Trent Share में 11% की तेजी: Q2 में सबसे तेज रेवेन्यू ग्रोथ, फिर भी Citi की ‘Sell’ रेटिंग क्यों? Full report

Trent share Q2 FY27 अपडेट में रेवेन्यू 23% बढ़कर ₹5,788 करोड़ रहा और Zudio के 1,000 स्टोर पूरे हुए। शेयर 11% उछला, पर Citi की ‘Sell’ रेटिंग कायम है। पूरी खबर पढ़ें।

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Trent Share में 11% की तेजी: Q2 में सबसे तेज रेवेन्यू ग्रोथ, फिर भी Citi की ‘Sell’ रेटिंग क्यों?

Trent share price मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार में टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent सबसे ज्यादा चर्चा में रही। जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2 FY27) का बिजनेस अपडेट आते ही शेयर में जोरदार खरीदारी हुई। पिछली कई तिमाहियों से निवेशक रेवेन्यू ग्रोथ की सुस्ती को लेकर चिंता में थे, और इस अपडेट ने वह चिंता काफी हद तक कम कर दी।

इस तेजी के बीच एक बात चौंकाने वाली है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Citi अब भी Trent पर ‘Sell’ की सलाह दे रही है। यानी बाजार जश्न मना रहा है, जबकि एक बड़ी ब्रोकरेज अब भी सावधान रहने को कह रही है।

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Trent Q2 FY27 अपडेट: मुख्य बातें एक नजर में

कंपनी ने 5 अक्टूबर की शाम को अपना प्रोविजनल बिजनेस अपडेट जारी किया। ध्यान रहे कि यह पूरा तिमाही नतीजा नहीं है, सिर्फ रेवेन्यू और स्टोर संख्या का अपडेट है।

  • Q2 रेवेन्यू: स्टैंडअलोन रेवेन्यू (GST को छोड़कर) साल-दर-साल 23% बढ़कर ₹5,788 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹4,724 करोड़ था।
  • H1 FY27 रेवेन्यू: पहली छमाही में रेवेन्यू ₹11,454 करोड़ रहा, जो पिछले साल की ₹9,505 करोड़ की तुलना में 21% ज्यादा है।
  • कुल स्टोर: कंपनी के कुल 1,342 स्टोर चालू हैं।
  • Zudio का मील का पत्थर: तिमाही में कंपनी ने अपना 1,000वां Zudio स्टोर खोला।
  • नए स्टोर: Q2 में 10 Westside और 17 Zudio स्टोर जुड़े।

रेवेन्यू ग्रोथ क्यों इतनी खास मानी जा रही है?

सिर्फ 23% का आंकड़ा बड़ा नहीं दिखता, पर Trent के संदर्भ में इसका मतलब समझना जरूरी है।

पहली वजह यह कि ग्रोथ तेज हुई है। Q1 FY27 में रेवेन्यू ₹5,666 करोड़ था, और Q2 का आंकड़ा उससे ₹122 करोड़ ज्यादा है। साल-दर-साल ग्रोथ Q1 के 18.5% से बढ़कर Q2 में 23% हो गई।

दूसरी वजह अनुमानों से तुलना है। Morgan Stanley का अनुमान 20% ग्रोथ का था, जबकि असल आंकड़ा 23% आया। पिछली पांच तिमाहियों में ग्रोथ 16-20% के दायरे में रही थी। इस लिहाज से यह “मल्टी-क्वार्टर हाई” ग्रोथ है।

तीसरी वजह बाजार की पुरानी निराशा है। पिछले एक साल में Trent की ग्रोथ धीमी पड़ी थी। इससे पहले की तीन तिमाहियों (Q2 से Q4 FY25) में ग्रोथ 40%, 37% और 29% थी। फिर यह घटकर करीब 17-20% पर आ गई, और शेयर पर दबाव बना। जनवरी 2026 में Q3 अपडेट के बाद शेयर 8% से ज्यादा टूट गया था। इसलिए इस बार 23% का आंकड़ा बाजार के लिए राहत लेकर आया।

चौथी वजह त्योहारी कैलेंडर है। Morgan Stanley का मानना है कि त्योहारी सीजन के कैलेंडर में बदलाव को देखते हुए बेहतर ग्रोथ को सकारात्मक माना जाना चाहिए।

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शेयर कितना चढ़ा?

अपडेट आने से पहले का स्तर देखें तो सोमवार, 5 अक्टूबर को शेयर ₹2,580 पर बंद हुआ था और इस साल अब तक करीब 10% नीचे था। यानी निवेशक पहले से निराश थे।

मंगलवार को तस्वीर बदल गई।

  • सुबह 9:57 बजे NSE पर शेयर ₹2,867.20 पर था, जो पिछले बंद भाव से 11.13% ऊपर है।
  • BusinessToday के मुताबिक शेयर 10% के अपर सर्किट पर ₹2,832.50 तक पहुंचा।
  • Goodreturns की रिपोर्ट में कहा गया कि शेयर 12% से ज्यादा चढ़कर ₹2,909 के आसपास पहुंचा।

अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़े थोड़े अलग इसलिए हैं कि वे दिन के अलग-अलग समय के भाव पर आधारित हैं। मोटे तौर पर 10 से 12% की तेजी रही और हेडलाइन में 11% का आंकड़ा इसी दायरे में आता है।

Zudio का 1,000 स्टोर तक पहुंचना क्यों बड़ी बात है?

Zudio Trent की सबसे तेज बढ़ने वाली फैशन चेन है। यह वैल्यू फैशन यानी किफायती कीमत पर कपड़े बेचती है और छोटे शहरों तक पहुंच चुकी है।

जून 2026 के अंत में Zudio के 982 स्टोर थे, और सितंबर में यह 1,000 के आंकड़े को पार कर गया। पिछले साल सितंबर तक Zudio के 806 स्टोर थे (UAE के तीन स्टोर मिलाकर)। यानी एक साल में स्टोर नेटवर्क में करीब 190 आउटलेट जुड़ गए।

इसका निवेशकों के लिए मतलब यह है कि Trent की ग्रोथ का बड़ा हिस्सा नए स्टोर खुलने से आता है। जब नेटवर्क बड़ा होता है तो रेवेन्यू भी बढ़ता है। चुनौती यह है कि क्या हर स्टोर पहले जैसी बिक्री कर पा रहा है। इसे “लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ” कहते हैं। इसी सवाल पर आगे ब्रोकरेज की बहस भी टिकी है।

Citi अब भी ‘Sell’ क्यों कह रही है?

यह इस पूरी खबर का सबसे दिलचस्प हिस्सा है।

BusinessToday के अनुसार Citi ने Trent पर ‘Sell’ कॉल और ₹2,950 का टारगेट प्राइस बनाए रखा है। Goodreturns ने भी लिखा है कि मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद Citi ने ‘Sell’ रेटिंग कायम रखी।

अहम बात यह है कि ₹2,950 का टारगेट आज के भाव से बहुत दूर नहीं है। अपडेट के बाद शेयर ₹2,830 से ₹2,900 के आसपास पहुंच गया, यानी टारगेट से बस थोड़ा ही नीचे। इसका मतलब यह है कि Citi की नजर में तेजी के बाद शेयर में बहुत ज्यादा ऊपर जाने की गुंजाइश नहीं बची है।

Citi की पिछली टिप्पणियों से उसके तर्क समझे जा सकते हैं। ये पुराने नोट हैं, आज के नोट की पूरी बातें नहीं।

  • मार्केट शेयर का जोखिम: जून 2026 में Citi ने कहा था कि कंपनी के प्रदर्शन पर महंगाई से ज्यादा बाजार हिस्सेदारी में बदलाव का असर पड़ सकता है।
  • लागत और श्रम: उसी रिपोर्ट में Citi ने कच्चे माल की लागत और श्रम की उपलब्धता को सप्लाई-साइड की मुख्य चुनौतियां बताया।
  • मांग मजबूत, फिर भी रेटिंग वही: Citi ने माना था कि फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल में मांग मजबूत है, फिर भी उसने ‘Sell’ बनाए रखी। यानी उसकी चिंता सिर्फ मांग की नहीं, कीमत और वैल्यूएशन की भी है।

Citi अकेली ऐसी ब्रोकरेज रही है। जून तिमाही के नतीजों के बाद जिन 14 ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस बदले, उनमें Citi अकेली थी जिसकी ‘Sell’ सलाह थी। इसलिए “Citi says sell” हेडलाइन में इसका अलग वजन है।

दूसरे ब्रोकरेज की राय क्या है?

बाकी बाजार काफी हद तक अलग सोच रहा है।

  • HSBC: BusinessToday की हेडलाइन के अनुसार HSBC को शेयर में 32% की बढ़त की संभावना दिखती है।
  • Morgan Stanley: उसने इसे एक मजबूत प्री-क्वार्टर अपडेट बताया।
  • Macquarie और Bernstein: जून तिमाही के बाद दोनों ने ‘Outperform’ रेटिंग दी थी, टारगेट क्रमशः ₹3,600 और ₹3,500।
  • Goldman Sachs: उसकी रेटिंग ‘Neutral’ थी, टारगेट ₹3,000।

इन टारगेट प्राइस का आंकड़ा जून तिमाही के बाद का है और अक्टूबर के अपडेट के बाद बदल सकता है। निवेश से पहले ब्रोकरेज की ताजा रिपोर्ट जरूर देखें।

यह बंटवारा दिखाता है कि Trent पर राय एकतरफा नहीं है। कुछ विश्लेषक मानते हैं कि कंपनी का विस्तार और ब्रांड की ताकत लंबे समय में फायदा देंगे। कुछ का मानना है कि उम्मीदें पहले से कीमत में शामिल हैं।

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इस अपडेट में क्या नहीं बताया गया?

यह सवाल सबसे जरूरी है, क्योंकि शेयर की पूरी तेजी सिर्फ रेवेन्यू के आंकड़े पर टिकी है।

कंपनी का Q2 अपडेट सिर्फ रेवेन्यू और स्टोर संख्या का है, इसमें नेट प्रॉफिट, EBITDA, EBITDA मार्जिन या ग्रॉस मार्जिन का जिक्र नहीं है।

इसका मतलब है कि अभी हमें यह नहीं पता कि बिक्री बढ़ने के साथ मुनाफा भी उतनी तेजी से बढ़ा या नहीं। रिटेल कारोबार में कई बार रेवेन्यू बढ़ता है, पर कच्चे माल की लागत, डिस्काउंट या नए स्टोर के खर्च से मार्जिन दब जाता है। पूरे नतीजे आने पर ही मार्जिन की तस्वीर साफ होगी।

Citi जैसी ब्रोकरेज की सावधानी का एक कारण यह भी हो सकता है। लेकिन यह अनुमान है, Citi का आधिकारिक बयान नहीं।

Trent की पिछली कुछ तिमाहियां: एक झलक

ग्रोथ का रुझान समझने के लिए पिछले आंकड़े देखना मददगार है।

  • Q3 FY26 में स्टैंडअलोन रेवेन्यू 17% बढ़कर ₹5,220 करोड़ रहा था।
  • Q1 FY27 में ग्रोथ करीब 18.5-19% रही, और उस तिमाही को ब्रोकरेज अनुमानों से कमजोर माना गया था।
  • Q2 FY27 में ग्रोथ बढ़कर 23% हो गई।

यानी सुस्ती का दौर थमता दिख रहा है। फिर भी एक तिमाही से पूरा रुझान तय नहीं होता। निवेशक अब देखेंगे कि Q3 में, जब त्योहारी बिक्री का पूरा असर आएगा, यह रफ्तार बनी रहती है या नहीं।

निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?

  1. पूरे नतीजे: जब कंपनी Q2 के पूरे नतीजे जारी करेगी, तब मुनाफे और मार्जिन के आंकड़े सामने आएंगे। असली परीक्षा वहीं होगी।
  2. लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ: नए स्टोर से मिली ग्रोथ और पुराने स्टोर की बिक्री में अंतर देखना जरूरी है। विश्लेषकों के अनुसार कंपनी क्लस्टर-स्तर की रेवेन्यू ग्रोथ और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने को प्राथमिकता देती है, स्टोर-स्तर की LFL ग्रोथ को नहीं।
  3. लागत का दबाव: प्रबंधन ने बढ़ती इनपुट लागत का जिक्र किया था और कहा था कि वह सप्लाई चेन में बदलाव और कीमतों में सोच-समझकर समायोजन से इसे संभाल रहा है।
  4. वैल्यूएशन: तेजी के बाद शेयर पहले से महंगा हो चुका है या नहीं, यह खुद जांचें।
  5. त्योहारी सीजन: अगली तिमाही में दिवाली और शादी सीजन की मांग का असर दिखेगा।

आम निवेशक के लिए सीख

यह खबर एक सबक भी देती है। शेयर का भाव सिर्फ अच्छी खबर से नहीं, उम्मीदों से तय होता है। जब शेयर पहले ही गिरा हुआ हो और खबर अनुमान से बेहतर आए, तो तेज उछाल आ सकता है। Trent के साथ यही हुआ।

लेकिन तेज उछाल के बाद ही वैल्यूएशन का सवाल बड़ा हो जाता है। Citi की ‘Sell’ रेटिंग उसी तरफ इशारा करती है, जबकि HSBC जैसी ब्रोकरेज को अब भी बड़ी बढ़त दिखती है। दोनों राय सार्वजनिक हैं, और सही जवाब आपके निवेश के लक्ष्य, जोखिम सहने की क्षमता और समयावधि पर निर्भर करता है।

एक दिन की तेजी देखकर जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचें। ब्रोकरेज की रिपोर्ट, कंपनी के नतीजे और अपनी वित्तीय स्थिति देखकर ही फैसला लें। जरूरत हो तो SEBI-पंजीकृत सलाहकार से बात करें।

Trent का Q2 FY27 अपडेट कंपनी के लिए अच्छी खबर है। 23% की रेवेन्यू ग्रोथ पिछली कई तिमाहियों में सबसे तेज है, Zudio ने 1,000 स्टोर का पड़ाव पार किया है, और शेयर लंबे समय बाद जोरदार उछला है।

फिर भी तस्वीर पूरी नहीं है। मुनाफे और मार्जिन के आंकड़े आना बाकी हैं, और Citi जैसी बड़ी ब्रोकरेज वैल्यूएशन को लेकर सावधान है। बाजार ने अच्छी खबर को भरपूर इनाम दिया है, अब नजर इस पर रहेगी कि पूरे नतीजे इस उम्मीद पर खरे उतरते हैं या नहीं।

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।

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