Breaking News VVS Laxman Head Coach Asian Games : बने भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के हेड कोच एशियन गेम्स 2026 के लिए बड़ा ऐलान

VVS Laxman को एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का हेड कोच बनाया गया है। जानिए टीम इंडिया के नए कोच, जिम्मेदारी और बड़े अपडेट।

VVS Laxman Head Coach Asian Games 2026
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VVS Laxman Head Coach Asian Games

भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए 3 सितंबर 2026 का दिन एक बड़ी और दिलचस्प खबर लेकर आया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और खेल मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि पूर्व दिग्गज बल्लेबाज़ वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के हेड कोच होंगे। यह टूर्नामेंट जापान के आइची-नागोया (Aichi-Nagoya) शहर में आयोजित किया जाएगा, और भारत की टीम 24 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में अपने गोल्ड मेडल का बचाव करने उतरेगी।

यह खबर इसलिए भी खास है क्योंकि वीवीएस लक्ष्मण, जो फिलहाल बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Centre of Excellence) के प्रमुख हैं, कोई नए चेहरे नहीं हैं जब बात भारतीय टीम को अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में लीड करने की आती है। इससे पहले भी वे कई मौकों पर भारतीय टीम की कमान संभाल चुके हैं, और खास बात यह है कि उन्होंने 2023 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में भारत को गोल्ड मेडल दिलाया था। तो चलिए इस पूरी खबर को विस्तार से समझते हैं — आखिर यह बदलाव क्यों हुआ, टीम में कौन-कौन खिलाड़ी शामिल हैं, कोचिंग स्टाफ में और कौन-कौन लोग हैं, और वीवीएस लक्ष्मण का क्रिकेट करियर कैसा रहा है।

आखिर गौतम गंभीर की जगह लक्ष्मण को क्यों चुना गया?

सबसे पहला और सबसे स्वाभाविक सवाल यही उठता है कि जब भारतीय टीम के मौजूदा और नियमित हेड कोच गौतम गंभीर हैं, तो फिर एशियन गेम्स के लिए अलग से कोच क्यों नियुक्त किया गया? इसका जवाब बड़ा सीधा है — शेड्यूल का टकराव

दरअसल, एशियन गेम्स 2026 की क्रिकेट प्रतियोगिता 24 सितंबर से शुरू हो रही है, जबकि ठीक इसी दौरान भारतीय सीनियर टीम का वेस्टइंडीज़ के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज़ भी शुरू हो रहा है, जो 27 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा। दोनों टूर्नामेंट्स लगभग एक ही समय पर हो रहे हैं, और जाहिर है कि गौतम गंभीर एक साथ दो जगह मौजूद नहीं हो सकते।

इसलिए बीसीसीआई ने फैसला किया कि गंभीर वेस्टइंडीज़ सीरीज़ के लिए घर पर सीनियर टीम के साथ रहेंगे, जबकि एशियन गेम्स के लिए जाने वाली टीम की जिम्मेदारी वीवीएस लक्ष्मण को सौंपी जाएगी। यानी यह किसी तरह की डिमोशन या गंभीर के प्रदर्शन पर सवाल नहीं है, बल्कि सिर्फ प्रैक्टिकल शेड्यूलिंग की वजह से लिया गया फैसला है।

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वीवीएस लक्ष्मण का भारतीय टीम के साथ पुराना रिश्ता

अगर आप भारतीय क्रिकेट को करीब से फॉलो करते हैं, तो आपको याद होगा कि यह पहली बार नहीं है जब लक्ष्मण भारतीय टीम की अंतरिम या सहायक कोचिंग भूमिका में नज़र आए हों। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने कई बार यह जिम्मेदारी बखूबी निभाई है:

  • 2022 एशिया कप: जब राहुल द्रविड़ कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए थे और यूएई की यात्रा नहीं कर पाए थे, तब लक्ष्मण को अंतरिम कोच बनाया गया था और उन्होंने टीम की तैयारियों की निगरानी की थी।
  • ज़िम्बाब्वे दौरा: इस साल की शुरुआत में उन्होंने भारत की टी20 सीरीज़ के दौरान हेड कोच की भूमिका निभाई थी।
  • अंडर-19 वर्ल्ड कप: उन्होंने भारत की अंडर-19 टीम को भी कोचिंग दी है, जिसमें फरवरी 2024 का अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल भी शामिल है, जहां हृषिकेश कनितकर उनके साथ हेड कोच की भूमिका में थे।
  • ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और आयरलैंड सीरीज़: इन दौरों पर भी उन्होंने बतौर अंतरिम कोच भारतीय टीम की कमान संभाली थी, खासकर तब जब मुख्य कोचिंग स्टाफ किसी और टूर्नामेंट में व्यस्त था।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 2023 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में लक्ष्मण ही भारतीय पुरुष टीम के हेड कोच थे, और उनकी अगुवाई में भारत ने गोल्ड मेडल जीता था। यही कारण है कि इस बार भी उनका चयन एशियन गेम्स के लिए किया गया है — क्योंकि उनके पास इस टूर्नामेंट को जीतने का पहले से अनुभव और सफलता दोनों मौजूद हैं। इसे एक तरह की “निरंतरता” (continuity) के रूप में भी देखा जा रहा है, जहां डिफेंडिंग चैंपियन टीम उसी कोच के साथ मैदान में उतर रही है जिसने उन्हें पिछली बार खिताब दिलाया था।

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कोचिंग स्टाफ में कौन-कौन शामिल है?

सिर्फ वीवीएस लक्ष्मण अकेले इस जिम्मेदारी को नहीं निभाएंगे। उनके साथ एक पूरा सपोर्ट स्टाफ भी होगा, जिसमें शामिल हैं:

  1. सुनील जोशी — पूर्व भारतीय स्पिनर, जो कोचिंग टीम का अहम हिस्सा होंगे।
  2. हृषिकेश कनितकर — जो पहले भी अंडर-19 टीम के साथ लक्ष्मण के सहयोगी रह चुके हैं।
  3. सुभदीप घोष — जिन्हें नए फील्डिंग कोच के तौर पर शामिल किया गया है।

इसके अलावा, मारूफ फजंदार को टीम लीडर के तौर पर नियुक्त किया गया है, जो प्रशासनिक और लॉजिस्टिक जिम्मेदारियां संभालेंगे।

खेल मंत्रालय द्वारा जारी की गई सूची के मुताबिक, महिला टीम की कमान अमोल मुजुमदार के हाथों में होगी, जो पुरुष टीम की तरह ही अपने खिताब का बचाव करने के लिए एशियन गेम्स में उतरेंगी। दिलचस्प बात यह है कि भारत की दोनों टीमें — पुरुष और महिला — मौजूदा T20 चैंपियन हैं, इसलिए दोनों पर अपने खिताब बचाने का दबाव भी रहेगा।

भारतीय पुरुष टीम — किन खिलाड़ियों को मिली जगह?

एशियन गेम्स 2026 के लिए बीसीसीआई ने एक मजबूत और अनुभवी दस्ते का ऐलान किया है। कप्तानी की जिम्मेदारी श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है, जबकि तिलक वर्मा उनके उप-कप्तान होंगे। टीम में शामिल प्रमुख खिलाड़ियों की सूची इस प्रकार है:

  • श्रेयस अय्यर (कप्तान)
  • अभिषेक शर्मा
  • संजू सैमसन
  • ईशान किशन
  • शिवम दुबे
  • तिलक वर्मा (उप-कप्तान)
  • नीतीश कुमार रेड्डी
  • अक्षर पटेल
  • वाशिंगटन सुंदर
  • वरुण चक्रवर्ती
  • रवि बिश्नोई
  • जसप्रीत बुमराह
  • हर्षित राणा
  • अर्शदीप सिंह
  • वैभव सूर्यवंशी

इस टीम में अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलता है। एक तरफ जसप्रीत बुमराह जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाज़ हैं, तो दूसरी तरफ वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी टीम का हिस्सा हैं। यह भी गौर करने वाली बात है कि बुमराह को इस टीम में शामिल किया गया है, जो दिखाता है कि बीसीसीआई इस टूर्नामेंट को कितनी गंभीरता से ले रहा है और खिताब बचाने के लिए पूरी ताकत झोंकने को तैयार है।

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वीवीएस लक्ष्मण एक शानदार क्रिकेट करियर की झलक

VVS Laxman Head Coach Asian Games 2026,अगर हम वीवीएस लक्ष्मण के खेल करियर की बात करें, तो वे भारतीय क्रिकेट के उन दिग्गजों में से एक हैं जिन्हें खासतौर पर उनकी टेस्ट क्रिकेट में जुझारू और कलात्मक बल्लेबाज़ी के लिए याद किया जाता है। उन्होंने भारत के लिए 134 टेस्ट मैच और 86 वनडे मैच खेले हैं। उनकी बल्लेबाज़ी शैली को अक्सर “सिल्की” या रेशमी कहा जाता था, और खासकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका प्रदर्शन हमेशा यादगार रहा है।

क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वीवीएस लक्ष्मण ने खुद को कोचिंग और प्रशासनिक भूमिकाओं में सक्रिय रखा है। वे लंबे समय से नेशनल क्रिकेट अकादमी (NCA) से जुड़े हुए हैं, जहां वे पहले हेड और अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे हैं। यह भूमिका उन्हें युवा और घरेलू क्रिकेट खिलाड़ियों को तैयार करने में एक अहम स्थान देती है, और यही अनुभव उन्हें राष्ट्रीय टीम के साथ काम करते समय भी बेहद उपयोगी साबित होता है।

एशियन गेम्स क्रिकेट का महत्व

एशियन गेम्स में क्रिकेट को शामिल किए जाने के बाद से यह टूर्नामेंट भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के बीच भी काफी लोकप्रिय हो गया है। हालांकि यह ओलंपिक जितना बड़ा मंच नहीं है, लेकिन एशिया की टीमों के बीच होने वाली यह प्रतियोगिता कई मायनों में अहम है। यह युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका देती है, साथ ही यह भी दिखाती है कि भारत जैसी क्रिकेट पावरहाउस टीम इस टूर्नामेंट को कितनी गंभीरता से लेती है।

2023 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में जब भारत ने गोल्ड मेडल जीता था, तब वीवीएस लक्ष्मण ही टीम के हेड कोच थे। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि इस बार भी सेलेक्शन कमेटी और बीसीसीआई ने उसी सफल फॉर्मूले को दोहराने की कोशिश की है — यानी एक ऐसा कोच जिसने पहले भी खिताब जिताया हो, उसे फिर से मौका दिया जाए ताकि टीम अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव कर सके।

टीम के सामने चुनौतियां

हालांकि टीम में कई बड़े नाम शामिल हैं, फिर भी यह टूर्नामेंट अपने आप में कुछ चुनौतियां भी लेकर आता है। सबसे पहली बात, यह टीम अपने खिताब की रक्षा (डिफेंडिंग चैंपियन) के तौर पर मैदान में उतरेगी, जिसका मतलब है कि हर टीम की नज़र भारत पर होगी और उन्हें हराने की पूरी कोशिश की जाएगी। दूसरी चुनौती यह है कि टीम का ज्यादातर हिस्सा उन खिलाड़ियों से बना है जो सीनियर टीम में नियमित रूप से नहीं खेलते या फिर टी20 फॉर्मेट के विशेषज्ञ हैं, ऐसे में टीम कॉम्बिनेशन और तालमेल बिठाना भी एक अहम पहलू होगा।

इसके अलावा, चूंकि यह टूर्नामेंट भारत की घरेलू वनडे सीरीज़ के साथ ही हो रहा है, इसलिए मीडिया और प्रशंसकों का ध्यान भी बंटा रहेगा। लेकिन बीसीसीआई ने दोनों टीमों के लिए अलग-अलग अनुभवी कोचिंग स्टाफ की व्यवस्था करके यह सुनिश्चित किया है कि दोनों टूर्नामेंट्स को बराबर महत्व मिले और किसी भी टीम की तैयारियों पर कोई असर न पड़े।

प्रशंसकों और क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया

इस ऐलान के बाद क्रिकेट जगत और प्रशंसकों के बीच काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। चूंकि वीवीएस लक्ष्मण पहले ही एशियन गेम्स में भारत को गोल्ड दिला चुके हैं, इसलिए ज्यादातर लोग इस फैसले को एक सकारात्मक कदम मान रहे हैं। कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों का मानना है कि लक्ष्मण जैसे अनुभवी और शांत स्वभाव वाले कोच के हाथों में टीम की कमान होना, खासकर एक बड़े टूर्नामेंट में, टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि किस तरह बीसीसीआई अब बड़े टूर्नामेंट्स के दौरान शेड्यूल क्लैश की स्थिति में डुअल कोचिंग सेटअप (parallel coaching setup) की व्यवस्था करने में सहज हो गया है। यह दिखाता है कि भारतीय क्रिकेट प्रबंधन अब पहले से कहीं ज्यादा गहराई और अनुभव वाले कोचिंग पूल पर भरोसा कर पा रहा है, जिसमें द्रविड़, गंभीर, लक्ष्मण जैसे कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ी शामिल हैं जो जरूरत पड़ने पर टीम की कमान संभाल सकते हैं।

कुल मिलाकर, वीवीएस लक्ष्मण को एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का हेड कोच बनाया जाना एक तार्किक और अनुभव-आधारित फैसला है। यह सिर्फ एक शेड्यूलिंग एडजस्टमेंट नहीं है, बल्कि इसके पीछे लक्ष्मण की पिछली सफलता, उनका अनुभव और भारतीय क्रिकेट सिस्टम में उनकी गहरी जड़ें भी एक बड़ी वजह हैं। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में एक संतुलित और मजबूत टीम मैदान में उतरेगी, जिसका लक्ष्य 2023 में जीते गए गोल्ड मेडल को बरकरार रखना होगा।

अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या लक्ष्मण एक बार फिर अपनी कोचिंग क्षमताओं का लोहा मनवाते हुए भारत को लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स गोल्ड मेडल दिला पाते हैं, या फिर एशिया की अन्य मजबूत टीमें इस बार भारत को कड़ी टक्कर देती हैं। जो भी हो, आने वाले हफ्तों में भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह एक बेहद दिलचस्प और रोमांचक टूर्नामेंट साबित होने वाला है।

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