Virat kohli last world cup,विराट कोहली ने साफ कर दिया कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप भारत के लिए उनका आखिरी टूर्नामेंट होगा। जानें उनके बयान, 2023 फाइनल की टीस और जीत के लिए जज्बे की पूरी कहानी।

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Virat kohli last world cup
भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में शुमार विराट कोहली ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं, लेकिन इस बार किसी शतक या मैच जिताऊ पारी की वजह से नहीं, बल्कि अपने करियर से जुड़े एक बेहद भावुक और महत्वपूर्ण ऐलान की वजह से। वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में होने वाली वनडे सीरीज के पहले मुकाबले से ठीक पहले, कोहली ने प्रसारणकर्ता जियोस्टार से बातचीत में साफ कर दिया कि 2027 में होने वाला वनडे वर्ल्ड कप भारतीय टीम के लिए उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा। यह बयान भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए भावनात्मक रूप से बड़ा झटका है, क्योंकि कोहली पिछले करीब दो दशकों से भारतीय क्रिकेट की रीढ़ रहे हैं।
क्या कहा विराट कोहली ने?
जियोस्टार के साथ बातचीत में जब पूर्व क्रिकेटर अभिनव मुकुंद ने कोहली से 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर उनके लक्ष्य के बारे में पूछा, तो कोहली ने बेहद स्पष्ट और भावुक अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मेरे लिए यह आखिरी वर्ल्ड कप है जो मैं भारत के लिए खेलने जा रहा हूं, और यही मेरी प्रेरणा है – कि मैं मैदान पर सब कुछ झोंक दूं।”
इसके आगे उन्होंने अपने जज्बे को और स्पष्ट करते हुए कहा, “और बिल्कुल, लक्ष्य वर्ल्ड कप जीतने का है। और जो भी करना पड़े, जो भी करना पड़े, मैं पूरी तरह तैयार हूं।” यह बयान न सिर्फ उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि 37 वर्षीय यह दिग्गज बल्लेबाज अब भी उतने ही जुनून और भूख के साथ मैदान पर उतरने को तैयार है, जितना अपने करियर के शुरुआती दिनों में था।
गौरतलब है कि 2027 का वनडे वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में अक्टूबर-नवंबर में खेला जाएगा। यह टूर्नामेंट कोहली के करियर का पांचवां वर्ल्ड कप होगा, इससे पहले वे 2011, 2015, 2019 और 2023 के वर्ल्ड कप खेल चुके हैं।
करियर का आखिरी अध्याय
यह ऐलान इसलिए भी खास मायने रखता है क्योंकि इसके साथ ही कोहली के अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर बचा हुआ आखिरी बड़ा सवाल भी हल हो गया है। कोहली पहले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं – यह फैसला उन्होंने 2024 टी20 वर्ल्ड कप में भारत की खिताबी जीत के तुरंत बाद लिया था। इसके बाद मई 2025 में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से भी संन्यास ले लिया था। अब सिर्फ वनडे फॉर्मेट ही ऐसा बचा था, जिसमें कोहली भारत के लिए खेल रहे थे, और अब उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि 2027 वर्ल्ड कप के बाद वे इस फॉर्मेट को भी अलविदा कह देंगे।
हालांकि, कोहली ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे ठीक कब वनडे क्रिकेट से संन्यास लेंगे – उन्होंने सिर्फ इतना बताया कि कौन सा वर्ल्ड कप उनका आखिरी होगा। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि उनका यह बयान सिर्फ भारतीय टीम के लिए उनके करियर तक सीमित है। उन्होंने आईपीएल जैसी फ्रैंचाइजी क्रिकेट से संन्यास को लेकर कोई संकेत नहीं दिया है, जिसका मतलब है कि वे वर्ल्ड कप के बाद भी घरेलू और फ्रैंचाइजी क्रिकेट में सक्रिय रह सकते हैं।
2023 फाइनल की टीस अब भी बाकी
कोहली के इस बयान में एक भावनात्मक पहलू भी छिपा है – 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में मिली हार की टीस। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए उस फाइनल में भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था, जबकि पूरे टूर्नामेंट में भारत अजेय रहा था। कोहली ने इस हार को लेकर कहा कि उन्हें अब भी लगता है कि उनके करियर में कुछ “अधूरा काम” (unfinished business) है।
उन्होंने इस भावना को समझाने के लिए एक दिलचस्प तुलना की। उन्होंने बताया कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के 2025 में आईपीएल खिताब जीतने से पहले, उन्हें अक्सर 2016 के फाइनल की यादें सताती थीं, जो टीम सनराइजर्स हैदराबाद से हार गई थी। कोहली ने कहा कि वर्ल्ड कप फाइनल को लेकर भी उन्हें कुछ वैसा ही महसूस होता है। यह तुलना दिखाती है कि किस तरह बड़े टूर्नामेंट्स की हार खिलाड़ियों के मन पर लंबे समय तक असर छोड़ती है, और जीत के जरिए ही वह टीस मिटती है।
घरेलू मैदान पर खेले गए उस फाइनल में भारतीय टीम इतनी शानदार फॉर्म में थी कि खिलाड़ियों को पूरा भरोसा था कि जीत तय है। लेकिन नतीजा उम्मीद के उलट आया, और यही वजह है कि कोहली के लिए 2027 वर्ल्ड कप सिर्फ एक और टूर्नामेंट नहीं, बल्कि उस अधूरे सपने को पूरा करने का आखिरी मौका है।
बदलाव की सोच: अब खुलकर खेलने का इरादा
कोहली ने इस बातचीत में अपने खेलने के नजरिए में आए एक अहम बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सबसे पहली बात जो बदली है, वह यह है कि उन्होंने खुद से वादा किया है कि वे अब ज्यादा आजादी और बेफिक्री के साथ खेलेंगे। यह बयान दिखाता है कि अनुभव के साथ-साथ कोहली की मानसिकता में भी परिपक्वता आई है – अब वे नतीजों के दबाव से ज्यादा खेल का आनंद लेने और टीम के लिए योगदान देने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
उन्होंने अपने लक्ष्यों के बारे में भी विस्तार से बताया। उनका कहना था कि वे वर्ल्ड कप में ज्यादा से ज्यादा मैच जिताना चाहते हैं – अगर वे टीम के लिए 60-70% मैच जिता पाएं, तो यह शानदार होगा। हालांकि उनका सबसे बड़ा सपना है कि वे फाइनल में एक मैच जिताऊ, फिनिशिंग पारी खेलें – जैसे किसी लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम को जीत दिलाना। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सबसे आदर्श परिदृश्य होगा। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर टीम किसी और तरीके से भी वर्ल्ड कप जीत जाती है, तो वे उतने ही खुश होंगे – जाहिर है, उनके लिए टीम की जीत व्यक्तिगत उपलब्धि से कहीं ज्यादा मायने रखती है।
50 ओवर के वर्ल्ड कप की चुनौती
कोहली ने इस बातचीत में एक दिलचस्प पहलू पर भी रोशनी डाली – क्यों 50 ओवर का वर्ल्ड कप क्रिकेट की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक माना जाता है, खासकर जब टूर्नामेंट विदेशी धरती पर खेला जा रहा हो। उन्होंने समझाया कि एक 50 ओवर के वर्ल्ड कप की तीव्रता किसी भी अन्य टूर्नामेंट से ज्यादा होती है। उनके शब्दों में, यह करीब 10 मैचों जितना है, लेकिन टी20 स्तर की तीव्रता के साथ – क्योंकि एक दिन में खिलाड़ी लगभग ढाई टी20 मैचों जितनी मेहनत कर रहे होते हैं।
यह टिप्पणी दिखाती है कि क्यों वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट खिलाड़ियों से शारीरिक और मानसिक दोनों स्तर पर इतनी ज्यादा मांग करते हैं, और क्यों कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी के लिए भी यह इतना बड़ा और थकाऊ लक्ष्य है। बावजूद इसके, कोहली का जोश और तैयारी इस बात का प्रमाण है कि वे अपने करियर के आखिरी बड़े टूर्नामेंट को यादगार बनाने के लिए हर संभव कोशिश करने को तैयार हैं।
आंकड़ों में कोहली का जलवा
कोहली का वनडे करियर आंकड़ों के लिहाज से भी बेहद प्रभावशाली रहा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है – 43 वनडे मैचों में उन्होंने 66.50 की औसत से 2,261 रन बनाए हैं, जिसमें 9 शतक और 11 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं वर्ल्ड कप मुकाबलों की बात करें तो उन्होंने अब तक 37 वनडे वर्ल्ड कप मैचों में 59.83 की औसत से 1,795 रन बनाए हैं, जिसमें 5 शतक और 12 अर्धशतक शामिल हैं – यह आंकड़े साबित करते हैं कि बड़े मंच पर भी कोहली का बल्ला उतनी ही धारदार तरीके से चलता है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के पहले मैच में उतरते समय कोहली सिर्फ 59 रन की दूरी पर थे वनडे क्रिकेट में 15,000 रन पूरे करने से – यह उपलब्धि उन्हें क्रिकेट इतिहास के चुनिंदा दिग्गजों की सूची में शामिल कर देगी। इससे पहले उनका आखिरी वनडे मैच लॉर्ड्स में खेला गया था, जहां उन्होंने 74 रन की पारी खेली थी, हालांकि उस मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 27 रन से हरा दिया था।
2011 से 2027 तक का सफर
कोहली का वर्ल्ड कप से जुड़ा रिश्ता भावनात्मक रूप से बेहद गहरा है। 2011 में जब भारत ने वर्ल्ड कप जीता था, तब कोहली महज 22 साल के थे और उस विजेता टीम का हिस्सा थे। उस समय से लेकर अब तक वे भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद और लगातार प्रदर्शन करने वाले बल्लेबाजों में गिने जाते रहे हैं। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि 2011 के बाद से वे किसी भी वर्ल्ड कप खिताब का हिस्सा नहीं बन पाए – 2015, 2019 और 2023 के वर्ल्ड कप में भारत खिताब जीतने से चूक गया।
नवंबर में कोहली 38 साल के हो जाएंगे, और 2027 का टूर्नामेंट अभी करीब 12 महीने दूर है। ऐसे में यह साफ है कि उनके पास अपने करियर को शानदार अंदाज में समाप्त करने के लिए काफी समय और मौका है, लेकिन साथ ही उम्र और फिटनेस को लेकर सवाल भी बने रहेंगे। बहरहाल, कोहली के हालिया बयानों और उनके खेल के प्रति जज्बे को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा सकती है कि वे अपने करियर के इस आखिरी बड़े अध्याय को पूरी शिद्दत के साथ जिएंगे।
प्रशंसकों और क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया
कोहली के इस ऐलान के बाद क्रिकेट जगत और प्रशंसकों में भावुकता की लहर दौड़ गई है। एक ऐसे खिलाड़ी के लिए, जिसने अपने पूरे करियर में भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, यह घोषणा किसी युग के अंत की शुरुआत जैसी महसूस होती है। हालांकि यह भी गौर करने वाली बात है कि भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा, जो अब सिर्फ वनडे क्रिकेट ही खेलते हैं, उन्होंने भी एक और वर्ल्ड कप अभियान को लेकर अपना पूरा जोश बरकरार रखा है। इससे संकेत मिलता है कि भारतीय टीम के कुछ सबसे अनुभवी और दिग्गज खिलाड़ी 2027 वर्ल्ड कप को अपने करियर के सबसे यादगार पलों में से एक बनाने के लिए तैयार हैं।
यह भी दिलचस्प होगा कि आने वाले महीनों में कोहली की फॉर्म और फिटनेस को लेकर मीडिया और फैंस की नजरें और तेज हो जाएंगी। हर पारी, हर सीरीज अब इस नजरिए से देखी जाएगी कि क्या यह उन्हें 2027 वर्ल्ड कप के लिए सही राह पर ले जा रही है।
विराट कोहली का यह ऐलान भारतीय क्रिकेट के लिए भावनात्मक रूप से बेहद अहम पल है। एक ऐसे खिलाड़ी के लिए, जिसने अपने करियर में अनगिनत रिकॉर्ड बनाए और तोड़े, अब उनके करियर का आखिरी बड़ा अध्याय शुरू होने जा रहा है। 2023 फाइनल की हार की टीस, 2011 की यादें, और 2027 में खिताब जीतने का जज्बा – यह सभी मिलकर कोहली की इस यात्रा को और भी खास बना देते हैं।
“जो भी करना पड़े, मैं तैयार हूं” – यह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि एक ऐसे खिलाड़ी के जज्बे और जिम्मेदारी का प्रतीक है, जो अपने करियर के आखिरी बड़े मौके को किसी भी कीमत पर यादगार बनाना चाहता है। अब देखना यह होगा कि क्या कोहली और भारतीय टीम मिलकर 2027 में वह अधूरा सपना पूरा कर पाते हैं, जो 2023 में अधूरा रह गया था।
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