Jorge messi father death lionel messi hindi,लियोनेल मेस्सी के पिता और लंबे समय तक एजेंट रहे जॉर्ज मेस्सी का 68 साल की उम्र में रोसारियो में निधन। जानें उनकी जिंदगी, करियर में भूमिका और श्रद्धांजलियों की पूरी जानकारी।

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फुटबॉल के सबसे बड़े सितारे के पीछे खड़े रहे शख्स की कहानी
फुटबॉल की दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई है। अर्जेंटीना और इंटर मियामी के दिग्गज फॉरवर्ड लियोनेल मेस्सी के पिता और लंबे समय तक उनके एजेंट रहे जॉर्ज मेस्सी का 68 साल की उम्र में निधन हो गया है। जॉर्ज का निधन शुक्रवार रात अर्जेंटीना के रोसारियो शहर के एक अस्पताल में हुआ, जहां वे लंबे समय से एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। यह खबर सिर्फ मेस्सी परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी फुटबॉल दुनिया के लिए एक भावुक और दुखद पल है, क्योंकि जॉर्ज सिर्फ एक पिता नहीं थे — वे मेस्सी के करियर की नींव रखने वाले, हर कदम पर साथ खड़े रहने वाले और उनकी पूरी यात्रा के मूक शिल्पकार थे।
जॉर्ज मेस्सी का निधन कैसे हुआ
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉर्ज मेस्सी पिछले कई महीनों से बीमार चल रहे थे और अपना इलाज रोसारियो स्थित सैनेटोरियो सेंट्रो (Sanatorio Centro) मेडिकल सेंटर में करवा रहे थे। वे अपने अंतिम महीनों में अस्पताल और घर के बीच आते-जाते रहे, और इस दौरान उनकी पत्नी सेलिया कुचित्तिनी तथा उनके बच्चे रोड्रिगो, मातियास और मारिया सोल लगातार उनके साथ रहे। अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. कार्लोस मैके ने पुष्टि की कि जॉर्ज का निधन शनिवार तड़के हुआ, हालांकि परिवार की निजता का सम्मान करते हुए मौत के कारण से जुड़ी और जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। स्थानीय रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि जॉर्ज लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे।
गौरतलब है कि इसी साल हुए फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान मेस्सी परिवार ने एक बयान जारी करके बताया था कि जॉर्ज एक “स्वास्थ्य संबंधी स्थिति” से गुजर रहे हैं, लेकिन उस समय बीमारी की गंभीरता को पूरी तरह उजागर नहीं किया गया था। वर्ल्ड कप के शुरुआती मुकाबले में अल्जीरिया के खिलाफ हैट्रिक जमाने के बाद लियोनेल मेस्सी भावुक होकर रो पड़े थे, और बाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा था कि उनके आंसुओं का फुटबॉल से कोई सीधा संबंध नहीं था, बल्कि वे कुछ “मुश्किल और उलझे हुए दिनों” से गुजर रहे थे — जिसे अब पीछे मुड़कर देखने पर उनके पिता की बिगड़ती सेहत से जोड़कर देखा जा रहा है।
कौन थे जॉर्ज मेस्सी
जॉर्ज होरासियो मेस्सी का जन्म और पालन-पोषण अर्जेंटीना के रोसारियो शहर में हुआ था। पेशे से वे एक केमिकल टेक्नीशियन थे और उन्होंने स्टीलवर्कर के तौर पर भी काम किया। रोसारियो की एक मेटल फैक्ट्री में वे सुपरवाइजर के पद पर भी कार्यरत रहे। खुद जॉर्ज भी युवावस्था में फुटबॉल खेला करते थे — वे मिडफील्डर की पोजीशन पर खेलते थे और न्यूवेल्स ओल्ड बॉयज़ (Newell’s Old Boys) क्लब की युवा टीम का हिस्सा भी रहे। हालांकि अनिवार्य सैन्य सेवा पूरी करने के लिए उन्हें अपने फुटबॉल करियर को बीच में ही छोड़ना पड़ा।
जॉर्ज और सेलिया कुचित्तिनी के चार बच्चे थे — रोड्रिगो, मातियास, लियोनेल और सबसे छोटी बेटी मारिया सोल। परिवार का फुटबॉल से गहरा नाता था, और यही वजह थी कि जॉर्ज ने अपने बच्चों को भी खेल से जोड़े रखा। शुरुआत में उन्होंने रोसारियो के छोटे से क्लब ग्रांडोली (Grandoli) में कोच के तौर पर भी काम किया, जहां छोटे लियोनेल मेस्सी ने फुटबॉल के अपने पहले कदम रखे थे।
लियोनेल मेस्सी के करियर की नींव रखने वाले पिता
जॉर्ज मेस्सी की सबसे बड़ी पहचान यही रही कि उन्होंने अपने बेटे लियोनेल के असाधारण टैलेंट को सबसे पहले पहचाना और उसे तराशने में अपनी पूरी जिंदगी झोंक दी। बचपन में लियोनेल को ग्रोथ हार्मोन डेफिशिएंसी (growth hormone deficiency) नाम की एक बीमारी थी, जिसके इलाज का खर्च परिवार के लिए उठाना आसान नहीं था। यह जॉर्ज और उनकी पत्नी सेलिया की मेहनत और त्याग ही था, जिसने इस मुश्किल दौर में लियोनेल को सही पोषण और इलाज दिलाया।
साल 2000 में, जब लियोनेल सिर्फ 13 साल के थे, जॉर्ज उन्हें लेकर स्पेन के बार्सिलोना गए, जहां क्लब की मशहूर युवा अकादमी ला मासिया (La Masia) में उनका ट्रायल हुआ। यह ट्रायल इतना प्रभावशाली रहा कि बार्सिलोना के अधिकारियों ने तुरंत लियोनेल को साइन करने का फैसला लिया — और यह करार इतिहास में एक नैपकिन पर हुए मशहूर समझौते के तौर पर दर्ज है। इसके बाद जॉर्ज पूरे परिवार के साथ बार्सिलोना शिफ्ट हो गए ताकि बेटे के करियर को सही दिशा दे सकें।
जब लियोनेल सिर्फ 14 साल के थे, तभी जॉर्ज उनके पहले प्रोफेशनल एजेंट बन गए और तभी से उन्होंने अपने बेटे के पूरे करियर की बागडोर संभाली। बार्सिलोना में मेस्सी के हर कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल की बातचीत में जॉर्ज की अहम भूमिका रही — 2017 में हुए एक ऐतिहासिक करार में मेस्सी का रिलीज़ क्लॉज लगभग 500 मिलियन पाउंड (करीब 654 मिलियन डॉलर) तय हुआ था, जो उस समय फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स में से एक था। इसके बाद पेरिस सैंत-जर्मेन (PSG) और फिर इंटर मियामी तक के सफर में भी जॉर्ज ने अपने बेटे के करियर से जुड़े व्यावसायिक और कानूनी मामलों को बखूबी संभाला।
यह भी दिलचस्प है कि जॉर्ज हमेशा मीडिया की सुर्खियों से दूर रहना पसंद करते थे। वे अपने बेटे की चमक-दमक भरी दुनिया के पीछे एक शांत, लो-प्रोफाइल शख्सियत बने रहे, लेकिन पर्दे के पीछे उनकी मौजूदगी हमेशा एक मजबूत स्तंभ की तरह रही।
पिता-पुत्र का भावनात्मक रिश्ता
लियोनेल मेस्सी ने कई मौकों पर सार्वजनिक तौर पर अपने पिता के प्रति आभार जताया है। साल 2007 में रेडियो डेल प्लाता को दिए एक इंटरव्यू में मेस्सी ने बताया था कि बार्सिलोना पहुंचने के शुरुआती दिनों में जब वे अपने कमरे में अकेले रोया करते थे, तो उनके पिता भी अक्सर उनसे छिपकर वैसा ही करते थे — यह जानते हुए भी कि बेटा उन्हें नहीं देख रहा। यह वाकया दिखाता है कि जॉर्ज सिर्फ एक कड़क मैनेजर या एजेंट नहीं थे, बल्कि अपने बेटे के हर दर्द और संघर्ष को गहराई से महसूस करने वाले पिता भी थे।
मेस्सी ने कई बार यह भी कहा है कि किसी भी मैच के बाद सबसे पहले वे अपने पिता की राय जानना चाहते थे। बचपन से लेकर दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉलर बनने तक, जॉर्ज की मंजूरी और सलाह हमेशा उनके लिए मायने रखती रही। एक इंटरव्यू में खुद जॉर्ज ने भी कहा था कि भले ही लियोनेल आज दुनिया के सबसे बड़े खिलाड़ी बन चुके हों, फिर भी वे कभी यह नहीं कहते कि वे बड़े हो गए हैं या सबसे अच्छे खिलाड़ी हैं — वे आज भी अपने पिता की बात उतनी ही गंभीरता से सुनते हैं, जितना बचपन में ग्रांडोली क्लब में कोचिंग के दौरान सुनते थे।
फुटबॉल जगत से आ रही श्रद्धांजलियां
जॉर्ज मेस्सी के निधन की खबर सामने आते ही फुटबॉल जगत से शोक संदेशों का तांता लग गया।
लियोनेल मेस्सी के बचपन के क्लब न्यूवेल्स ओल्ड बॉयज़ ने सोशल मीडिया पर एक भावुक बयान जारी करते हुए लिखा कि जॉर्ज वह स्तंभ थे जिन्होंने अपनी पत्नी सेलिया के साथ मिलकर, दूरदृष्टि, अनुशासन और स्नेह के साथ इतिहास के सबसे महान खिलाड़ी के करियर को संभाला। क्लब ने उन्हें एक जाने-माने समर्थक और व्यवसायी बताते हुए गहरे दुख के साथ श्रद्धांजलि दी।
अर्जेंटीना फुटबॉल संघ (AFA) ने भी एक आधिकारिक बयान में जॉर्ज के निधन पर दुख और अफसोस जताया और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम ने भी “Fuerza Leo” (यानी “हिम्मत रखो लियो”) लिखी एक तस्वीर के साथ मेस्सी के प्रति अपना समर्थन जताया।
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इसके अलावा, बार्सिलोना क्लब ने भी एक आधिकारिक बयान जारी कर पूरे बार्सा परिवार की ओर से मेस्सी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की — जो यह दिखाता है कि जॉर्ज सिर्फ मेस्सी परिवार तक सीमित नहीं थे, बल्कि उस क्लब से भी गहराई से जुड़े हुए थे जहां उनके बेटे ने अपने करियर की सबसे शानदार उपलब्धियां हासिल कीं। दक्षिण अमेरिकी फुटबॉल परिसंघ (CONMEBOL) ने भी लियोनेल के प्रति सम्मान और स्नेह के साथ संवेदना व्यक्त की।

जॉर्ज मेस्सी(jorge messi )की विरासत
जॉर्ज मेस्सी की कहानी सिर्फ एक एजेंट या मैनेजर की कहानी नहीं है — यह एक ऐसे पिता की कहानी है जिसने अपने बेटे के सपनों को अपनी जिंदगी का मकसद बना लिया। रोसारियो की एक साधारण फैक्ट्री में काम करने वाले एक मेहनतकश इंसान से लेकर दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल ब्रांड को संभालने तक का उनका सफर प्रेरणादायक है।
उन्होंने न सिर्फ लियोनेल मेस्सी को बार्सिलोना पहुंचाया, बल्कि उनके पूरे करियर के दौरान कॉन्ट्रैक्ट्स, स्पॉन्सरशिप्स और बिजनेस डील्स को इतनी बारीकी से संभाला कि मेस्सी सिर्फ मैदान पर अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर पाए। यही वजह है कि आज मेस्सी को न सिर्फ इतिहास के सबसे महान फुटबॉलरों में गिना जाता है, बल्कि वे दुनिया के सबसे बड़े और सबसे भरोसेमंद स्पोर्ट्स ब्रांड्स में से एक भी हैं।
जॉर्ज के निधन के साथ फुटबॉल जगत ने एक ऐसे शख्स को खो दिया है, जिसने पर्दे के पीछे रहते हुए भी खेल के इतिहास की सबसे बड़ी कहानियों में से एक को आकार दिया। भले ही वे कभी हेडलाइंस में रहना पसंद नहीं करते थे, लेकिन उनकी भूमिका को न तो नजरअंदाज किया जा सकता है और न ही भुलाया जा सकता है।

इस मुश्किल घड़ी में परिवार
फिलहाल मेस्सी परिवार की ओर से अंतिम संस्कार से जुड़ी औपचारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। लियोनेल मेस्सी, जो हाल ही में वर्ल्ड कप के बाद अपने क्लब इंटर मियामी के साथ फिर से खेलना शुरू कर चुके थे, इस मुश्किल घड़ी में परिवार के साथ समय बिता रहे हैं। यह देखना बाकी है कि आने वाले दिनों में मेस्सी अपने अगले मैचों में मैदान पर कब लौटते हैं, लेकिन फिलहाल पूरी फुटबॉल दुनिया की निगाहें और दुआएं मेस्सी परिवार के साथ हैं।
जॉर्ज मेस्सी का निधन सिर्फ एक पारिवारिक क्षति नहीं, बल्कि पूरे फुटबॉल जगत के लिए एक भावुक पल है। एक साधारण से शहर रोसारियो से निकलकर दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल सितारे के पिता और मार्गदर्शक बनने तक का उनका सफर यह साबित करता है कि हर महान खिलाड़ी के पीछे एक ऐसा शख्स जरूर होता है, जो बिना किसी श्रेय की चाह के, चुपचाप उसकी सफलता की नींव रखता है। जॉर्ज मेस्सी हमेशा उस नींव का सबसे मजबूत पत्थर बने रहेंगे, जिस पर लियोनेल मेस्सी का ऐतिहासिक करियर खड़ा हुआ।
जॉर्ज मेस्सी की कहानी हमें सिखाती है कि हर बड़ी सफलता के पीछे एक अनदेखा हीरो होता है। इस लेख को शेयर करें और मेस्सी परिवार के प्रति अपनी संवेदना कमेंट में व्यक्त करें।