट्स पर एयरस्ट्राइक की। CENTCOM ने वीडियो जारी किया। जानिए हमले की वजह, ट्रंप का बयान और होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते तनाव की पूरी जानकारी।

israel iran war
US Iran Airstrike
Table of contants

US ने ईरान पर हमलों का फुटेज जारी किया, होर्मुज स्ट्रेट के पास 10 सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक

Israel Iran war,US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने शनिवार को 38 सेकंड का एक वीडियो जारी किया, जिसमें 27 जून को ईरान में कई टारगेट पर US फोर्स द्वारा किए गए एयरस्ट्राइक दिखाए गए। इसमें कहा गया कि यह कार्रवाई कमांडर इन चीफ ने तेहरान के कमर्शियल जहाजों पर लगातार हमलों के जवाब में की थी। मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है।

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस ऑपरेशन का 38 सेकंड का वीडियो भी जारी किया, जिसमें अमेरिकी लड़ाकू विमानों द्वारा किए गए एयरस्ट्राइक दिखाई दे रहे हैं।

Read more –लखनऊ के अलीगंज इलाके में कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने कई परिवारों की जिंदगी बदल दी। Lucknow Fire News जानिए हादसे की पूरी कहानी, आखिरी फोन कॉल, बचाव अभियान और प्रशासन की कार्रवाई।

अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा कमर्शियल जहाजों पर लगातार किए जा रहे ड्रोन हमलों के जवाब में की गई। वहीं ईरान की ओर से इस मामले पर अलग दावे किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

CENTCOM ने क्यों किया ईरान पर हमला?

US Iran Airstrike,CENTCOM के मुताबिक, ये नए हमले तब हुए जब ईरान ने कथित तौर पर सीज़फ़ायर समझौते का उल्लंघन किया। उसने सुबह 4:30 बजे ET पर पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर M/T किकू को निशाना बनाते हुए एकतरफा हमला करने वाला ड्रोन लॉन्च किया, जिसमें दो मिलियन बैरल से ज़्यादा कच्चा तेल था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार 27 जून को अमेरिकी सेना ने ईरान के 10 महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर सटीक एयरस्ट्राइक की।

इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना था ताकि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर होने वाले हमलों को रोका जा सके। इसके बजाय उसने पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर M/T Kiku पर हमला करने के लिए ड्रोन लॉन्च किया।

अमेरिकी सेना के अनुसार टैंकर में लगभग 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल मौजूद था और वह होर्मुज स्ट्रेट के पास से गुजर रहा था। यदि यह हमला सफल होता तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता था।

किन सैन्य ठिकानों को बनाया गया निशाना?

CENTCOM के बयान के अनुसार अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान की कई रणनीतिक सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया। इनमें शामिल हैं—

  • सैन्य सर्विलांस इंफ्रास्ट्रक्चर
  • कम्युनिकेशन सिस्टम
  • एयर डिफेंस साइट्स
  • ड्रोन स्टोरेज फैसिलिटी
  • माइन बिछाने की सैन्य क्षमता
  • तटीय निगरानी रडार
  • मिसाइल स्टोरेज साइट्स
  • ड्रोन लॉन्च सिस्टम
  • समुद्री ऑपरेशन सेंटर
  • अन्य रणनीतिक सैन्य ठिकाने

अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य केवल सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचाना था, नागरिक इलाकों को निशाना नहीं बनाया गया।

ट्रंप की चेतावनी और होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ता तनाव

US एयरक्राफ्ट ने सीज़फ़ायर एग्रीमेंट का उल्लंघन करते हुए फिर से ईरानी मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज साइट्स और कोस्टल रडार साइट्स पर हमला किया है! वे कभी नहीं सीखते! ऐसा समय आ सकता है जब हम समझदारी से काम नहीं ले पाएंगे और हमें उस काम को मिलिट्री तरीके से पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा जिसे हमने इतनी कामयाबी से शुरू किया था। अगर ऐसा होता है, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान का वजूद खत्म हो जाएगा!हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी।

उन्होंने कहा कि यदि ईरान लगातार संघर्ष को बढ़ाता रहा और सीज़फ़ायर समझौते का उल्लंघन करता रहा, तो अमेरिका और भी कठोर सैन्य कार्रवाई करने के लिए मजबूर होगा। ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि अमेरिकी एयरक्राफ्ट ने ईरानी मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज साइट्स सहित कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि हालात नहीं बदलते तो भविष्य में ऐसी कार्रवाई और बड़े पैमाने पर हो सकती है।

Read more राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस (Ram mandir chadawa chori) में 8 आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए हैं। जानिए ₹80 लाख बरामदगी, SIT जांच, आरोप और अब तक की पूरी अपडेट।

दूसरी ओर CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी सेना क्षेत्र में पूरी तरह अलर्ट है और होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयार है। सोशल मीडिया पोस्ट में, मिस्टर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने “सीज़फ़ायर समझौते का उल्लंघन करने के कारण, एक बार फिर ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज ठिकानों और तटीय रडार साइटों पर हमला किया है!” उन्होंने चेतावनी दी कि एक समय ऐसा आ सकता है जब अमेरिका और ज़्यादा समझदारी से काम न ले पाए “और उसे सैन्य कार्रवाई के ज़रिए काम पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़े।”

मिस्टर ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “अगर ऐसा हुआ, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा!”
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने रविवार (28 जून, 2026) को कहा कि उसने ईरानी इलाके पर अमेरिकी हमलों के जवाब में कुवैत और बहरीन पर हमले किए हैं, और चेतावनी दी कि आगे किसी भी आक्रामकता का “करारा जवाब” दिया जाएगा।

US Iran News Hindi
US Iran News Hindi

दुनिया पर क्या पड़ सकता है इसका असर?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। वैश्विक स्तर पर बड़ी मात्रा में कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है।

यदि इस क्षेत्र में सैन्य तनाव लगातार बढ़ता है तो इसके कई बड़े प्रभाव देखने को मिल सकते हैं—

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी।
  • समुद्री व्यापार और शिपिंग कंपनियों पर अतिरिक्त सुरक्षा लागत।
  • वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका।
  • मध्य पूर्व में नए सैन्य संघर्ष का खतरा।
  • निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ना।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव कम नहीं हुआ तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।

अमेरिका द्वारा ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर किए गए हमले और CENTCOM द्वारा जारी वीडियो ने मध्य पूर्व के हालात को फिर से गंभीर बना दिया है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा और ईरानी ड्रोन हमलों के जवाब में की गई, जबकि ईरान के अपने दावे हैं। आने वाले दिनों में दोनों देशों की अगली रणनीति पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ता तनाव वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। US मिलिट्री के अनुसार, टैंकर में 20 लाख बैरल से ज़्यादा कच्चा तेल था और हमले के समय वह होर्मुज स्ट्रेट के पास से गुज़र रहा था।

Read more –आयरलैंड ने रचा इतिहास, भारत को पहली बार T20I में 34 रन से हराया

आप इस पूरे घटनाक्रम पर क्या सोचते हैं?
क्या अमेरिका की यह सैन्य कार्रवाई सही थी, या इससे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ेगा? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें और देश-दुनिया की ताज़ा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए Swar India को नियमित रूप से विजिट करें।

Leave a Comment