AB de Villiers rishabh pant,श्रीलंका टेस्ट सीरीज़ के लिए भारतीय स्क्वॉड में रिषभ पंत की वापसी पर AB de Villiers ने जताई हैरानी। जानें फिटनेस को लेकर उनकी चिंता, सारांश जैन की प्रेरक कहानी और पूरा स्क्वॉड।

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AB de Villiers ने बताया, क्यों चौंकाने वाला था रिषभ पंत का इंडिया टेस्ट स्क्वॉड में चयन
भारतीय क्रिकेट में हर स्क्वॉड अनाउंसमेंट के साथ बहस और चर्चाओं का एक नया दौर शुरू हो जाता है। इस बार मामला थोड़ा अलग था, क्योंकि टिप्पणी करने वाले खुद दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज पूर्व कप्तान AB de Villiers थे। श्रीलंका दौरे के लिए भारत की टेस्ट टीम का ऐलान होते ही, डिविलियर्स ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक विस्तृत विश्लेषण में स्क्वॉड की हर बड़ी चॉइस पर अपनी राय रखी। लेकिन जिस एक नाम ने उन्हें सबसे ज्यादा हैरान किया, वो था भारत के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज़ रिषभ पंत का नाम।
बीसीसीआई ने मंगलवार, 28 जुलाई को श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान किया, जिसकी कमान शुभमन गिल के हाथों में सौंपी गई है। इस स्क्वॉड में रिषभ पंत की वापसी तो हुई, लेकिन इसके साथ ही एक और चौंकाने वाला नाम भी शामिल था — 33 वर्षीय ऑफ स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन, जिन्हें उनके पहले इंटरनेशनल कॉल-अप से नवाज़ा गया। इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे कि आखिर डिविलियर्स को पंत के चयन पर हैरानी क्यों हुई, उन्होंने क्या कहा, पंत का हाल का फॉर्म कैसा रहा है, सारांश जैन की कहानी क्या है, और आने वाली सीरीज़ को लेकर पूरी जानकारी।
AB de Villiers ने आखिर क्या कहा?
डिविलियर्स, जो खुद अपने खेल के दिनों में जर्सी नंबर 17 पहनते थे — ठीक वही नंबर जो आज रिषभ पंत पहनते हैं — हमेशा से पंत के बड़े फैन रहे हैं। लेकिन इस बार उन्होंने साफ तौर पर स्वीकार किया कि पंत का टेस्ट स्क्वॉड में शामिल होना उनके लिए एक हल्का सा आश्चर्य था। अपने चैनल पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पंत का स्क्वॉड में होना उनकी नज़र में थोड़ा सरप्राइज़िंग है, और उन्हें यह देखना होगा कि पंत की फिटनेस कैसी है और मैदान पर परफॉर्म करने की उनकी भूख किस स्तर की है, क्योंकि आईपीएल के दौरान वे थोड़े कम कॉन्फिडेंस और कम एनर्जी के साथ खेलते नज़र आए थे।
यह टिप्पणी इसलिए भी अहम है क्योंकि डिविलियर्स सिर्फ आलोचना करने के लिए नहीं जाने जाते — वे अक्सर संतुलित राय रखते हैं। इसी वजह से उन्होंने तुरंत अपनी बात में यह भी जोड़ा कि भारत के लिए फिर से खेलना पंत के अंदर के बेस्ट वर्जन को बाहर लाएगा। उन्होंने कहा कि वे पंत के बड़े फैन हैं और उन्हें उम्मीद है कि नंबर 17 अपनी पुरानी इंटेंसिटी के साथ मैदान पर उतरेगा।
यानी डिविलियर्स की राय दो हिस्सों में बंटी हुई थी — एक तरफ फिटनेस और फॉर्म को लेकर सतर्कता, तो दूसरी तरफ पंत की काबिलियत और इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी पर खेल के प्रति उनके जुनून पर भरोसा।
पंत का हाल का फॉर्म और आईपीएल 2026 का सफर
डिविलियर्स की चिंता की जड़ रिषभ पंत के आईपीएल 2026 सीज़न के प्रदर्शन में छिपी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंत इस सीज़न अपनी आक्रामक और ऊर्जावान बल्लेबाज़ी शैली से थोड़े दूर नज़र आए, और उनके खेल में वह पुरानी धार गायब सी दिखी जिसके लिए वे मशहूर रहे हैं। यह बात ध्यान देने वाली है क्योंकि पंत हमेशा से एक ऐसे बल्लेबाज़ रहे हैं जो मैच का रुख अकेले पलटने की क्षमता रखते हैं — चाहे टेस्ट क्रिकेट हो या टी20।
रोचक बात यह है कि पंत हाल के महीनों में भारत के सफेद गेंद के दस्तों से बाहर रहे हैं। जून में अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज़ और जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ विदेशी वनडे सीरीज़ के लिए उन्हें टीम में जगह नहीं मिली थी। यानी सफेद गेंद क्रिकेट में चयनकर्ताओं की योजनाओं में पंत फिलहाल फिट नहीं बैठ रहे।
हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में तस्वीर बिल्कुल अलग है। पंत का आखिरी इंटरनेशनल मैच जून 2026 में न्यू चंडीगढ़ में अफगानिस्तान के खिलाफ खेला गया वन-ऑफ टेस्ट था, जिसमें उन्होंने पहली पारी में शानदार 81 रन बनाए थे। यह एक प्रभावशाली प्रदर्शन था, और इसी वजह से कई फैंस और विशेषज्ञों को लगा कि उनका टेस्ट टीम में चुना जाना स्वाभाविक ही था। लेकिन डिविलियर्स जैसे अनुभवी पूर्व खिलाड़ी की नज़र सिर्फ स्कोरबोर्ड तक सीमित नहीं होती — वे शरीर की भाषा, फिटनेस लेवल और मैदान पर ऊर्जा को भी उतनी ही अहमियत देते हैं, और शायद यही वजह रही कि आईपीएल के दौरान दिखी सुस्ती ने उन्हें चौंका दिया।
पंत भारत के टेस्ट क्रिकेट में पहली पसंद के विकेटकीपर माने जाते हैं, और उनकी उम्र फिलहाल 28 वर्ष है। ऐसे में उनसे अभी लंबे समय तक भारतीय टीम की रीढ़ बने रहने की उम्मीद की जाती है। यही वजह है कि उनकी फिटनेस और फॉर्म को लेकर हर छोटी टिप्पणी भी बड़ी चर्चा का विषय बन जाती है।
सारांश जैन: 11 साल के इंतज़ार के बाद मिला मौका
अगर पंत के चयन ने हल्की हैरानी पैदा की, तो सारांश जैन के चयन ने डिविलियर्स को असल में सबसे ज्यादा उत्साहित किया। उन्होंने इसे स्क्वॉड की सबसे बड़ी और सबसे प्रेरणादायक कहानी बताया।
सारांश जैन का जन्म 31 मार्च 1993 को मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ था। वे बाएं हाथ के निचले क्रम के बल्लेबाज़ हैं और दाएं हाथ से ऑफ स्पिन गेंदबाज़ी करते हैं। उन्होंने दिसंबर 2014 में मध्य प्रदेश के लिए फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया था, यानी भारतीय टीम में जगह बनाने से पहले उन्हें करीब 11 साल का लंबा इंतज़ार करना पड़ा।
उनकी कहानी सिर्फ आंकड़ों की नहीं, बल्कि जज़्बे की भी है। फर्स्ट-क्लास डेब्यू के कुछ ही समय बाद उनके पिता सुबोध जैन को मुंह के कैंसर का पता चला, जिसकी वजह से क्रिकेट अस्थायी तौर पर पीछे छूट गया। लेकिन सुबोध जैन ने ही अपने बेटे को वापस मैदान पर भेजा। सर्जरी के बाद बोल पाने में असमर्थ होने के कारण उन्होंने एक कागज़ पर लिखकर अपने बेटे को हौसला दिया कि वे अब ठीक हैं और अगर बेटा अच्छा खेलेगा तो वे और जल्दी ठीक हो जाएंगे। सारांश आज भी उस नोट की तस्वीर अपने फोन में रखते हैं, और जब भी मोटिवेशन की कमी महसूस होती है, उसे देख लेते हैं।
गौरतलब है कि खुद सुबोध जैन भी दाएं हाथ के ऑफ स्पिनर थे और मध्य प्रदेश के लिए नौ रणजी ट्रॉफी मैच खेल चुके थे, हालांकि उन्हें कभी इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने का मौका नहीं मिला।
करियर के शुरुआती वर्षों में सारांश को बहुत ज्यादा मौके नहीं मिले — डेब्यू से लेकर 2022 तक उन्होंने सिर्फ आठ रेड-बॉल मैच खेले। उनकी किस्मत तब बदली जब अनुभवी कोच चंद्रकांत पंडित मध्य प्रदेश के हेड कोच बने और उन्होंने सारांश को टीम में निरंतरता के साथ मौके देना शुरू किया। इसी दौर में सारांश ने 2022 में मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक पहली रणजी ट्रॉफी जीत में अहम भूमिका निभाई।
पिछले कुछ वर्षों में उनका फर्स्ट-क्लास रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक 181 फर्स्ट-क्लास विकेट लिए हैं और 2,223 रन बनाए हैं, जो उन्हें एक सच्चे “यूटिलिटी” ऑलराउंडर की श्रेणी में रखता है। वे मध्य प्रदेश, सेंट्रल ज़ोन और रेस्ट ऑफ इंडिया जैसी टीमों के लिए एक भरोसेमंद खिलाड़ी रहे हैं। 2025-26 सीज़न में उन्होंने एक 12-महीने की अवधि में 300 रन और 40 विकेट का दुर्लभ डबल पूरा किया, जो उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल करता है
जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। इसके अलावा उन्होंने सेंट्रल ज़ोन को करीब 11 साल बाद पहला डुलीप ट्रॉफी खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। गौरतलब है कि सारांश को स्क्वॉड में जगह वॉशिंगटन सुंदर की चोट के कारण खाली हुई जगह पर मिली है। सुंदर इस सीरीज़ के लिए उपलब्ध नहीं थे, और सारांश को उनके सीधे विकल्प के तौर पर चुना गया है, क्योंकि दोनों की भूमिका — ऑफ स्पिन गेंदबाज़ी और निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाज़ी — काफी मिलती-जुलती है।
डिविलियर्स ने अपने विश्लेषण में सारांश की बल्लेबाज़ी की भी तारीफ की और बताया कि उन्होंने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में कई अर्धशतक और दो शतक जड़े हैं। उनका मानना है कि सारांश एक बल्लेबाज़ी ऑलराउंडर से ज़्यादा एक बॉलिंग ऑलराउंडर की भूमिका के लिए बेहतर सूट करते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव जैसे स्पिनरों के साथ सारांश की मौजूदगी टीम को विविधता देती है, खासकर तब जब सामने बाएं हाथ के बल्लेबाज़ हों।
Rishabh pant vs sri lanka

भारत का पूरा स्क्वॉड श्रीलंका टेस्ट सीरीज़
India vs Sri Lanka test series,
आइए एक नज़र डालते हैं श्रीलंका दौरे के लिए बीसीसीआई द्वारा घोषित पूरी 15 सदस्यीय टीम पर:
बल्लेबाज़ और ऑलराउंडर: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल, रवींद्र जडेजा, सारांश जैन
विकेटकीपर: रिषभ पंत, ध्रुव जुरेल
गेंदबाज़: जसप्रीत बुमराह (फिटनेस मंज़ूरी के अधीन), मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, गुरनूर बराड़
इस स्क्वॉड में एक बात साफ नज़र आती है — टीम मैनेजमेंट ने एक अनुभवी कोर के साथ-साथ नई प्रतिभाओं को भी मौका दिया है। शुभमन गिल की कप्तानी में यह टीम भारतीय क्रिकेट के अगले दौर की झलक भी पेश करती है, जहां युवा खिलाड़ियों को ज़िम्मेदारी सौंपी जा रही है।
सीरीज़ का शेड्यूल और ऐतिहासिक महत्व
भारत का यह श्रीलंका दौरा 2025-27 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) साइकल का हिस्सा है, और इसमें दो टेस्ट मैच खेले जाएंगे।
- पहला टेस्ट: गॉल में, 15 से 19 अगस्त तक
- दूसरा टेस्ट: सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) में, 23 से 27 अगस्त तक
यह दौरा भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि भारत ने आखिरी बार 2017 में श्रीलंका में टेस्ट सीरीज़ खेली थी, जब विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने मेज़बान टीम का 3-0 से क्लीन स्वीप किया था। यानी करीब नौ साल बाद भारतीय टीम एक बार फिर श्रीलंकाई सरज़मीं पर टेस्ट क्रिकेट खेलती नज़र आएगी, और इस बार कमान एक नई पीढ़ी के हाथों में है।
जसप्रीत बुमराह की फिटनेस पर भी नज़र
स्क्वॉड में एक और अहम बात यह है कि तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह का चयन फिटनेस मंज़ूरी के अधीन रखा गया है। बुमराह भारतीय गेंदबाज़ी आक्रमण के सबसे अहम हथियार माने जाते हैं, और उनकी उपलब्धता को लेकर हमेशा सतर्कता बरती जाती है, क्योंकि हाल के वर्षों में उन्हें पीठ की चोट सहित कई शारीरिक समस्याओं से जूझना पड़ा है। अगर वे फिट साबित होते हैं, तो श्रीलंका की परिस्थितियों में उनकी मौजूदगी भारतीय गेंदबाज़ी को एक अलग ही धार देगी।
डिविलियर्स और पंत का पुराना रिश्ता
यह समझना भी दिलचस्प है कि डिविलियर्स और पंत का रिश्ता सिर्फ इस एक टिप्पणी तक सीमित नहीं है। दोनों के बीच एक खास कनेक्शन रहा है, जो जर्सी नंबर 17 से जुड़ा है — यह नंबर डिविलियर्स कभी दक्षिण अफ्रीका और आरसीबी के लिए पहनते थे, और आज पंत भी वही नंबर पहनते हैं।
अतीत में भी डिविलियर्स ने कई मौकों पर पंत की जमकर तारीफ की है। जब 2022 की भीषण कार दुर्घटना के बाद पंत ने आईपीएल 2024 में वापसी की थी, तब डिविलियर्स ने अपने चैनल पर खुलकर खुशी जताई थी और भरोसा जताया था कि पंत उस सीज़न में शतक जड़ेंगे। इसके अलावा, इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट में पंत और रवींद्र जडेजा की 222 रन की साझेदारी को डिविलियर्स ने टेस्ट क्रिकेट में देखी गई सबसे बेहतरीन काउंटर-अटैकिंग साझेदारियों में से एक बताया था।
यहां तक कि खुद पंत भी डिविलियर्स को अपना आदर्श मानते रहे हैं। अंडर-19 विश्व कप के दौरान एक मैच में जब पंत तेज़ पचासा बनाने के करीब पहुंचे, तो उनका लक्ष्य डिविलियर्स के सबसे तेज़ वनडे शतक (31 गेंदों में) के रिकॉर्ड को तोड़ना था, हालांकि वे उस कोशिश में आउट हो गए थे। यानी यह रिश्ता सिर्फ पेशेवर सम्मान का नहीं, बल्कि एक तरह की आपसी प्रशंसा और प्रेरणा का भी है। यही वजह है कि जब डिविलियर्स जैसे शख्स पंत की फिटनेस को लेकर सवाल उठाते हैं, तो उसे नज़रअंदाज़ करना मुश्किल हो जाता है — क्योंकि यह आलोचना दुश्मनी से नहीं, बल्कि सच्ची फिक्र और उम्मीद से निकलती है।
विशेषज्ञों और फैंस की प्रतिक्रिया
पंत की वापसी को लेकर आम तौर पर भारतीय फैंस और विशेषज्ञों में उत्साह देखा गया है, खासकर इसलिए क्योंकि अफगानिस्तान के खिलाफ उनकी 81 रन की पारी ने यह साबित किया था कि वे टेस्ट फॉर्मेट में अब भी पूरी तरह से प्रभावी हैं। लेकिन डिविलियर्स की टिप्पणी इस बात की याद दिलाती है कि सिर्फ एक अच्छी पारी से पूरी तस्वीर साफ नहीं होती — निरंतरता, फिटनेस और मानसिक ऊर्जा भी उतनी ही अहम होती है, खासकर विकेटकीपिंग जैसी शारीरिक रूप से थका देने वाली भूमिका में।
कुल मिलाकर, AB de Villiers की यह टिप्पणी सिर्फ आलोचना नहीं, बल्कि एक संतुलित और ईमानदार विश्लेषण है। उन्होंने साफ तौर पर स्वीकार किया कि रिषभ पंत का टेस्ट स्क्वॉड में शामिल होना उनके लिए हल्की सी हैरानी की बात थी, क्योंकि आईपीएल के दौरान पंत अपनी सामान्य ऊर्जा और आत्मविश्वास से थोड़े दूर नज़र आए थे। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि भारत के लिए खेलना पंत को फिर से उनकी सबसे बेहतरीन फॉर्म में वापस ला सकता है।
दूसरी तरफ, सारांश जैन का चयन इस स्क्वॉड की सबसे भावुक और प्रेरणादायक कहानी बनकर उभरा है — एक ऐसा खिलाड़ी जिसने 11 साल तक घरेलू क्रिकेट में निरंतर मेहनत की, पारिवारिक मुश्किलों का सामना किया, और आखिरकार 33 साल की उम्र में अपने और अपने पिता के सपने को पूरा होते देखा।
अब सबकी निगाहें 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाले पहले टेस्ट पर टिकी होंगी, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि रिषभ पंत अपनी बल्लेबाज़ी और विकेटकीपिंग से डिविलियर्स की चिंताओं को गलत साबित करते हैं या नहीं, और सारांश जैन अपने पहले इंटरनेशनल मौके को कैसे भुनाते हैं। एक बात तो तय है — यह सीरीज़ भारतीय क्रिकेट के लिए अनुभव और नई प्रतिभा के मेल का एक दिलचस्प इम्तिहान साबित होगी।
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