Awarapan 2 vs Batwara 1947 Box Office,Awarapan 2 और Batwara 1947 के बीच बॉक्स ऑफिस जंग का पूरा Day 1 से Day 5 तक का हिसाब — कलेक्शन, ऑक्यूपेंसी, बजट और इमरान हाशमी की जीत की असली वजहें।

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Awarapan 2 vs Batwara 1947 Box Office: इमरान हाशमी की सुनामी के आगे सनी देओल का संघर्ष
14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बॉलीवुड में एक बड़ा बॉक्स ऑफिस क्लैश देखने को मिला। एक तरफ थी इमरान हाशमी की ‘अवारापन 2’, जो 2007 की कल्ट क्लासिक फिल्म ‘अवारापन’ का सीक्वल है, और दूसरी तरफ थी सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’, जो भारत विभाजन की पृष्ठभूमि पर बनी एक भावनात्मक पीरियड ड्रामा है। दोनों फिल्में एक ही दिन रिलीज़ हुईं, लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतते गए, यह लड़ाई पूरी तरह से एकतरफा होती चली गई। आइए विस्तार से जानते हैं कि पांच दिनों में इन दोनों फिल्मों के बीच बॉक्स ऑफिस पर क्या हुआ।
दोनों फिल्मों का परिचय
अवारापन 2 का निर्देशन नितिन कक्कड़ ने किया है और इसमें इमरान हाशमी के साथ दिशा पाटनी और शबाना आज़मी मुख्य भूमिकाओं में हैं। कहानी में शिवम पांडे (इमरान हाशमी) एक शांत, दुखी जीवन जी रहा होता है, जो अपनी खोई हुई प्रेमिका की कब्र पर जाता रहता है। जब एक इंटरपोल अधिकारी उसे बैंकॉक के एक ट्रैफिकिंग रैकेट से बच्चों को बचाने के लिए मदद मांगता है,
जिसमें उसकी पुरानी प्रेमिका के नाम वाली एक बच्ची भी शामिल है, तो शिवम एक खतरनाक माफिया परिवार में घुसपैठ करता है और अपने पुराने भूतों, नई मोहब्बत और छुटकारे के रास्ते का सामना करता है। यह फिल्म 2007 की मूल फिल्म की नॉस्टैल्जिया और इमरान हाशमी की फ्रैंचाइज़ी में वापसी पर भरोसा कर रही थी।
दूसरी ओर, बंटवारा 1947 (जिसे पहले ‘लाहौर 1947’ नाम से जाना जाता था) राजकुमार संतोषी द्वारा निर्देशित और आमिर खान द्वारा निर्मित फिल्म है। यह असगर वजाहत के मशहूर नाटक ‘जिस लाहौर नई वेख्या, ओ जम्याई नई’ पर आधारित है। कहानी सिकंदर मिर्जा (सनी देओल) और उसके परिवार की है, जो 1947 के विभाजन के दौरान भारत से पाकिस्तान के लाहौर शहर की ओर पलायन करते हैं और उन्हें एक हवेली आवंटित होती है, जहां उन्हें एक बुज़ुर्ग हिंदू महिला (शबाना आज़मी) मिलती है, जो घर छोड़ने से इनकार कर देती है। फिल्म में सनी देओल के अलावा प्रीति ज़िंटा, करण देओल और अली फ़ज़ल भी अहम भूमिकाओं में हैं। संगीत ए.आर. रहमान का है।
दिलचस्प बात यह है कि यह टक्कर 2007 की याद दिलाती है, जब इमरान हाशमी की मूल ‘अवारापन’ सनी देओल की ‘अपने’ के साथ रिलीज़ हुई थी। लगभग दो दशक बाद, इतिहास एक बार फिर खुद को दोहरा रहा था।

डे 1: शुरुआत से ही साफ हो गया रुझान
पहले दिन ही यह साफ हो गया था कि यह मुकाबला किस दिशा में जाने वाला है। सैकनिल्क की लाइव रिपोर्ट के मुताबिक, अवारापन 2 ने पहले दिन शाम तक भारत में लगभग 15.57 करोड़ रुपये कमाए, जबकि इसका ग्रॉस कलेक्शन 18.37 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। फिल्म 7,872 शोज़ में चल रही थी। वहीं बंटवारा 1947 ने उस समय तक सिर्फ 3.44 करोड़ रुपये कमाए थे, जिसका ग्रॉस कलेक्शन 4.06 करोड़ रुपये था, जबकि इसके शोज़ की संख्या 7,684 थी।
यानी शुरुआती आंकड़ों में ही अवारापन 2 ने बंटवारा 1947 से चार गुना ज़्यादा कमाई कर ली थी। एडवांस बुकिंग में भी अवारापन 2 का दबदबा साफ नज़र आ रहा था — फिल्म ने 11 करोड़ रुपये से ज़्यादा की एडवांस बुकिंग हासिल की थी, जबकि बंटवारा 1947 सिर्फ लगभग 4 करोड़ रुपये तक ही पहुंच सकी थी। दिन के अंत तक, अवारापन 2 का पहला दिन का नेट कलेक्शन 22 करोड़ रुपये रहा, जबकि बंटवारा 1947 का आंकड़ा 5.75 करोड़ रुपये पर सिमट गया।
डे 2: स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी का फायदा, फिर भी फासला बढ़ा
15 अगस्त, यानी स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी का फायदा दोनों फिल्मों को मिला, लेकिन अवारापन 2 ने इस मौके को कहीं बेहतर तरीके से भुनाया। फिल्म ने दूसरे दिन 33.75 करोड़ रुपये कमाए, जिससे इसका कुल नेट कलेक्शन दो दिनों में 55.75 करोड़ रुपये (शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार लगभग 50 करोड़ रुपये पार) तक पहुंच गया। इस दौरान फिल्म की नेशनवाइड ऑक्यूपेंसी करीब 53-55% तक पहुंच गई थी, जो कि दूसरे दिन के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़ा है।
बंटवारा 1947 ने भी दूसरे दिन बेहतर प्रदर्शन किया — इसकी कमाई में 134.8% की छलांग देखी गई, यानी पहले दिन के 5.75 करोड़ रुपये से बढ़कर यह 13.50 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यह फीसदी के लिहाज़ से बड़ी ग्रोथ थी, लेकिन असल आंकड़ों में यह अब भी अवारापन 2 से बहुत पीछे थी। दो दिनों के बाद बंटवारा 1947 का कुल नेट कलेक्शन करीब 19.25 करोड़ रुपये था। इस तरह दोनों फिल्मों के बीच का फासला 36.50 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा।
डे 3: रविवार को भी अवारापन 2 का दबदबा कायम
तीसरे दिन, यानी रविवार को, अवारापन 2 ने अपनी रफ्तार बरकरार रखी और 26 करोड़ रुपये और जोड़े, जिससे इसका तीन दिन का कुल नेट कलेक्शन 81.75 करोड़ रुपये हो गया। फिल्म का इंडिया ग्रॉस कलेक्शन इस समय तक 98.10 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका था, यानी घरेलू बाज़ार में सौ करोड़ी क्लब में एंट्री बस कुछ ही घंटों की दूरी पर थी। विदेशों में भी फिल्म ने अच्छा प्रदर्शन किया, तीसरे दिन 4 करोड़ रुपये कमाकर कुल ओवरसीज़ ग्रॉस 12 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया, जिससे वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 110.10 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा।
दूसरी तरफ बंटवारा 1947 के लिए रविवार निराशाजनक रहा। छुट्टी वाले शनिवार के मुकाबले फिल्म की कमाई में 46.3% की गिरावट आई और यह सिर्फ 7.25 करोड़ रुपये ही कमा सकी। इसके साथ ही फिल्म का तीन दिन का कुल नेट कलेक्शन 26.50 करोड़ रुपये और ग्रॉस कलेक्शन 31.61 करोड़ रुपये रहा। शोज़ की संख्या भी घटकर 7,239 रह गई। ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने अवारापन 2 के शनिवार के प्रदर्शन को “धमाकेदार” बताया था, जबकि सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ और मूल फिल्म की नॉस्टैल्जिया ने इसे लगातार ऊंचाई पर बनाए रखा।
एक दिलचस्प तुलना यह भी सामने आई कि बंटवारा 1947 का 26.50 करोड़ रुपये का ओपनिंग वीकेंड कलेक्शन सनी देओल के करियर के लिहाज़ से देखा जाए तो उनकी हालिया फिल्मों जैसे गदर 2 (135.98 करोड़ रुपये) और बॉर्डर 2 (121 करोड़ रुपये) के मुकाबले बेहद कम था।
डे 4: सोमवार को दोनों फिल्मों की रफ्तार धीमी
पहले सोमवार को, जैसा कि आमतौर पर वीकेंड के बाद होता है, दोनों फिल्मों के कलेक्शन में तेज़ गिरावट देखी गई। अवारापन 2 ने चौथे दिन 9.25 से 10 करोड़ रुपये के बीच कमाई की, जिससे इसका कुल नेट कलेक्शन 91.17 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि इंडिया ग्रॉस कलेक्शन 105.03 करोड़ रुपये से लेकर 109 करोड़ रुपये के बीच रिपोर्ट किया गया। फिल्म ने चौथे दिन 10,849 शोज़ में 22% ऑक्यूपेंसी दर्ज की।
बंटवारा 1947 के लिए स्थिति और मुश्किल हो गई। फिल्म ने सोमवार को सिर्फ 2 से 2.33 करोड़ रुपये के बीच कमाई की, जो शनिवार के मुकाबले 71.8% तक की भारी गिरावट थी। फिल्म की ऑक्यूपेंसी सिर्फ 7.8% से 11% के बीच रह गई और शोज़ की संख्या घटकर 6,024 से 6,771 के बीच सिमट गई। चार दिनों के बाद फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 27.68 से 28.50 करोड़ रुपये के बीच था, जबकि ग्रॉस कलेक्शन लगभग 32 से 34 करोड़ रुपये के आसपास रहा।
सुबह के शोज़ में भी बंटवारा 1947 की ऑक्यूपेंसी सिर्फ 6.5% दर्ज की गई, जो पिछले रविवार की सुबह के 6.3% के आसपास ही रही — यानी फिल्म को कोई खास उछाल नहीं मिल पाया।
डे 5: अवारापन 2 ने पार की 100 करोड़ी क्लब की सीमा
पांचवें दिन, यानी मंगलवार को, अवारापन 2 ने आखिरकार अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। फिल्म का इंडिया नेट कलेक्शन 91.17 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया और ग्रॉस कलेक्शन 109.22 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा, जिससे यह आधिकारिक तौर पर 100 करोड़ी क्लब में शामिल हो गई। फिल्म पहले ही अपने ओपनिंग वीकेंड के दौरान 100 करोड़ रुपये के वर्ल्डवाइड आंकड़े को पार कर चुकी थी।
बंटवारा 1947 के लिए पांचवां दिन भी संघर्ष भरा रहा। मंगलवार को शुरुआती लाइव आंकड़ों के मुताबिक फिल्म ने सुबह के शोज़ में सिर्फ 50 लाख रुपये के करीब कमाई की और ऑक्यूपेंसी सिर्फ 6.6% रही। फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 28.52 करोड़ रुपये और ग्रॉस कलेक्शन करीब 33.97 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
आखिर क्यों जीती अवारापन 2 यह जंग?
इस पूरी लड़ाई को देखें तो अवारापन 2 ने बंटवारा 1947 के मुकाबले तीन गुना से भी ज़्यादा कमाई कर ली, जबकि दोनों फिल्में एक ही दिन, एक ही छुट्टी के मौके पर रिलीज़ हुई थीं। इसके पीछे कई वजहें गिनाई जा रही हैं:
सबसे बड़ी वजह है नॉस्टैल्जिया फैक्टर। 2007 की मूल ‘अवारापन’ भले ही उस समय बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता नहीं दिला पाई थी, लेकिन बाद में यह एक कल्ट क्लासिक बन गई और सैटेलाइट टीवी पर इसे भारी पसंद किया गया। इमरान हाशमी की शिवम के किरदार में वापसी ने पुराने फैंस को थिएटर तक खींच लिया।
दूसरी वजह है कहानी का प्रकार। अवारापन 2 एक डार्क रोमांटिक एक्शन थ्रिलर है, जो एक अलग तरह के दर्शक वर्ग को आकर्षित करता है, जबकि बंटवारा 1947 एक भारी-भरकम पीरियड ड्रामा है, जिसका विषय गंभीर और भावनात्मक है — विभाजन का दर्द, विस्थापन और सांप्रदायिक तनाव।
तीसरी वजह ऑनलाइन फुटफॉल में भी नज़र आती है — शुरुआती तीन दिनों में अवारापन 2 को लगभग 28 लाख ऑनलाइन दर्शक मिले, जबकि बंटवारा 1947 को सिर्फ लगभग 10.5 लाख। यानी दर्शकों की प्राथमिकता साफ तौर पर शहरी थ्रिलर की ओर झुकी हुई थी।
समीक्षकों की प्रतिक्रिया भी मिली-जुली रही। अवारापन 2 को मिश्रित समीक्षाएं मिलीं, फिर भी नॉस्टैल्जिया के दम पर यह दर्शकों को थिएटर तक खींचने में कामयाब रही। वहीं बंटवारा 1947 को सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ मिला और सोशल मीडिया पर इसे “सनी देओल की शानदार वापसी” के तौर पर सराहा गया, लेकिन यह सराहना कलेक्शन में तब्दील नहीं हो पाई।

बजट और मुनाफे का गणित
अवारापन 2 का प्रोडक्शन बजट (पी एंड ए सहित) करीब 45 करोड़ रुपये बताया गया है। इस हिसाब से फिल्म को हिट का दर्जा पाने के लिए 45 करोड़ रुपये और औसत का दर्जा पाने के लिए करीब 40 करोड़ रुपये पार करने थे। पांचवें दिन तक ही फिल्म ने अपने बजट का दोगुने से भी ज़्यादा कमा लिया, जिससे यह साफ तौर पर एक व्यावसायिक सफलता बन चुकी है।
बंटवारा 1947 का बजट सार्वजनिक रूप से पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन इसके स्टार कास्ट, ए.आर. रहमान का संगीत और आमिर खान प्रोडक्शन के बैनर को देखते हुए इसका बजट भी काफी बड़ा माना जा रहा है। ऐसे में सिर्फ पांच दिनों में 28-29 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन फिल्म के लिए चिंता का विषय बन सकता है, अगर वीकडेज़ में सुधार नहीं हुआ तो।
आगे क्या? हफ्ते के बाकी दिनों पर टिकी निगाहें
अब सबकी नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बंटवारा 1947 वीकडेज़ में कोई मज़बूत होल्ड दिखा पाएगी या नहीं, ताकि इसका ओवरऑल बॉक्स ऑफिस रन बेहतर हो सके। दूसरी ओर, अवारापन 2 के लिए असली चुनौती यह होगी कि क्या यह अपनी रफ्तार को दूसरे वीकेंड तक बनाए रख पाती है, क्योंकि हिंदी सिनेमा में अक्सर पहले वीकेंड के बाद कलेक्शन में तेज़ गिरावट देखी जाती रहती है।
फिलहाल के आंकड़ों को देखकर यह साफ कहा जा सकता है कि इमरान हाशमी की नॉस्टैल्जिया-ड्रिवन वापसी ने सनी देओल के भावनात्मक पीरियड ड्रामा को बॉक्स ऑफिस की जंग में पूरी तरह पीछे छोड़ दिया है। यह मुकाबला एक बार फिर साबित करता है कि दर्शकों की पसंद कितनी अप्रत्याशित हो सकती है — भले ही विषय कितना भी गंभीर या ऐतिहासिक क्यों न हो, अगर कहानी और नॉस्टैल्जिया का सही मेल न बैठे, तो कलेक्शन पर इसका सीधा असर पड़ता है।
नोट: उपरोक्त सभी आंकड़े ट्रेड सोर्सेज़ जैसे सैकनिल्क और अन्य लाइव ट्रैकिंग रिपोर्ट्स पर आधारित हैं, और अंतिम आधिकारिक आंकड़ों में मामूली बदलाव संभव है।
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