Bcci farewell to Dilip Ryan ten Doeschate,श्रीलंका दौरे से पहले BCCI ने फील्डिंग कोच टी. दिलीप और सहायक कोच रायन टेन डोशाटे को विदाई दी। जानें पूरा घटनाक्रम, दिलीप का भावुक संदेश और नए कोच सुभदीप घोष की एंट्री।

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BCCI ने आउटगोइंग कोचों को दी भावुक विदाई, श्रीलंका दौरे से पहले टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ में बड़ा बदलाव
भारतीय क्रिकेट टीम के कोचिंग स्टाफ में इस समय बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है। श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज़ से ठीक पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपने दो अनुभवी कोचों — फील्डिंग कोच टी. दिलीप और सहायक कोच रायन टेन डोशाटे — को विदाई दे दी है। दोनों का अनुबंध हाल ही में समाप्त हुआ और बोर्ड ने इसे आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया। इस पूरे घटनाक्रम ने भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच खासी चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि यह बदलाव टीम इंडिया के श्रीलंका दौरे से ठीक पहले हुआ है, जो 15 अगस्त से शुरू होने वाला है।
टी. दिलीप का पांच साल का सफर खत्म
T Dilip Fielding Coach,टी. दिलीप, जो नवंबर 2021 से भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के फील्डिंग कोच के रूप में कार्यरत थे, उनका बीसीसीआई के साथ पांच साल लंबा कार्यकाल अब समाप्त हो चुका है। हैदराबाद से ताल्लुक रखने वाले दिलीप ने अपने कार्यकाल के दौरान टीम इंडिया की फील्डिंग यूनिट को एक नई पहचान दी। उनकी हाई-इंटेंसिटी फील्डिंग ड्रिल्स और ड्रेसिंग रूम की संस्कृति में किए गए बदलावों को उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है।
दिलचस्प बात यह है कि जब गौतम गंभीर ने राहुल द्रविड़ की जगह मुख्य कोच का पद संभाला था, उस समय पूरे कोचिंग स्टाफ में सिर्फ दिलीप ही ऐसे कोच थे जिन्हें अपने पद पर बरकरार रखा गया था। यानी दिलीप का अनुभव और काम दोनों ही कोचिंग बदलावों के बावजूद भरोसेमंद माने जाते रहे।
दिलीप का अनुबंध वास्तव में जून महीने में ही समाप्त हो गया था, लेकिन बीसीसीआई ने उन्हें इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के अंत तक टीम के साथ बनाए रखा। इसके बाद बोर्ड ने उनके अनुबंध को आगे न बढ़ाने का फैसला लिया।
भावुक विदाई संदेश
सोमवार को टी. दिलीप ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपने पांच साल के सफर को अलविदा कहा। उन्होंने लिखा कि इतने लंबे और यादगार सफर के लिए सही शब्द ढूंढ पाना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। दिलीप ने अपने संदेश में बताया कि जब उन्होंने पहली बार इस सेटअप में कदम रखा था, तब उनका सिर्फ एक ही मकसद था — हर दिन अपना शत-प्रतिशत देना। उन्होंने कहा कि फील्डिंग हमेशा से उनके लिए इस खेल में योगदान देने का उनका तरीका रही है, और इस टीम की यात्रा का हिस्सा बनने का मौका मिलना उनके लिए गर्व की बात रही।
अपने पोस्ट में दिलीप ने बीसीसीआई और भारतीय क्रिकेट टीम का दिल से आभार जताया कि उन्होंने उन पर भरोसा किया और भारतीय क्रिकेट की सेवा करने का अवसर दिया। उन्होंने पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और वर्तमान मुख्य कोच गौतम गंभीर, दोनों का विशेष रूप से धन्यवाद किया और कहा कि दोनों के साथ काम करना उनके लिए सम्मान की बात थी।
इसके अलावा उन्होंने रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, विराट कोहली, हार्दिक पंड्या, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर जैसे उन सभी कप्तानों का भी जिक्र किया, जिनके नेतृत्व में उन्होंने काम किया। दिलीप ने कहा कि इन सभी खिलाड़ियों, कोचों और सपोर्ट स्टाफ के सदस्यों के साथ बिताया गया हर पल उनके लिए अनमोल यादों जैसा है, जो जीवनभर उनके साथ रहेगा।
अपने विदाई संदेश के अंत में उन्होंने यह भी कहा कि इस अध्याय के बंद होने के बावजूद, वे हमेशा इस बात के लिए आभारी रहेंगे कि पांच अविस्मरणीय वर्षों तक उन्हें भारत का बैज पहनने का सम्मान मिला। इन पांच वर्षों में टीम इंडिया ने कई आईसीसी खिताब भी जीते, जिनका श्रेय काफी हद तक टीम की मजबूत फील्डिंग यूनिट को भी दिया जाता है — और इसमें दिलीप की मेहनत का बड़ा योगदान रहा।
रायन टेन डोशाटे भी हुए विदा
Ryan ten Doeschate, India coach,टी. दिलीप के साथ-साथ सहायक कोच रायन टेन डोशाटे का भी बीसीसीआई के साथ सफर खत्म हो गया है। नीदरलैंड के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी डोशाटे, आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2024 में भारत की जीत के बाद टीम के सेटअप से जुड़े थे और पिछले दो वर्षों से टीम मैनेजमेंट का हिस्सा रहे। उनका दो साल का अनुबंध जून की 10 तारीख को समाप्त हुआ। डोशाटे, कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) में गौतम गंभीर के करीबी सहयोगी रहे हैं — दोनों ने आईपीएल 2024 के दौरान साथ काम किया था।
जब गंभीर भारतीय टीम के मुख्य कोच बने, तो डोशाटे ने केकेआर से इस्तीफा देकर उनके साथ टीम इंडिया के सेटअप में शामिल होने का फैसला किया था। अब खबरों के मुताबिक, डोशाटे के आईपीएल 2027 से पहले वापस केकेआर में क्रिकेट रणनीति प्रमुख के तौर पर लौटने की संभावना है।
बीसीसीआई का आधिकारिक बयान
इन दोनों कोचों के जाने को लेकर मीडिया में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, जिसके बाद बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने खुद इस मामले पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने पीटीआई से बातचीत में साफ किया कि टेन डोशाटे और दिलीप, दोनों ने खुद इस्तीफा नहीं दिया था, बल्कि उनके अनुबंध की अवधि स्वाभाविक रूप से समाप्त हो गई थी और बोर्ड ने इन्हें आगे न बढ़ाने का फैसला किया। सैकिया ने कहा कि इस्तीफा स्वीकार करने जैसी कोई बात ही नहीं है, क्योंकि अनुबंध पहले ही खत्म हो चुका था।
सैकिया ने आगे बताया कि बोर्ड फील्डिंग कोच के पद के लिए दो-तीन उम्मीदवारों से बातचीत कर रहा है और जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि श्रीलंका दौरे तक टीम इंडिया के पास एक नया फील्डिंग कोच होगा। बीसीसीआई ने दोनों कोचों को इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के समापन तक टीम के साथ बनाए रखा था, ताकि टीम प्रबंधन में कोई अचानक व्यवधान न आए।
नए फील्डिंग कोच के रूप में सुभदीप घोष की एंट्री
टी. दिलीप की जगह अब पूर्व घरेलू क्रिकेटर सुभदीप घोष टीम इंडिया के नए फील्डिंग कोच की भूमिका संभालेंगे। असम के पूर्व क्रिकेटर घोष के पास घरेलू और युवा खिलाड़ियों को तराशने का लंबा अनुभव है, और उन्होंने बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में लंबे समय तक काम किया है। यही अनुभव उन्हें इस नई जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त उम्मीदवार बनाता है।
घोष का पहला बड़ा असाइनमेंट श्रीलंका दौरे पर फील्डिंग यूनिट की जिम्मेदारी संभालना होगा, जहां टीम इंडिया उच्च मानकों को कायम रखने की कोशिश करेगी। यह घोष के लिए एक बड़ी चुनौती भी होगी, क्योंकि उन्हें दिलीप द्वारा स्थापित की गई फील्डिंग संस्कृति को आगे बढ़ाना होगा और साथ ही अपनी खुद की पहचान भी बनानी होगी।
टीम इंडिया का श्रीलंका दौरा
भारतीय क्रिकेट टीम अगस्त के पहले सप्ताह में श्रीलंका के लिए रवाना होगी, जहां दोनों टीमों के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ खेली जाएगी। यह सीरीज़ 15 अगस्त से शुरू होने वाली है। यह दौरा भारतीय टीम के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि यह नए कोचिंग स्टाफ के साथ टीम की पहली बड़ी परीक्षा होगी। इस दौरे से ठीक पहले टीम इंडिया को एक और बड़ा झटका तब लगा जब स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को श्रीलंका टेस्ट सीरीज़ से बाहर होना पड़ा, जिसके बाद बोर्ड ने उनके स्थान पर एक नए गेंदबाज की घोषणा की।
गौरतलब है कि ज्यादातर वरिष्ठ खिलाड़ी और मुख्य कोचिंग स्टाफ इंग्लैंड में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल और इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज़ में व्यस्त हैं, ऐसे में श्रीलंका दौरे की जिम्मेदारी एक अलग कोचिंग सेटअप के हवाले की गई है। दिलचस्प संयोग यह भी है कि इससे पहले भी, जब मुख्य कोचिंग स्टाफ इंग्लैंड दौरे पर व्यस्त था, तब राहुल द्रविड़ को श्रीलंका में सीमित ओवरों की टीम को मार्गदर्शन देने के लिए बुलाया गया था। उस समय द्रविड़, जो नेशनल क्रिकेट अकादमी के प्रमुख थे, को इसलिए चुना गया था क्योंकि वे भारत ए के अधिकांश युवा खिलाड़ियों के साथ पहले से काम कर चुके थे और खिलाड़ियों को उनके साथ सहजता महसूस होती थी।

कोचिंग बदलाव का बड़ा संदर्भ
टी. दिलीप और रायन टेन डोशाटे की विदाई सिर्फ दो व्यक्तिगत बदलाव नहीं हैं, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट टीम के कोचिंग ढांचे में एक बड़े बदलाव का संकेत भी माना जा रहा है। गौतम गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद से टीम प्रबंधन में लगातार परिवर्तन देखे गए हैं, और अब यह नया बदलाव इस प्रक्रिया की अगली कड़ी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि बीसीसीआई किस तरह के नए चेहरों को टीम में शामिल करता है और क्या यह बदलाव टीम के प्रदर्शन पर सकारात्मक असर डालता है।
टेन डोशाटे की विदाई पर बीसीसीआई ने कोई भावुक बयान सार्वजनिक रूप से जारी नहीं किया, लेकिन दिलीप के मामले में उनकी लंबी सेवा और खिलाड़ियों के साथ गहरे जुड़ाव को देखते हुए उनकी विदाई पर काफी भावुक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। क्रिकेट जगत में कई पूर्व और वर्तमान खिलाड़ियों तथा प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर दिलीप के योगदान की सराहना की और उनके नए सफर के लिए शुभकामनाएं दीं।
आगे की राह
अब जबकि सुभदीप घोष ने फील्डिंग कोच के रूप में जिम्मेदारी संभाल ली है, सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वे किस तरह टीम की फील्डिंग यूनिट को आगे बढ़ाते हैं। श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज़ न सिर्फ टीम इंडिया के लिए बल्कि नए कोचिंग स्टाफ के लिए भी एक अग्निपरीक्षा साबित होगी। बीसीसीआई का यह भी कहना है कि आने वाले दिनों में कोचिंग स्टाफ को लेकर और भी घोषणाएं हो सकती हैं, क्योंकि बोर्ड टीम प्रबंधन को और मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।
कुल मिलाकर, टी. दिलीप और रायन टेन डोशाटे की विदाई भारतीय क्रिकेट के एक अध्याय के समापन जैसी है, वहीं सुभदीप घोष की नियुक्ति एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है। आने वाले श्रीलंका दौरे पर सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि टीम इंडिया इस बदलाव के बावजूद अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रख पाती है या नहीं।
यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। आगे की जानकारी और अपडेट्स के लिए आधिकारिक बीसीसीआई स्रोतों पर नजर बनाए रखें।