Breaking news ,ATM New Rules 2026: सितंबर-अक्टूबर से बदले नियम, जानें कितना लगेगा चार्ज

Canara Bank, SBI, HDFC के नए ATM नियम सितंबर-अक्टूबर 2026 से लागू। जानें फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट, नया चार्ज और बचने के आसान तरीके।

ATM New Rules 2026
ATM New Rules 2026,ATM Rules Changed
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ATM New Rules 2026: सितंबर में लागू हुए नए नियम, अब पैसे निकालने पर लगेगा इतना चार्ज

अगर आप भी हर महीने कई बार ATM से पैसे निकालते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। सितंबर 2026 से देश के कई बड़े बैंकों ने अपने ATM ट्रांजैक्शन नियमों में बदलाव किया है। इनमें फ्री ट्रांजैक्शन की संख्या घटाने से लेकर फ्री लिमिट खत्म होने के बाद लगने वाले चार्ज बढ़ाने तक, कई अहम बदलाव शामिल हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के निर्देशों के मुताबिक ही बैंक अपने ATM चार्ज ढांचे में बदलाव कर रहे हैं, और आने वाले महीनों में यह असर लगभग हर बैंक खाताधारक पर पड़ने वाला है।

इस लेख में हम आपको विस्तार से बताएंगे कि सितंबर 2026 से किन-किन बैंकों में क्या बदलाव हुए हैं, फ्री ट्रांजैक्शन की नई लिमिट क्या है, फ्री लिमिट खत्म होने के बाद कितना चार्ज देना होगा, और आप इन बदलावों से खुद को कैसे बचा सकते हैं।

क्यों बदले जा रहे हैं ATM के नियम?

पिछले कुछ सालों में ATM के रखरखाव, कैश लोडिंग, सुरक्षा और तकनीकी संचालन की लागत लगातार बढ़ी है। बैंकों का कहना है कि इसी वजह से उन्हें फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा घटाने और चार्ज बढ़ाने का फैसला लेना पड़ा। भारतीय रिजर्व बैंक ने भी बैंकों को एक तय सीमा के भीतर चार्ज बढ़ाने की अनुमति दी है, जिसके बाद निजी और सरकारी दोनों तरह के बैंकों ने अपने-अपने नियमों में संशोधन शुरू कर दिया है।

सामान्य तौर पर समझा जाए तो अब हर बैंक खाताधारक को महीने में मिलने वाले मुफ्त ATM ट्रांजैक्शन की गिनती पर पहले से कहीं ज्यादा ध्यान देना होगा, क्योंकि यह सीमा घट रही है और सीमा पार करने के बाद लगने वाला चार्ज भी बढ़ गया है।

RBI का सामान्य नियम: सभी बैंकों पर लागू

भारतीय रिजर्व बैंक ने साफ किया है कि फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट खत्म होने के बाद हर अतिरिक्त निकासी पर अब ₹23 प्लस GST का चार्ज लगेगा। यह नियम मेट्रो और नॉन-मेट्रो शहरों दोनों में लागू है, हालांकि फ्री ट्रांजैक्शन की गिनती शहर के हिसाब से अलग रखी गई है:

  • मेट्रो शहरों में ग्राहकों को महीने में 3 फ्री ट्रांजैक्शन मिलते हैं।
  • नॉन-मेट्रो शहरों में यह सीमा 5 फ्री ट्रांजैक्शन तक है।
  • ग्रामीण इलाकों के लिए अब भी 5 फ्री ट्रांजैक्शन की सुविधा जारी रखी गई है।

यह नियम निजी और सरकारी, दोनों तरह के बैंकों पर समान रूप से लागू होता है। यानी चाहे आपका खाता किसी भी बैंक में हो, फ्री लिमिट खत्म होने के बाद आपको लगभग ₹23 और उस पर लगने वाला GST चुकाना होगा। महंगाई के इस दौर में मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह एक अतिरिक्त बोझ साबित हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो छोटी-छोटी रकम के लिए बार-बार ATM का इस्तेमाल करते हैं।

केनरा बैंक: 1 सितंबर 2026 से लागू हुए नए नियम

सबसे बड़ा और सबसे ताज़ा बदलाव केनरा बैंक (Canara Bank) की तरफ से आया है। बैंक ने 1 सितंबर 2026 से अपने ATM ट्रांजैक्शन चार्ज में संशोधन किया है, जिसकी जानकारी बैंक ने अपनी वेबसाइट पर अपडेट की है।

फ्री ट्रांजैक्शन की संख्या घटी

केनरा बैंक में सामान्य सेविंग्स अकाउंट रखने वाले ग्राहकों को पहले एक कैलेंडर महीने में कुल 6 फ्री ATM ट्रांजैक्शन मिलते थे। अब इस संख्या को घटाकर 5 कर दिया गया है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस गिनती में फाइनेंशियल (कैश निकासी जैसे) और नॉन-फाइनेंशियल (बैलेंस चेक जैसे) दोनों तरह के ट्रांजैक्शन शामिल हैं। यानी अगर आपने महीने में दो बार सिर्फ बैलेंस चेक किया, तो वह भी आपकी फ्री लिमिट में गिना जाएगा।

हालांकि सीनियर सिटिजन ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि उन्हें अब भी ज्यादा फ्री ट्रांजैक्शन की सुविधा मिलती रहेगी, जिससे बुजुर्ग ग्राहकों पर इस बदलाव का सीधा असर कम होगा।

ATM Rules Changed
ATM Rules Changed

फ्री लिमिट के बाद कितना चार्ज लगेगा

फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा खत्म होने के बाद केनरा बैंक ATM पर कैश निकालने का चार्ज पहले ₹20 प्लस GST था, जिसे अब बढ़ाकर ₹23 प्लस GST कर दिया गया है। खास बात यह है कि इस दायरे में ICCW यानी UPI के जरिए बिना कार्ड के कैश निकालने वाला ट्रांजैक्शन भी शामिल कर दिया गया है। यानी अगर आप कार्ड के बिना सिर्फ UPI से ATM से कैश निकालते हैं, तब भी आपको यह बढ़ा हुआ चार्ज देना होगा।

वहीं, नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन जैसे बैलेंस इंक्वायरी, मिनी स्टेटमेंट आदि पर चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह अब भी ₹5 प्लस GST ही रहेगा।

बैलेंस न होने पर भी लगेगा जुर्माना

एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अगर आपके खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं है और इस वजह से ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है, तो भी बैंक इसके लिए शुल्क वसूल सकता है। इसलिए ATM जाने से पहले अपना बैलेंस चेक करना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है, ताकि बेवजह के जुर्माने से बचा जा सके।

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SBI: 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे नए नियम

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने भी अपने ग्राहकों के लिए ATM ट्रांजैक्शन नियमों में बदलाव का ऐलान किया है। यह बदलाव 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा, यानी अभी ग्राहकों के पास तैयारी के लिए कुछ समय है।

सैलरी अकाउंट धारकों के लिए बड़ा बदलाव

SBI के सैलरी पैकेज अकाउंट धारकों के लिए यह बदलाव सबसे ज्यादा मायने रखता है। अभी तक इन ग्राहकों को दूसरे बैंकों के ATM या ADWM (Automated Deposit cum Withdrawal Machine) पर हर महीने 10 फ्री ट्रांजैक्शन की सुविधा मिलती थी। लेकिन 1 अक्टूबर से यह संख्या घटकर सीधे आधी यानी 5 रह जाएगी।

इसका मतलब यह हुआ कि जो लोग अपने वेतन खाते से बार-बार दूसरे बैंक के ATM का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अब महीने में सिर्फ 5 बार ही मुफ्त में पैसे निकालने या अन्य सेवाओं का इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा।

फ्री लिमिट के बाद के चार्ज

5 फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा पार करने के बाद:

  • कैश निकासी (फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन) पर ₹23 प्लस GST का चार्ज देना होगा।
  • नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन (जैसे बैलेंस चेक) पर ₹11 प्लस GST का चार्ज लगेगा।

बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव सिर्फ सैलरी पैकेज अकाउंट धारकों के लिए है। सामान्य SBI खाताधारकों के लिए फिलहाल इस बदलाव से कोई नई कटौती लागू नहीं की गई है, यानी उनके लिए दूसरे बैंकों के ATM पर पहले जैसी ही फ्री ट्रांजैक्शन सुविधा जारी रहेगी।

बेसिक सेविंग्स खाताधारकों के लिए नियम

SBI के बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) खाताधारकों के लिए भी बदलाव किया गया है। इन ग्राहकों को महीने में चार मुफ्त निकासी की सुविधा मिलती रहेगी, लेकिन इसके बाद हर अतिरिक्त ATM ट्रांजैक्शन पर ₹15 प्लस GST का चार्ज देना होगा। यह चार्ज सामान्य बचत खाताधारकों के मुकाबले थोड़ा कम है, क्योंकि BSBD खाते खासतौर पर उन ग्राहकों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं जिनकी बैंकिंग जरूरतें सीमित होती हैं।

बैंक ने यह भी कहा है कि जो ग्राहक महीने में कई बार ATM का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अब अपनी फ्री ट्रांजैक्शन सीमा पर नजर रखनी होगी, ताकि बेवजह के चार्ज से बचा जा सके।

पहले से लागू हो चुके अन्य बड़े बदलाव

सितंबर 2026 से पहले भी इस साल कई बैंकों ने अपने ATM और डेबिट कार्ड नियमों में बदलाव किए थे। इन बदलावों को समझना भी जरूरी है, क्योंकि ये अब भी लागू हैं और आगे चलकर आपकी बैंकिंग आदतों को प्रभावित कर सकते हैं।

HDFC बैंक: डेली विड्रॉल लिमिट घटी

HDFC बैंक ने अपने प्रीमियम डेबिट कार्ड धारकों के लिए दैनिक निकासी सीमा में कटौती की है। प्लेटिनम, गोल्ड या बिजनेस कार्ड रखने वाले ग्राहक पहले एक दिन में ₹1 लाख तक निकाल सकते थे, लेकिन अब यह सीमा घटाकर ₹50,000 कर दी गई है। इसी तरह, सिलेक्ट और सिग्नेचर डेबिट कार्ड रखने वाले ग्राहकों के लिए डेली लिमिट ₹1.5 लाख से घटाकर ₹75,000 कर दी गई है।

बैंक का कहना है कि यह कदम ग्राहकों की सुरक्षा बढ़ाने और बड़े कैश ट्रांजैक्शन को नियंत्रित करने के मकसद से उठाया गया है। साथ ही, HDFC में अब UPI के जरिए ATM से पैसा निकालना भी पहले जैसा मुफ्त नहीं रहा।

बंधन बैंक: फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा तय

बंधन बैंक ने भी अपने ट्रांजैक्शन नियमों में बदलाव किया है। अब बंधन बैंक के ग्राहक अपने बैंक के ATM पर महीने में सिर्फ 5 बार ही फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन यानी पैसा निकाल पाएंगे। हालांकि नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के लिए अलग नियम रखे गए हैं, जो ग्राहकों को बैलेंस चेक जैसी सुविधाओं के लिए कुछ ज्यादा राहत देते हैं।

PNB में भी लागू हुआ ₹23 का चार्ज

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने भी RBI के निर्देशों के अनुसार फ्री लिमिट के बाद ₹23 प्लस GST का चार्ज लागू कर दिया है। यह चार्ज अब देश के लगभग सभी प्रमुख बैंकों में एक समान स्तर पर लागू हो गया है, जिससे ग्राहकों के लिए यह समझना आसान हो गया है कि फ्री लिमिट के बाद उन्हें कितना भुगतान करना होगा।

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एक नजर में: किस बैंक में क्या बदला (सितंबर-अक्टूबर 2026)

बैंककब से लागूफ्री ट्रांजैक्शन (सामान्य ग्राहक)फ्री लिमिट के बाद चार्ज (कैश निकासी)
केनरा बैंक1 सितंबर 20266 से घटाकर 5 (फाइनेंशियल + नॉन-फाइनेंशियल)₹20+GST से बढ़ाकर ₹23+GST
SBI (सैलरी अकाउंट)1 अक्टूबर 2026दूसरे बैंक ATM पर 10 से घटाकर 5₹23+GST (कैश), ₹11+GST (नॉन-फाइनेंशियल)
SBI (BSBD खाता)1 अक्टूबर 20264 फ्री निकासी₹15+GST प्रति अतिरिक्त ट्रांजैक्शन
HDFC (प्रीमियम कार्ड)पहले से लागूडेली लिमिट में कटौतीUPI से निकासी अब फ्री नहीं
बंधन बैंकपहले से लागूखुद के ATM पर महीने में 5 फाइनेंशियल ट्रांजैक्शनबैंक की तय दर के अनुसार

(नोट: चार्ज और लिमिट में बदलाव समय-समय पर होते रहते हैं, इसलिए सटीक जानकारी के लिए हमेशा अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या SMS अलर्ट जरूर चेक करें।)

इन बदलावों का आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा?

इन नए नियमों का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो छोटी-छोटी रकम के लिए बार-बार ATM का इस्तेमाल करते हैं। उदाहरण के लिए, अगर कोई ग्राहक महीने में 10-12 बार ATM से पैसे निकालता है, तो फ्री लिमिट (5 या उससे कम) पार होने के बाद उसे हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर लगभग ₹23-27 (GST सहित) चुकाने पड़ सकते हैं। महीने भर में यह रकम ₹150-200 या उससे ज्यादा तक पहुंच सकती है, जो सालाना हिसाब से एक अच्छी-खासी राशि बन जाती है।

खासतौर पर निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए यह एक अतिरिक्त खर्च साबित हो सकता है, क्योंकि ऐसे परिवार अक्सर बड़ी रकम एक साथ निकालने के बजाय जरूरत के हिसाब से छोटी-छोटी रकम निकालना पसंद करते हैं। ऐसे में बार-बार ATM विजिट करने की आदत अब पहले से ज्यादा महंगी पड़ सकती है।

दूसरी तरफ, जो ग्राहक महीने में एक-दो बार ही ATM का इस्तेमाल करते हैं या ज्यादातर UPI और डिजिटल भुगतान पर निर्भर हैं, उन पर इन बदलावों का असर लगभग नगण्य रहेगा।

अतिरिक्त चार्ज से बचने के आसान तरीके

नए नियमों के बीच थोड़ी सी समझदारी और योजना बनाकर आप अतिरिक्त चार्ज से आसानी से बच सकते हैं। नीचे कुछ आसान तरीके दिए गए हैं:

1. महीने में कम बार, लेकिन ज्यादा रकम निकालें बार-बार छोटी रकम निकालने के बजाय, महीने में एक या दो बार जरूरत के हिसाब से ज्यादा रकम एक साथ निकालना बेहतर रहेगा। इससे आप फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट के अंदर ही रह पाएंगे।

2. अपने ही बैंक के ATM का इस्तेमाल करें दूसरे बैंकों के ATM के मुकाबले अपने ही बैंक के ATM पर आमतौर पर ज्यादा फ्री ट्रांजैक्शन मिलते हैं। इसलिए जहां तक संभव हो, अपने बैंक के ATM का ही इस्तेमाल करें।

3. UPI और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दें रोजमर्रा की छोटी खरीदारी के लिए कैश की बजाय UPI, डेबिट कार्ड या अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल करें। इससे ATM जाने की जरूरत ही कम हो जाएगी।

4. बैलेंस इंक्वायरी के लिए ऐप या SMS का इस्तेमाल करें सिर्फ बैलेंस चेक करने के लिए ATM जाना अब महंगा पड़ सकता है, क्योंकि यह भी फ्री ट्रांजैक्शन की गिनती में शामिल होता है। इसकी बजाय बैंक के मोबाइल ऐप, नेट बैंकिंग या मिस्ड कॉल/SMS बैंकिंग सुविधा का इस्तेमाल करें, जो ज्यादातर मुफ्त होती हैं।

5. अपने बैंक की फ्री लिमिट की जानकारी रखें हर बैंक की फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट अलग होती है और समय-समय पर बदलती भी रहती है। इसलिए अपने बैंक की वेबसाइट, ऐप या SMS अलर्ट के जरिए यह जरूर पता रखें कि आपने महीने में कितने ट्रांजैक्शन कर लिए हैं।

6. सीनियर सिटिजन और खास खाताधारक अपनी सुविधाओं की जानकारी लें अगर आप सीनियर सिटिजन हैं या किसी खास तरह के खाते (जैसे प्रीमियम सैलरी अकाउंट) के धारक हैं, तो हो सकता है आपको ज्यादा फ्री ट्रांजैक्शन की सुविधा मिल रही हो। अपनी बैंक शाखा से इसकी पुष्टि जरूर करें।

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सितंबर और अक्टूबर 2026 से लागू हो रहे ये नए ATM नियम बताते हैं कि बैंकिंग सेवाओं की लागत लगातार बढ़ रही है, और बैंक इस बोझ का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डाल रहे हैं। केनरा बैंक, SBI, HDFC और बंधन बैंक जैसे बड़े बैंकों में हुए इन बदलावों का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो बार-बार ATM का इस्तेमाल करते हैं।

हालांकि घबराने की जरूरत नहीं है। थोड़ी सी सावधानी, सही योजना और डिजिटल भुगतान माध्यमों के ज्यादा इस्तेमाल से आप इन बढ़े हुए चार्ज से आसानी से बच सकते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि अपने बैंक की आधिकारिक जानकारी पर नजर बनाए रखें, क्योंकि नियम और चार्ज समय-समय पर बदलते रहते हैं, और हर बैंक के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए अपने खाते से जुड़े नए नियमों की जानकारी के लिए बैंक की वेबसाइट या ग्राहक सेवा से जरूर संपर्क करें।

अपने बैंक की फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट अभी चेक करें और बेवजह के चार्ज से बचें — कमेंट में बताएं आपका बैंक कौन सा है, हम उसकी डिटेल भी कवर करेंगे!

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