IND vs SL कोलंबो टेस्ट के पहले दिन का पूरा हाल — पडिक्कल की शतकीय पारी, गिल का 3000 टेस्ट रन माइलस्टोन, पंत की कलाई पर चोट, और जायसवाल-असिथा फर्नांडो की झड़प का पूरा विवरण।

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IND vs SL पडिक्कल का शतक, गिल का माइलस्टोन, पंत की चोट और जायसवाल की झड़प , दिन 1 का पूरा हाल
भारत बनाम श्रीलंका, दूसरा टेस्ट, सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड, कोलंबो
23 अगस्त 2026 को कोलंबो के ऐतिहासिक सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड (SSC) में भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ के दूसरे और आखिरी मुकाबले का पहला दिन कई मायनों में यादगार रहा। एक तरफ जहां देवदत्त पडिक्कल के शानदार शतक और शुभमन गिल के करियर माइलस्टोन ने भारतीय खेमे को खुश किया, वहीं दूसरी तरफ ऋषभ पंत की चोट और यशस्वी जायसवाल की श्रीलंकाई गेंदबाज असिथा फर्नांडो से हुई तीखी झड़प ने दिन में ड्रामा भी भर दिया। आइए विस्तार से जानते हैं दिन भर की हर बड़ी घटना।
मैच की पृष्ठभूमि: सीरीज़ स्वीप की तलाश में भारत
भारत और श्रीलंका के बीच यह दो टेस्ट मैचों की सीरीज़ का निर्णायक मुकाबला है। गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में भारतीय टीम ने शानदार 165 रनों की जीत दर्ज करते हुए सीरीज़ में 1-0 की बढ़त बना ली थी। कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम अब कोलंबो में जीत दर्ज कर सीरीज़ को 2-0 से क्लीन स्वीप करने के इरादे से उतरी। भारत के लिए यह मुकाबला वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल की रेस में बने रहने के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा था, जबकि मेज़बान श्रीलंका के लिए यह सीरीज़ में बराबरी करने और घरेलू मैदान पर इज़्ज़त बचाने का आखिरी मौका था।
टॉस जीतकर भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने बिना किसी देरी के पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। प्लेइंग इलेवन में भारत ने एक बदलाव किया — इंफेक्शन की वजह से कुलदीप यादव इस मैच से बाहर हो गए और उनकी जगह 33 वर्षीय ऑफ स्पिनर सारांश जैन को टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला।
भारतीय प्लेइंग XI: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, मानव सुथार, सारांश जैन, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज।
श्रीलंका प्लेइंग XI: लाहिरू उदारा, कामिल मिशारा, पसिंदु सोरियाबंदरा, कामिंदु मेंडिस, धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), केशरा नुवानथा, प्रभात जयसूर्या, लाहिरू कुमारा, असिथा फर्नांडो।
शुरुआत में झटके: राहुल और जायसवाल जल्दी आउट
पहले सेशन में श्रीलंकाई तेज गेंदबाजों ने भारतीय सलामी बल्लेबाजों की अच्छी परीक्षा ली। कप्तान केएल राहुल टिककर नहीं खेल पाए और महज 33 गेंदों में दो चौकों की मदद से 18 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद बारी आई युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल की, जिनसे टीम इंडिया, दर्शकों और कोचिंग स्टाफ को बड़ी पारी की उम्मीद थी — खासकर इसलिए क्योंकि गॉल टेस्ट में जायसवाल एक विवादित रन आउट का शिकार होकर सिर्फ 32 रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे।
कोलंबो में जायसवाल ने अच्छी शुरुआत की और अर्धशतक की ओर बढ़ते दिखे, लेकिन असिथा फर्नांडो की गेंद पर वे क्लीन बोल्ड हो गए। जायसवाल ने 53 गेंदों में 45 रन बनाए, जिसमें कई आकर्षक स्ट्रोक शामिल थे। इस तरह भारत ने अपने दोनों शुरुआती विकेट पहले सेशन में ही गंवा दिए और टीम का स्कोर 66/2 हो गया।
जायसवाल-असिथा फर्नांडो झड़प: मैदान पर बवाल
जायसवाल के आउट होने के बाद मैदान पर माहौल अचानक गरमा गया। असिथा फर्नांडो ने जायसवाल को आउट करने के बाद जोरदार जश्न मनाया और कथित तौर पर उन्हें “सेंड-ऑफ” दिया। इससे नाराज़ जायसवाल का आपा खो बैठे और दोनों खिलाड़ी आमने-सामने आ गए। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच हेड-कॉन्टैक्ट यानी सिर से धक्का मारने की घटना हुई और मामला धक्का-मुक्की तक जा पहुंचा। मैदान पर मौजूद बाकी खिलाड़ी और अंपायर तुरंत हरकत में आए, और आखिरकार श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा तथा अन्य खिलाड़ियों ने बीच-बचाव कर दोनों खिलाड़ियों को अलग किया।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ और क्रिकेट जगत में इस पर खासी चर्चा छिड़ गई। मैच रेफरी की तरफ से दोनों खिलाड़ियों पर आचार संहिता उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की भी अटकलें लगाई जा रही हैं, हालांकि इस पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह घटना गॉल टेस्ट में हुए विवादित रन आउट के प्रकरण के बाद दोनों टीमों के बीच बढ़ते तनाव का एक और उदाहरण मानी जा रही है, जहां जायसवाल और श्रीलंकाई खेमे के बीच पहले भी खेल भावना बनाम नियमों की बहस छिड़ चुकी थी।
पडिक्कल-गिल की साझेदारी ने संभाली पारी
दो जल्दी विकेट गंवाने के बाद भारतीय पारी को देवदत्त पडिक्कल और कप्तान शुभमन गिल ने संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने बेहद संयमित और जोखिम-मुक्त क्रिकेट खेलते हुए स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाया। लंच तक भारत का स्कोर 77/2 था, जिसके बाद दोनों बल्लेबाजों ने पारी को आगे बढ़ाना जारी रखा।
गिल और पडिक्कल की साझेदारी लगातार मजबूत होती गई। दूसरे सेशन में भारत ने 100 रन का आंकड़ा पार किया, फिर 200 का। इस दौरान श्रीलंकाई गेंदबाज लगातार धैर्य की परीक्षा लेते रहे, लेकिन दोनों भारतीय बल्लेबाज डटे रहे। तीसरे विकेट के लिए गिल और पडिक्कल के बीच 209 गेंदों में 120 रनों की शतकीय साझेदारी हुई, जिसने भारत की पारी को मजबूती दी।
शुभमन गिल का ऐतिहासिक माइलस्टोन: 3000 टेस्ट रन
इस मैच से पहले शुभमन गिल टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ 7 रन की दूरी पर थे — उन्होंने अब तक 42 टेस्ट मैचों की 76 पारियों में 2,993 रन बनाए थे। कोलंबो में गिल ने यह मुकाम हासिल कर लिया और टेस्ट क्रिकेट में अपने 3,000 रन पूरे किए। यह उपलब्धि हासिल करते हुए गिल भारत की तरफ से सबसे कम उम्र में 3,000 टेस्ट रन बनाने वाले चौथे बल्लेबाज बन गए। उन्होंने यह मुकाम 26 साल और 349 दिन की उम्र में हासिल किया। भारत के लिए सबसे कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने का रिकॉर्ड आज भी मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है।
गिल ने अपना अर्धशतक 108 गेंदों में पूरा किया और इसके तुरंत बाद वह आउट हो गए। एक जोखिम भरा शॉट खेलते हुए वे ऑफ स्टंप के बाहर एक गेंद पर आउट हुए। इसके बावजूद, टीम की तरफ से कप्तान की पारी ने भारत को मजबूत नींव दी और गिल का यह माइलस्टोन दिन की सबसे सुखद खबरों में से एक रहा।
पडिक्कल का लगातार दूसरा शतक
लेकिन दिन का असली हीरो रहे देवदत्त पडिक्कल। आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की तरफ से खेलने वाले इस बल्लेबाज ने अपनी पारी में शुरुआत में दो जीवनदान भी पाए — वे 0 और 1 के स्कोर पर कैच छूटने की वजह से बच गए थे। इन मौकों का पूरा फायदा उठाते हुए पडिक्कल ने बेहद संयमित पारी खेली।
पडिक्कल ने अपना शतक 168 गेंदों में पूरा किया — लॉन्ग ऑन की तरफ एक रन दौड़कर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की और हेलमेट उतारकर ड्रेसिंग रूम का अभिवादन किया। यह गॉल टेस्ट के बाद लगातार दूसरे मैच में उनका शतक था, जिससे उन्होंने खुद को भारतीय मध्यक्रम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल कर लिया है। सेंचुरी के बाद पडिक्कल ने आक्रामक रुख अपनाया — जयसूर्या की गेंदों पर पीछे हटकर कवर के ऊपर से शॉट खेले और एक और कट शॉट के जरिए बाउंड्री बटोरी।
आखिरकार पडिक्कल की मैराथन पारी 117 रन (193 गेंद) पर समाप्त हुई, जब केशरा नुवानथा की एक तेज और सपाट गेंद पर, जो पिच पर पकड़ बनाकर मुड़ी, वे पीछे की तरफ हटकर खेलते हुए बोल्ड हो गए। यह उनके आउट होने का थोड़ा सॉफ्ट तरीका था, लेकिन तब तक वे भारत को एक मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे।

ऋषभ पंत की कलाई पर गंभीर चोट, रिटायर्ड हर्ट
दिन के आखिरी सेशन में भारतीय टीम को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को गंभीर चोट लगी। भारतीय पारी के 58वें ओवर में, श्रीलंका के तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा की एक शॉर्ट-ऑफ-लेंथ, उठती हुई गेंद पर पंत ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की। गेंद की रफ्तार इतनी तेज़ थी कि पंत जब तक अपना बल्ला पूरी तरह घुमा पाते, गेंद उनके दस्ताने से होते हुए सीधे कलाई पर जा लगी।
इस चोट के बाद पंत तुरंत दर्द में नज़र आए। मैदान पर आए फिजियो ने सूजन कम करने के लिए उनकी कलाई पर बर्फ का पैक लगाया और काफी देर तक इलाज चला। लेकिन उनकी तकलीफ कम नहीं हुई, और आखिरकार फिजियो से बातचीत के बाद पंत ने रिटायर्ड हर्ट होने का फैसला लिया। वे सिर्फ 15 गेंदों में 3 रन बनाकर मैदान से बाहर गए। उनकी जगह अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा बल्लेबाजी करने आए।
पंत की चोट को लेकर शुरुआत में स्थिति साफ नहीं थी, और सोशल मीडिया पर मेडिकल टीम द्वारा उनके अंगूठे की जांच करते हुए तस्वीरें भी सामने आईं, हालांकि आधिकारिक तौर पर चोट की प्रकृति की पुष्टि नहीं हुई थी। हालांकि दिन के अंत तक मिली जानकारी के अनुसार पंत अगले दिन बल्लेबाजी के लिए मैदान पर लौट सकते हैं, ऐसा भरोसा दिया गया, लेकिन स्थिति पर नज़र बनाए रखने की जरूरत है क्योंकि कलाई जैसी चोटें अक्सर पहले आकलन से ज्यादा गंभीर निकलती हैं। भारतीय टीम प्रबंधन और फैंस दोनों के लिए यह चिंता की बात इसलिए भी है क्योंकि पंत न सिर्फ टीम के अहम बल्लेबाज हैं, बल्कि विकेटकीपिंग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी संभालते हैं।
गौरतलब है कि पंत का हाल के वर्षों में चोटों से गहरा नाता रहा है — दिसंबर 2022 की भीषण कार दुर्घटना से लेकर हाल ही में इंग्लैंड दौरे पर पैर के अंगूठे में हुए फ्रैक्चर तक, वे कई बार शारीरिक चुनौतियों से जूझते हुए मैदान पर लौटे हैं। ऐसे में उनकी हर नई चोट भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए चिंता का विषय बन जाती है।
जडेजा और जुरेल ने संभाला मोर्चा, सारांश जैन का यादगार डेब्यू
पंत के जाने के बाद रवींद्र जडेजा ने पारी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने पडिक्कल के साथ मिलकर बिना किसी हड़बड़ी के स्कोर बढ़ाया। जडेजा अर्धशतक से चूक गए और 43 रन बनाकर आउट हुए — एक ऐसी गेंद पर जो लेंथ पर पिच होकर ऑफ स्टंप के बाहर से अंदर आई और उन्होंने बल्ला नहीं दिखाया, गेंद सीधे ऑफ स्टंप के ऊपरी हिस्से पर जा लगी। यह नई गेंद के साथ असिथा फर्नांडो के लिए एक अहम सफलता थी, जिन्होंने भारत की एक मुश्किल दिन में अच्छी वापसी की।
इसके बाद ध्रुव जुरेल और डेब्यूटेंट सारांश जैन ने पारी को संभाला। 33 साल की उम्र में टेस्ट डेब्यू कर रहे सारांश जैन के लिए यह एक यादगार दिन साबित हुआ। असिथा फर्नांडो ने उन्हें एक यॉर्कर से टेस्ट क्रिकेट में स्वागत किया, जिसे उन्होंने बखूबी डिफेंड किया, और इसके तुरंत बाद उन्होंने एक शॉर्ट गेंद पर बैकवर्ड पॉइंट की दिशा में लेट कट खेलकर टेस्ट क्रिकेट में अपना खाता खोला। दिन का खेल खत्म होने से ठीक पहले उन्होंने एक और बाउंसर को अच्छे कौशल के साथ खेलते हुए डिफेंड किया।
दूसरी तरफ जुरेल ने भी कई आकर्षक ड्राइव खेले, हालांकि उनमें से कई सीधे फील्डरों के पास गए और एक मौके पर नॉन-स्ट्राइकर के स्टंप्स से टकरा गए। श्रीलंकाई फील्डर सोनल दिनुशा ने भी एक शानदार डाइविंग स्टॉप के जरिए एक संभावित बाउंड्री रोकी।
दिन का समापन: भारत मजबूत स्थिति में
दिन के खेल की समाप्ति तक भारत का स्कोर पांच विकेट के नुकसान पर 300 के पार पहुंच चुका था, जिसमें जुरेल 7 और सारांश जैन 4 रन बनाकर नाबाद लौटे। असिथा फर्नांडो श्रीलंका के लिए सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने अपनी गति और उछाल से लगातार परेशानी खड़ी की।
कुल मिलाकर, कोलंबो टेस्ट का पहला दिन भारत के लिए मिला-जुला रहा। एक तरफ पडिक्कल के लगातार दूसरे शतक और गिल के 3,000 टेस्ट रन के माइलस्टोन ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, वहीं दूसरी तरफ जायसवाल-असिथा फर्नांडो की झड़प और ऋषभ पंत की कलाई पर आई गंभीर चोट ने भारतीय खेमे में हलचल मचा दी। सारांश जैन का यादगार डेब्यू भी दिन की एक सकारात्मक कहानी रही।
अब सबकी निगाहें दूसरे दिन के खेल पर टिकी हैं — क्या ऋषभ पंत बल्लेबाजी के लिए मैदान पर लौट पाएंगे? क्या भारत अपनी पहली पारी में एक विशाल स्कोर खड़ा कर पाएगा? और क्या जायसवाल-असिथा फर्नांडो प्रकरण पर मैच रेफरी की तरफ से कोई कार्रवाई होगी? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में साफ होंगे, लेकिन इतना तय है कि यह टेस्ट मैच अब तक अपने रोमांच, ड्रामा और उपलब्धियों के मामले में सीरीज़ का सबसे यादगार मुकाबला बनता जा रहा है।
आगे क्या होगा? दूसरे दिन के लाइव स्कोर, पंत की चोट का ताज़ा अपडेट और सीरीज़ की पूरी कवरेज के लिए हमारे साथ जुड़े रहें — कमेंट में बताएं, आपको लगता है भारत यह मैच जीतकर सीरीज़ क्लीन स्वीप करेगा या नहीं?